Betul News : धान खरीदी के फर्जी पंजीयनों पर प्रशासन की गाज, चार पर एफआईआर

सांझवीर की खबर के बाद कलेक्टर ने पकड़ी अनियमित्ता, दो को नोटिस
Betul News : बैतूल। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की शुरुआत होते ही फर्जी पंजीयनों के जरिए सरकारी व्यवस्था और किसानों को चूना लगाने की तैयारी कर रहे व्यापारियों और दलालों के गठजोड़ को कड़ा झटका लगा है। कलेक्टर के निर्देश पर चार फर्जी पंजीयन पकड़ में आये हैं जिसके बाद पंजीयन करवाने वालो के खिलाफ एफआईआर की गई है तो वहीं दो राजस्व अधिकारियों को नोटिस जारी किए गए हैं। जिले में बड़ी संख्या में ऐसे मामले सामने आ रहे थे, जिनमें फर्जी सिकमी (बटाई) पंजीकरण के माध्यम से असली किसानों के नाम पर खरीफ उपज बेचने की तैयारी की जा रही थी।
इस पूरे मामले का खुलासा सबसे पहले सांझवीर की प्रमुख खबर के बाद हुआ, जिसके बाद प्रशासन तुरंत हरकत में आया और इस दिशा में कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने सख्त कदम उठाए हैं।अब पूरी जांच पड़ताल के बाद ही सिकमी पँजियनो के आधार पर समर्थन मूल्य में उपज बेची जा सकेगी। उम्मीद है कि धरातल पर काम कर रहा राजस्व विभाग अब पूरी ईमानदारी के साथ किसानों के हित मे काम करेगा।
पकड़ में आए चार पंजीयन, हुई एफआईआर
जिले की निर्धारित 56 समितियों की समीक्षा के दौरान दो समितियों में गड़बड़ी पाई गई। कलेक्टर ने तत्काल एसडीएम भैंसदेही और तहसीलदार भीमपुर को जांच सौंपकर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। जांच में सामने आया कि ग्राम बांटलाकलां (भैंसदेही) निवासी कृतिका धाड़से, रैयतदादु (चिचोली) निवासी भावेश धाड़से और मीनाक्षी धाड़से,इन तीनों ने बिना सिकमी पंजीयन कराया था। वहीं ग्राम जामझीरी (भैंसदेही) निवासी सहादेव माकोड़े द्वारा योजना शुरू होने से पहले नियमविरुद्ध पंजीयन कराया गया। वास्तविक भूमि स्वामियों ने स्पष्ट बताया कि वे स्वयं अपनी भूमि पर खेती कर रहे हैं और किसी को ठेका या बटाई पर भूमि नहीं दी है। इससे यह प्रमाणित हुआ कि योजना का लाभ गैरकानूनी ढंग से लेने की मंशा से पंजीयन कराया गया था।
भुगतान पर रोक, दो राजस्व अधिकारियों को नोटिस
कलेक्टर की सजगता और तत्परता से शासन को आर्थिक नुकसान होने से बचा लिया गया। उन्होंने चारों व्यक्तियों के विरुद्ध तत्काल पुलिस अधीक्षक से चर्चा कर एफआईआर करवाई बल्कि चारों के भुगतान पर भी रोक लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने पंजीयन सत्यापन में लापरवाही पाए जाने पर तहसीलदार भीमपुर और नायब तहसीलदार झल्लार को नोटिस जारी कर जवाब-तलब भी किया हैं।
फर्जी निकले पंजीयन, तो नहीं बिकेगी उपज
प्राप्त जानकारी के मुताबिक कलेक्टर के निर्देश पर जिले की सभी तहसीलों में सिकमी यानी बटाई के आधार पर किए गए पंजीयनों की व्यापक जांच शुरू कर दी गई है। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक इन पंजीयनों का सत्यापन नहीं हो जाता, तब तक ऐसे किसानों को धान खरीदी का स्लॉट बुक नहीं किया जाएगा और न ही समर्थन मूल्य पर उपज की बिक्री की अनुमति मिलेगी। सत्यापन प्रक्रिया के लिए तहसीलदारों के नेतृत्व में राजस्व अमले की विशेष टीमें गठित की गई हैं।
ये टीमें पंजीयन पर दर्शाए गए किसानों और बटाईदारों के नाम, कृषि भूमि के दस्तावेज, गिरदावरी और अन्य उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर जांच कर रही हैं। गौरतलब है कि, किसानों को उनकी उपज की सही कीमत मिले इसके लिए सरकार समर्थन मूल्य की खरीदी योजना चला रही है। लेकिन इस योजना की आड़ में कुछ व्यापारी, और दलालों के गठ जोड़ फर्जी पंजीयन करवाकर खुले बाजार से कम दामो में उपज खरीदकर इसे सरकारी कीमत में बेचकर मुनाफा कमाने और सरकार को चुना लगाने के प्रयास करने से नहीं चूकते।
पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होने की उम्मीद
प्रशासनिक सूत्रों का मानना है कि यदि समय पर सख्ती नहीं बरती जाती, तो व्यापारियों व दलालों की मिलीभगत से फर्जी सिकमी पंजीयनों के आधार पर धान खरीदी केंद्रों में भारी स्तर पर अनियमितताएं सामने आ सकती थीं। इससे न केवल वास्तविक किसानों को नुकसान होता बल्कि सरकार को भी राजस्व का बड़ा घाटा उठाना पड़ता। इस कार्रवाई के बाद अब धान खरीदी केंद्रों पर पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होने की उम्मीद है गौरतलब है कि फर्जी पंजीयन का यह मामला सामने आने के बाद सांझवीर ने किसानों और शासन के हित में विस्तृत समाचार प्रकाशित किया था, जिसमें इस अनियमितता और संभावित घोटाले की ओर ध्यान आकृष्ट किया गया था। समाचार के बाद किसानों और सामाजिक संगठनों ने भी प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की थी। संपूर्ण घटनाक्रम के बाद जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे त्वरित और कठोर कदमों से किसानों में संतोष देखा जा रहा है। अब उम्मीद की जा रही है कि सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद केवल पात्र किसान ही समर्थन मूल्य पर अपनी उपज बेच सकेंगे और खरीदी व्यवस्था पारदर्शी रूप से संचालित होगी।
इनका कहना…
प्रशासन के निर्देश पर सभी तहसीलों में सिकवी पँजियनो की जांच शुरू कर दी गई है। जांच होने के बाद ही स्लाट बुक किये जायेंगे।
ममता सिरसाम, सहायक खाद्य अधिकारी बैतूल




