Betul Samachar: बैतूल में जांच रिपोर्ट जमीन खा रही या आसमान निगल रहा?

कलेक्टर दे रहे जांच के निर्देश और अधिकारी गुमराह करने का हवाला, अधिकारियों को अभयदान 

Betul Samachar: बैतूल। बैतूल के अधिकारी अजब है, गजब है, यह बात नई नहीं है। आए दिनों पर सोशल मीडिया पर अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठते रहे हैं,लेकिन काम करने का ढर्रा आज तक नहीं बदला। ताजा मामला जिला मुख्यालय पर दो महत्वपूर्ण जांच रिपोर्ट के गायब होने को लेकर सुर्खियां बटोर रही है। इससे कहीं न कहीं अधिकारियों की मंशा पर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। जिन दो मामलों को लेकर चर्चा की जा रही है। इनमें से एक मामला आम लोगों से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा केवल जांच रिपोर्ट तक सीमित रहने से वरिष्ठ अधिकारी भी कटघरे में आ खड़े हुए हैं।

जिले में लापरवाह तंत्र पर नकेल कसने के लिए कलेक्टर ने अधीनस्थों को जांच के निर्देश दिए हैं। उनके निर्देश पर कितना अमल होता है। यह कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी से अच्छा कोई नहीं जान सकता है। भले ही वे टीएल की बैठक और अन्य मौकों पर इस लापरवाही के खिलाफ अधिकारियों पर सार्वजनिक नाराजगी जाहिर करते हैं, लेकिन कुछ को छोड़कर अधिकांश अपने काम के ढर्रें में बदलाव नहीं कर रहे हैं।

खासकर उन अधिकारियों जिनके कांधों पर महत्वपूर्ण जवाबदारी है वे ही ऐसे मामलों में जमकर लापरवाही बरत रहे हैं। इसी वजह कलेक्टर द्वारा सौंपी गई जांच रिपोर्ट फाइलों में ही बंद होकर रह गई है। इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं चल रही है, लेकिन आज तक गुमराह करने के अलावा रिपोर्ट को लेकर कुछ नहीं कहा जा रहा है। जनप्रतिनिधियों की भी इस मामले में पूरी तरह से चुप्पी है। बताया जा रहा है कि उन्हें भी अधिकारियों ने गुमराह करने वाली जानकारी दे रखी है। यही वजह है कि मामला सार्वजनिक नहीं हो पाया।

 ट्रेचिंग ग्राउंड की रिपोर्ट पर अधिकारियों में तालमेल नहीं

बैतूल नगरपालिका के अधिपत्य वाले गौठाना ट्रेचिंग ग्राउंड में कचरा निष्पादन को लेकर तथाकथित घोटाले की जांच के लिए कलेक्टर ने एसडीएम अभिजीत सिंह के नेतृत्व में जांच टीम बनाई थी। इस टीम के द्वारा करीब 25 दिन पहले यह रिपोर्ट कलेक्टर को सौंप दी है। इधर कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने मीडिया से अनौपचारिक चर्चा में स्पष्ट कर दिया कि उन्हें रिपोर्ट सौंपने संबंधित कोई जानकारी नहीं मिली है। आज तक यह रिपोर्ट उन्हें नहीं सौंपी गई है। सवाल यह है कि दो प्रमुख अधिकारियों के बीच इस घोटाले को लेकर जिस तरह की परिस्थिति सामने आई है उससे जांच पर ही सवाल उठने लगे हैं।

सबसे बड़ी बात यह है कि कचरा प्रोसेङ्क्षसंग का प्लांट इसी जांच के सार्वजनिक न होने से बंद पड़ा है। यदि जांच रिपोर्ट में फर्जीवाड़ा उजागर हुआ तो दोषियों पर कार्रवाई तय मानी जा रही है, लेकिन इस महत्वपूर्ण मामले में जांच रिपोर्ट जमीन खा रही या आसमान निगल रहा की तर्ज पर सार्वजनिक तक नहीं की गई है। जबकि पांच करोड़ का टेंडर नपा ने जारी किया था और आज शहर का कचरा एकत्रित होकर ट्रेचिंग ग्राउंड पर पहाड़ बन गया है। जांच रिपोर्ट दब जाने के कारण कईतरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। इस बारे में एसडीएम अभिजीत सिंह को काल किया, लेकिन उन्होंने रिसीव नहीं किया।

डॉ धाकड़ की जांच रिपोर्ट फाइलों में दफन

दूसरा मामला करीब ढाई माह पहले जिला अस्पताल में सुर्खियों में आया था। दरअसल एक प्रसूता की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। परिजनों का आरोप था कि जिला अस्पताल की महिला डॉ वंदना धाकड़ ने रुपए की मांग की थी। जांच में लापरवाही के कारण प्रसूता हुई। इसके बाद परिजनों ने अस्पताल के पास मुख्य सड़क पर जाम लगा दिया।

संयोगवश उसी दिन प्रभारी मंत्री जिले के प्रवास पर थे। जब उन्हें इस बात की जानकारी लगी तो परिजनों से चर्चा कर कलेक्टर को मामले में जांच के निर्देश दिए थे। हद तो यह हो गई कि प्रभारी मंत्री के निर्देश पर कलेक्टर ने जिन अधिकारियों से जांच कराई है वे रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपने की जानकारी सामने आई है। मीडियाकर्मी रिपोर्ट को लेकर लगातार अधिकारियों से संपर्क कर रहे हैं पर उन्हें गुमराह किया जा रहा है। इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि प्रभारी मंत्री के निर्देश भी बैतूल के अधिकारियों के लिए कोई मायने नहीं रखते।

इनका कहना…….

जांच रिपोर्ट के संबंध में मुझे जानकारी नहीं है। एसडीएम से टे्रचिंग रिपोर्ट के बारे में चर्चा कर ही कुछ बता पाऊंगा।

नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी, कलेक्टर बैतूल 

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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