Betul Ki Khabar: मुल्ला पेट्रोल पंप चौराहे पर लगा फव्वारा, जो कभी शुरू ही नहीं हुआ
Betul Ki Khabar: The fountain installed at Mulla Petrol Pump crossing, which never started

नपा द्वारा लाखों रुपए की बर्बादी के नायाब नमूने
Betul Ki Khabar: बैतूल। नगर पालिका परिषद द्वारा शहर को सुंदर बनाने के नाम पर किए गए कई कार्य जनता के पैसों की बर्बादी साबित हो रहे हैं। चौक-चौराहों की सजावट और सौंदर्यीकरण के लिए लाखों रुपए खर्च किए गए, लेकिन इनका धरातल पर कोई लाभ नजर नहीं आता। मुल्ला पेट्रोल पंप चौराहे पर बना फव्वारा इसका एक जीवंत उदाहरण है। यह फव्वारा न केवल जनता के खून-पसीने की कमाई को डुबो गया, बल्कि आज यातायात व्यवस्था में बाधा का कारण भी बन चुका है।
दरअसल कुछ वर्ष पूर्व मुख्यमंत्री अधोसंरचना योजना के तहत मुल्ला पेट्रोल पंप से हाथी नाले तक टू-लेन सड़क का निर्माण किया गया था। इसके बाद नपा ने चौराहे पर तिकोना चबूतरा बनाकर उस पर फव्वारा और रंगीन लाइटिंग की व्यवस्था की। इस पूरे काम पर करीब ढाई लाख रुपए खर्च किए गए। उस समय दावा किया गया था कि यह फव्वारा चौराहे की खूबसूरती बढ़ाएगा और रात में रंगीन लाइटिंग लोगों को आकर्षित करेगी, लेकिन विडंबना यह रही कि यह फव्वारा कभी चालू ही नहीं हुआ। आज तक न तो किसी ने पानी की धारें उठती देखीं और न ही रंगीन लाइटें चमकती नजर आईं। स्थानीय व्यापारियों और राहगीरों का कहना है कि ऐसे प्रोजेक्ट सिर्फ कमीशनखोरी के मकसद से खड़े किए जाते हैं और आम जनता की मेहनत की कमाई पानी की तरह बहा दी जाती है।
बेतरतीब चबूतरे से यातायात भी बाधित
फव्वारे से जुड़ी एक और समस्या यह है कि जिस तिकोने चबूतरे पर इसे बनाया गया, उसने सड़क का बड़ा हिस्सा घेर लिया। करीब 10 फीट लंबे और 5 से 7 फीट चौड़े इस चबूतरे की ऊंचाई भी अधिक है, जिससे यातायात प्रभावित हो रहा है। गंज की ओर से आने वाले वाहन चालकों को बस स्टैंड की तरफ से आ रहे वाहन नजर नहीं आते, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि यदि इस चबूतरे को छोटा या पूरी तरह हटा दिया जाए तो सड़क चौड़ी हो जाएगी और यातायात सुगम होगा।
लगातर उजागर होगी पैसों की बर्बादी की दास्तान
सांझवीर टाईम्स की इस मुहिम का उद्देश्य ऐसे मामलों को उजागर करना है, जिससे जनता को यह समझ आ सके कि सौंदर्यीकरण और विकास के नाम पर कैसे नपा द्वारा स्वहित साधा जा रहा है। मुल्ला पेट्रोल पंप चौराहे का फव्वारा केवल एक उदाहरण है, शहर में ऐसे कई नमूने मौजूद हैं, जहां जनता का पैसा पानी की तरह बहा दिया गया, लेकिन उसका लाभ कभी नहीं मिला, जिसे एक एक कर सामने लाया जाएगा।
इनका कहना……
अभी मैं मीटिंग में भोपाल आया हूं। इस संबंध में बाद में चर्चा कर पाऊंगा।
सतीष मटसेनिया, सीएमओ, नपा बैतूल




