Dengue Fever: डेंगू पसारने लगा पांव, दो मरीज मिलने से मचा हड़कंप
Dengue Fever: Dengue is spreading, panic created after finding two patients

बारिश में बढ़ने लगा बीमारियों का खतरा, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट
Dengue Fever: बैतूल। बरसात का मौसम जहां राहत लेकर आता है वहीं बीमारियों का खतरा भी तेजी से बढ़ा देता है। इस बार बारिश के साथ ही डेंगू और मलेरिया जैसी गंभीर बीमारियों ने जिले में दस्तक दे दी है। बैतूल जिले में जुलाई माह में डेंगू के दो मरीज सामने आए हैं, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। जिले के बैतूल और मुलताई ब्लॉक से डेंगू के मरीजों की पुष्टि हुई है।
पिछले वर्ष की तुलना में इस बार फिलहाल मरीजों की संख्या कम है, लेकिन स्वास्थ्य अमले की चिंता यह है कि बीमारी तेजी से अपने पांव न पसार ले। स्वास्थ्य विभाग ने जानकारी दी है कि जैसे-जैसे बारिश का असर बढ़ रहा है, वैसे-वैसे डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा भी बढ़ रहा है। बारिश के मौसम में जगह-जगह पानी भरने और मच्छरों की संख्या बढ़ने से संक्रमण फैलने का खतरा अधिक रहता है। यही वजह है कि जिला प्रशासन और स्वास्थ्य महकमा पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है।
मलेरिया के तीन मरीज भी मिले
डेंगू के साथ-साथ जिले में मलेरिया के मामले भी सामने आए हैं। जनवरी से अब तक बैतूल जिले के सेहरा, आमला और घोड़ाडोंगरी क्षेत्र में मलेरिया के तीन मरीज पॉजीटिव मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग ने जानकारी दी है कि एक-एक मरीज अलग-अलग ब्लॉकों से सामने आया है। हालांकि इन मरीजों का समय पर उपचार कर लिया गया है और स्थिति नियंत्रण में है।
बीमारियों पर रोकथाम और शुरुआती स्तर पर पहचान करने के लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार जांच अभियान चला रहा है। विभाग द्वारा अब तक जिले में 1 लाख 43 हजार स्लाइडें बनाई जा चुकी हैं, जिनकी जांच से यह मरीज सामने आए हैं। अधिकारियों का कहना है कि आगे भी बड़े पैमाने पर जांच अभियान जारी रहेगा, ताकि बीमारी फैलने से पहले ही मरीजों का इलाज शुरू किया जा सके।
स्वास्थ्य विभाग ने तेज किए प्रयास
डेंगू और मलेरिया पर नियंत्रण के लिए विभाग ने विशेष अभियान छेड़ दिया है। जगह-जगह फॉगिंग कराई जा रही है, साथ ही स्वास्थ्य कर्मियों को गांव-गांव भेजकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। विभाग के अनुसार, यदि लोग खुद थोड़ी सावधानी बरतें तो बीमारी से बचा जा सकता है। घरों के आसपास पानी जमा न होने दें, कूलर, टंकी और बर्तनों में नियमित रूप से पानी बदलें।
सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें और बच्चों को विशेष सुरक्षा में रखें। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राहत की बात यह है कि पिछले साल की तुलना में इस बार डेंगू और मलेरिया के मरीज कम हैं। हालांकि लापरवाही बरतना भारी पड़ सकता है, इसलिए विभाग ने जनता से अपील की है कि स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें और किसी भी तरह के लक्षण सामने आने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।
बीमारियों ने लोगों की बढ़ाई चिंता
जिले में मरीज मिलने की खबर के बाद लोगों में चिंता का माहौल है। खासतौर पर बरसाती क्षेत्रों में रहने वाले लोग ज्यादा सावधान हो गए हैं। माता-पिता बच्चों को लेकर सबसे ज्यादा चिंतित हैं, क्योंकि बच्चे इन बीमारियों की चपेट में जल्दी आते हैं। बरसात के मौसम में डेंगू और मलेरिया का फैलाव सामान्य बात मानी जाती है, लेकिन शुरुआती स्तर पर रोकथाम और सावधानी से इन पर नियंत्रण पाया जा सकता है। स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन दोनों ही स्तर पर प्रयास तेज कर दिए गए हैं। अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में स्थिति किस ओर जाती है।
इनका कहना
जुलाई माह में डेंगू के दो मरीज सामने आए है, डेंगू की रोकथाम के लिए दवाई का छिड़काव जांच जारी है। लोगों को भी बीमारी को लेकर सावधान रहने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
जितेन्द्र सिंह राजपूत
जिला मलेरिया अधिकारी, बैतूल




