Betul Ki Khabar: कलेक्टर की सूचना पर आधी रात पकड़ी गई खाद से भरी पिकअप कालाबाजारी की आशंका, कृषि विभाग जांच में जुटा
Betul Ki Khabar: On the information of the collector, a pickup full of fertilizer was caught at midnight, suspicion of black marketing, Agriculture Department started investigation

Betul Ki Khabar: बैतूल। जिले में यूरिया खाद की किल्लत झेल रहे किसानों के बीच माफिया द्वारा इसकी कालाबाजारी करने की कोशिशें लगातार सामने आ रही हैं। इस पर नकेल कसने के लिए स्वयं कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी को मोर्चा संभालना पड़ा। मिली जानकारी के अनुसार मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात करीब 3 बजे कलेक्टर को मुखबिर से सूचना मिली कि खाद की एक बड़ी खेप अवैध रूप से परिवहन की जा रही है। कलेक्टर ने तत्काल कृषि विभाग की टीम को रवाना किया।
कृषि अधिकारियों ने ग्राम चुनालोमा के पास घेराबंदी कर खाद से भरी पिकअप को पकड़ा। वाहन मालिक का नाम जगदीश राठौर बताया जा रहा है। जब उससे खाद परिवहन से संबंधित दस्तावेज मांगे गए तो वह कोई वैध प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद वाहन को तत्काल ग्राम पंचायत परिसर में खड़ा करवाया गया और बुधवार सुबह खेड़ी चौकी लाया गया। पिकअप से करीब 60 से 70 बोरियां यूरिया खाद की बरामद हुई हैं।
कृषि अधिकारी एमएस राजपूत ने बताया की रात करीब 4 बजे खाद से भरी पिकअप को जब्त किया गया। अब जांच की जा रही है कि यह खाद कहां से लाई गई थी और कहां सप्लाई की जानी थी। साथ ही इस बात की भी तहकीकात हो रही है कि कहीं अन्य वाहनों से भी अवैध परिवहन तो नहीं किया गया है। यदि ऐसा पाया जाता है तो उनकी भी जब्ती की कार्रवाई की जाएगी।

पिकअप के पीछे सरकारी वाहन होने की भी खबर
सूत्रों का कहना है कि पिकअप के पीछे कुछ अन्य वाहन भी चलते देखे गए थे, जिनमें से एक सरकारी वाहन भी शामिल होने की बात कही जा रही है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि खाद की कालाबाजारी के इस खेल में कुछ बड़े लोग भी शामिल हो सकते हैं। यदि मामले की गहन जांच की गई तो बड़े पैमाने पर कालाबाजारी का पर्दाफाश हो सकता है। गौरतलब है कि इस समय खरीफ सीजन में किसान खाद की कमी से जूझ रहे हैं।
सरकारी वितरण केंद्रों पर लंबी कतारें लगी रहती हैं, लेकिन जरूरत के अनुरूप खाद उपलब्ध नहीं हो पा रही। ऐसे में कालाबाजारी किसानों की मुश्किलें और बढ़ा रही है। कलेक्टर की पहल से हुई इस कार्रवाई ने जिले में सक्रिय खाद माफियाओं में हड़कंप मचा दिया है। अब देखना होगा कि जांच में किस स्तर तक गड़बड़ी सामने आती है और दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है।




