Betul Samachar: जनसुनवाई से नदारद राजस्व अमला, सीईओ आगबबूला
Betul News: Revenue staff absent from public hearing, CEO furious

एसडीएम, तहसीलदार की फोन पर लगा दी क्लास
Betul Samachar: बैतूल। कलेक्ट्रेट कार्यालय के सभा कक्ष में आयोजित जनसुनवाई के दौरान आज मंगलवार को बड़ा हंगामा देखने को मिला। जिला पंचायत सीईओ अक्षत जैन ने राजस्व अमले की अनुपस्थिति पर कड़ी नाराजगी जताई। जनसुनवाई में बड़ी संख्या में शिकायतें राजस्व से संबंधित थी, लेकिन मौके पर न तो कोई राजस्व अधिकारी था और न ही आरआई-पटवारी मौजूद थे। इससे शिकायतकर्ताओं को अपने सवालों के जवाब तक नहीं मिल पा रहे थे।
स्थिति बिगड़ती देख सीईओ का पारा चढ़ गया और उन्होंने तुरंत एसडीएम अभिजीत सिंह को फोन लगाकर जमकर फटकार लगाई। इसके बाद तहसीलदार राजेन्द्र पाठे को भी उन्होंने खरी-खोटी सुनाई। सीईओ के सख्त तेवरों से जनसुनवाई में मौजूद अधिकारी सकते में आ गए। बताया जाता है कि फटकार सुनने के बाद तहसीलदार भागते हुए जनसुनवाई स्थल पर पहुंचे। वहीं, जैसे ही राजस्व अमले को सीईओ की नाराजगी की खबर मिली, मात्र 15 मिनट के भीतर अधिकारी और कर्मचारी जनसुनवाई में उपस्थित हो गए।
जनसुनवाई में जनता की समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों की मौजूदगी अनिवार्य होती है। लेकिन राजस्व अमले की लापरवाही ने व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। सीईओ ने स्पष्ट कहा कि जनसुनवाई को मजाक का मंच नहीं बनाया जा सकता, यहां जनता उम्मीद लेकर आती है और उनकी समस्याओं का समाधान करना ही अधिकारियों की पहली जिम्मेदारी है।
कलेक्टर नरेंद्र कुमार सुर्यवंशी के भी स्पस्ट निर्देश हैं कि, जनसुनवाई के दौरान प्रत्येक विभाग के प्रमुख अधिकारी अनिवार्य रूप से उपस्तिथ रहें। बताया जा रहा है कि, जनसुनवाई में आज कलेक्टर के अनुपस्तिथ होने के चलते राजस्व अधिकारियों ने भी उपस्तिथि को हल्के में ले लिया अगर जनसुनवाई में कलेक्टर मौजूद रहते तो माहौल इससे भी तगड़ा नजर आता।
इस पूरे घटनाक्रम से नसम नागरिको में यह संदेश साफ गया कि प्रशासनिक बैठकों और जनसुनवाई में लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सीईओ के कड़े रुख के बाद अधिकारियों और कर्मचारियों में हडक़ंप की स्थिति रही।




