Betul Samachar: 90 हजार बच्चों की स्क्रीनिंग 709 बच्चें मिले अतिकुपोषित

Betul News: 709 children found severely malnourished after screening of 90 thousand children

दस्तक अभियान के तहत घर-घर पहुंचकर टीमें कर रही सर्वें

Betul Samachar: बैतूल। दस्तक अभियान के तहत जिले में स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा घर-घर जाकर सर्वे किया जा रहा है। इस सर्वें के द्वारा कुपोषण को चौकाने वाले परिणाम सामने आए है। बैतूल आदिवासी जिला है। यहां कुपोषण कम नहीं हो रहा है। कुपोषण का सबसे बड़ा कारण है कि लोगों में जागरूकता की कमी है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक स्वास्थ्य विभाग की तरफ से 22 जुलाई से दस्तक अभियान की शुरूआत की गई।

इस अभियान के तहत 0 से 5 वर्ष के 90 हजार बच्चों की स्क्रीनिंग की गई। स्क्रीनिंग में 709 बच्चें अतिकुपोषित पाए गए है। 224 ऐसे कुपोषित बच्चे है जिन्हें पोषण आहर केन्द्र (एनआरसी) में भर्ती करना पड़ा है। 15 सितम्बर तक जिले में दस्तक अभियान चलेगा। इस अभियान के तहत 1 लाख 46 हजार बच्चों की स्क्रीनिंग करना है।

17 हजार 48 बच्चों में खून की कमी

दस्तक अभियान के तहत स्क्रीनिंग में 17 हजार 48 बच्चें एनीमिक (खून की कमी) पाए गए। 187 बच्चें ऐसे है जिनमें 7 ग्राम से कम खून की मात्रा पाई गई। ऐसे बच्चों को अस्पताल में भर्ती कर ब्लड चढ़ाया जाएगा। बच्चों की सेहत पर ध्यान नहीं देने के कारण कुपोषण और खून की कमी का दंश झेलना पड़ रहा है। आंगनवाड़ी केन्द्रों से पोषण आहर और खून की कमी दूर करने के लिए आयरन की दवाईयां दी जा रही है। इसके बावजूद भी बच्चें कुपोषण का शिकार हो रहे है।

यह है कुपोषण होने के कारण

जिले में कुपोषण बढ़ने का कारण यह है कि लोगों में सेहत के प्रति जागरूकता नहीं है। आदिवासी गांव में सबसे ज्यादा कुपोषण देखने को मिलता है। आंगनवाड़ी केन्द्र से दिये जाने वाले पोषण का सेवन नहीं करना बच्चों को 6 महीनों तक केवल मां का दूध पिलाना होता है, लेकिन अंचलों में बच्चों को 3-4 महीनों के भीतर ही बाहर का दूध पीलाना शुरू कर देते है। बच्चों को अच्छी डाईट नहीं देते जिसके कारण कुपोषण का शिकार हो जाते है। कुपोषण को कम करने के लिए सबसे पहले तो लोगों को जागरूक करने की आवश्यकता है। इसके बाद स्वास्थ्य महकमे को भी इसमें गंभीरता दिखानी होगी।

इनका कहना

दस्तक अभियान के तहत लगभग 90 हजार बच्चों की स्क्रीनिंग हुई है, जिसमें से 709 बच्चें अतिकुपोषित पाएं गए। इस अभियान के तहत घर-घर जाकर बच्चों की सेहत की जांच हो रही है। कोई भी बच्चा छुट ना जाए, इसका विशेष ध्यान रखा जा रहा है।

डॉ. प्रांजल उपाध्याय, जिला टीकाकरण अधिकारी, बैतूल

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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