Politics: राजनीतिक हलचल: आखिर दूसरी पार्टी के प्रदेश पदाधिकारी के आगमन में किसने कराई पट्ठों से वीडियोग्राफी?? विपक्षी पार्टी के पार्षद पति की आखिर क्यों हो रही खूब चर्चा??? नेताओं को गुरुपूर्णिमा पर गुरुजनों के सम्मान की अचानक कैसे आई याद????? विस्तार से पढ़िए हमारे चर्चित कॉलम राजनीतिक हलचल में……..

Politics: Political stir: Who got the men to videograph the arrival of the state officer of another party??

पट्ठों से कराई वीडियोग्राफी और फ़ोटो फोटोग्राफी

हाल ही में एक पार्टी के प्रदेश पदाधिकारी का आगमन हुआ। दौरान अब तक के सर्वाधिक फ्लैक्स और पोस्टर का नजारा देखकर हर कोई अंचभित नजर आ रहा। खबर है कि जिस दिन प्रदेश पदाधिकारी बैतूल आए। उसी दिन विरोधी पार्टी के एक चर्चित नेता ने अपने एक पट्टे से पहले तो पूरे शहर में लगे होर्डिंग की वीडियो और फोटोग्राफी भी कराई। इसी के साथ अपने कई पट्टों को इस काम में लगाया गया कि प्रदेश पदाधिकारी की स्वागत करने वालों की विशेष रूप से फोटो और वीडियो भी बनाया जाए, ताकि यह तय किया जा सके कि अपने समर्थक तो कही पीठ पीछे प्रदेश पदाधिकारी का स्वागत सत्कार तो नहीं कर रहे। जिस दिन यह कार्यक्रम था, उसी दिन रात में पट्टों की मीटिंग कर पूरे वीडियो और फोटो देखे गए और स्वागत सत्कार में कितने और कौन-कौन लोग थे, इसका भी आंकलन किया गया। खबर तो यह भी है कि जो लोग इस जुलूस में केवल घूमकर आनंद लेने के उद्देश्य से भ्रमण पर निकले थे, उन्हें भी फोन कर पूछा गया कि शहर में क्यों घूम रहे? इस बात से उने समर्थक भी हक्के-बक्के रह गए कि उनके आंका तकड़ी रैकी करवा रहे हैं।

पार्षद पति के जलवे

शहर में एक पार्षद पति के जलवे आम लोगों की जुबान पर है। विपक्षी पार्षद के इस पति की नगरपालिका में इतनी चल रही है कि मृत्यु प्रमाण पत्र, राशन कार्ड चुटकियों में बनवा दे रहा है। बात आगे बढ़ाते हुए पार्षद पति तहसील तक धमक दे चुका है। लोगों के जाति प्रमाण पत्र भी अब चंद दिनों में बनवाएं जा रहे हैं। हाल ही में पार्षद पति ने थोक में न सिर्फ अपने बल्कि दूसरे वार्ड के लोगों के राशन कार्ड बनवा डाले। कहा जा रहा है कि राशन कार्ड के एवज में गरीबों से भी पांच सौ रुपए, मृत्यु प्रमाण पत्र के 200 रुपए और जाति प्रमाण पत्र के 1000 रुपए वसूले जा रहे हैं। विपक्षी पार्षद के पति होने के बावजूद जिस तरह उसकी नपा में धमक है, इसके लिए न सिर्फ विपक्षी बल्कि सत्ता पक्ष के पार्षद भी इन कामों के लिए उसकी मदद ले रहे हैं। बताते चले कि यह पार्षद पति एक खदान के आगे निवासरत बताए जाते हैं।

 गुरू पूर्णिमा पर गुरूजनों का बढ़ा अचानक क्रेज

वैसे तो गुरु पूर्णिमा पर गुरुजनों का सम्मान सदियों से होता आ रहा है। गुरु-शिष्य की परंपरा को निभाने में राजनैतिक दल भी पीछे नहीं रहते हैं, लेकिन इस बार जिस तरह राजनैतिक गलियारों में गुरुजनों का सम्मान हुआ, उसके कई मायने निकाले जा रहे हैं। दरअसल एक पार्टी के प्रदेश प्रमुख ने भोपाल से आकर व्यस्तता के बाजवूद हर बार की तरह अपने गुरुजनों का सम्मान करने में जो दिलेरी दिखाई, उसके लिए उनके परिजन और समर्थक भी अभिभूत हो गए। बस मुखिया की इस अच्छी पहल को आत्मसात करने के लिए कुछ ही घंटों में उनके ही पार्टी के वरिष्ठ-कनिष्ठ कार्यकर्ता भी अपने गुरुजनों को तलाश करते हुए उनके घर, कार्यालय और अन्य जगह पहुंच गए। सोशल मीडिया पर गुरुजनों के सम्मान की जैसी बाढ़ आ गई। इस बहाने लोग चुटकी लेने से नहीं चुके कि हर वर्ष अपने गुरुजनों का सम्मान करते तो स्थिति कुछ और रहती।

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

Related Articles

Back to top button