Betul News: Video: सांझवीर के स्टिंग में किसानों से पैसे लेते हम्माल कैमरे में कैद
Betul News: In Sanjveer's sting, porters were caught on camera taking money from farmers

मंडी प्रशासन के दावों की खुली पोल, सचिव का नियंत्रण खत्म, बिचौलियो की बल्ले-बल्ले
Betul News: बैतूल। मंडी प्रबंधन चाहे कितने भी दावे कर लें कि किसानों को कृषि मंडी में सहूलियत दी जा रही है, लेकिन बैतूल में उल्टा हो रहा है। किसानों से हम्माल बिचौलियों के माध्यम से खुलेआम राशि मांग रहे हैं। यह सिलसिला कई दिनों से चला आ रहा है, फिर भी प्रबंधन इसे रोकने में नाकाम साबित हो रहा है। मंडी की बिगड़ेल व्यवस्था के बाद सचिव की पदस्थापना के बावजूद किसानों से हम्माल उपज तुलाई के लिए खुलेआम पैसे मांग रहे हैं। शुक्रवार सांझवीर के एक एक स्टिंग में भी इसका खुलासा हो गया है। एक बात तो साफ जाहिर है कि मंडी प्रशासन के दावों की पोल खुल गई है। कुल मिलाकर सचिव के नियंत्रण से पूरी व्यवस्था बाहर हो गई है और किसान लूटने पर मजबूर हो गए हैं।
मंडी में जब भी उपज की तुलाई होती तो हम्माल और बिचोलियों द्वारा किसानों से उगाई की जाती है। बिना पैसे लिए मंडी में उपज की तुलाई नहीं होती है। कई दिनों से किसानों से खुलेआम रुपए लिए जाने का सिलसिला जारी है, लेकिन मंडी प्रशासन इस पर अंकुश नहीं लगा सका। मंडी प्रशासन की पारदर्शिता और अनुशासन की दावे उस समय ढकोसला साबित हुए जिस समय सांझवीर टाईम्स के स्टिंग में हम्मालों को किसानों से खुलेआम पैसे लेते हुए कैमरे में कैद किया है। जब भी हम्माल तौल कांटा उपज के ढेर के पास लेकर जाते हैं तो तुलाई से पहले रुपए मांगे जाते हैं।
स्टिंग के दौरान एक किसान से हम्माल पैसे लेते हुए कैमरे में कैद हो गया। किसान उपज तौलने के हम्माल को 200 रुपए दे रहा है, लेकिन हम्माल और पैसों की मांग करता है। कुछ देर तक किसान हम्माल को मानमनोवल करते रहा, जब पैसे बढ़ाए गए, तब कहीं हम्माल उपज तौलने के लिए तैयार हुए। यह कोई एक किसान से वसूली नहीं हुई है। मंडी उपज लेकर आने वाले अधिकतर किसानों से उगाही का खेल बेखौफ चल रहा है।
मंडी के हालात नियंत्रण से बाहर
मंडी की अव्यवस्था और किसानों से हो रही वसूली से ऐसा लग रहा है कि मंडी के हालात नियंत्रण से पूरी तरह से बाहर हो गए हैं। जब भी कोई जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी निरीक्षण के लिए पहुंचते हैं तो उस समय मंडी प्रशासन द्वारा निर्देश जारी कर केवल औपचारिकता निभा ली जाती है। अधिकारियों के वापस लौटते ही मंडी में फिर हालात जस के तस हो जाते हैं। मंडी की व्यवस्थाओं से ऐसा लग रहा है कि व्यवस्था संभालना मंडी प्रशासन के नियंत्रण से बाहर हो गया है। अव्यवस्थाओं के कारण आए दिनों किसानों को कई परेशानियों से जूझना पड़ता है। मंडी प्रशासन किसानों की समस्याओं को दूर करने में नाकाम साबित हो रहा है।
मंडी में कई किसानों को समय पर भुगतान नहीं
कृषि उपज मंडी में उपज बेचने वाले किसानों को तत्काल भुगतान करने के निर्देश है, लेकिन कई किसानों को विलंब से भुगतान होने के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ता है। किसानों का कहना है कि कई व्यापारी उपज बेचने के 2 से 3 दिन बाद राशि लेने के लिए फिर से बुलाते हैं, किसानों को बार-बार चक्कर काटने के लिए मजबूर होना पड़ता है। उन किसानों को सबसे ज्यादा परेशानी होती जो दूरदराज गांव से उपज लेकर मंडी आते हैं और उन्हें समय पर भुगतान नहीं हो पाता है। किसानों की शिकायतों पर मंडी प्रशासन द्वारा गंभीरता से ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
इनका कहना….
उपज तौलने के लिए हम्मालों को एक निश्चित राशि देना तय किया है। अगर कोई हम्माल तय की गई राशि से अधिक राशि लेता है तो वह गलत है। हमारे पास हम्मालों द्वारा अधिक राशि लिए जाने के संबंध में किसी भी किसान की शिकायत नहीं आई है। शिकायत आने पर कार्रवाई करेंगे।
दिनेश लोखंडे, मंडी सचिव बैतूल




