Prashasnik Kona : प्रशासनिक कोना: बढ़ती उम्र के साथ कसने साहब की याददाश्त ऐसी कमजोर कि अपने ही आदेश याद नहीं?? पुलिस कर्मियों की छटनी होगी तो क्या होगा थानों का??? किस प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टर को रास नहीं आ रही जनपद सीईओ की जिम्मेदारी???? विस्तार से पढ़िए हमारे चर्चित कॉलम प्रशासनिक कोना में……

Prashasnik Kona: Administrative Corner: With increasing age, Kasne sahab's memory has become so weak that he does not remember his own orders??

बढ़ती उम्र से साहब की याददाशत कमजोर

जैसे-जैसे प्रशासन अमले में एक बड़े साहब की उम्र बढ़ते जा रही है, उनकी याददाशत जवाब देने लगी है। वैसे तो वे सुबह आदेश देकर शाम को भूलने के लिए जाने जाते हैं। इसी वजह उनका अधीनस्थ अमला कई निर्देशों को गंभीरता से नहीं लेता है। कभी मुंडी मरोड़ने तो कभी अन्य चेतावनी देने के बाद साहब शाम को भूल जा रहे हैं, लेकिन एक ऐसा मामल सामने आया है, जिससे वे खुद ही हंसी के पात्र बनते जा रहे हैं। चर्चा है कि साहब ने शहर के एक प्रमुख चिमनी के क्षतिग्रस्त होने के बाद उसे और कुछ ब्लाक के क्षतिग्रस्त भवनों को डिस्मेंटल करने के आदेश दिए थे।

इस आदेश का एक वर्ष में भी पालन नहीं हुआ। जब एक मीडिया कर्मी ने उनसे इस संबंध में चर्चा की तो वे तपाक से बोल बैठे की उन्होंने इस तरह का कोई आदेश ही नहीं दिया। जब उन्हें याद दिलाया तो हमेशा की तरह दिखवाता हूं वाला रट्टू तोता जवाब दे दिया। याददाशत को लेकर मीडियाकर्मी भी भौचक रह गए। यह पहला मामला नहीं है जब साहब ने इस तरह का जवाब दिया है, पहले भी वे इस तरह का जवाब देकर हंसी के पात्र बन चुके हैं।

हर थाने से होगी पुलिसकर्मियों की छटनी

सोमवार को पुलिस विभाग के मुखिया ने एक ही थाने में लंबे समय से जमे पुलिसकर्मियों के छटनी के सख्त फरमान जारी किए हैं। उनके इस फरमान का हर जिले में पालन किया जा रहा है। चर्चा है कि बैतूल के पुलिस विभाग में इस तरह के कर्मचारियों की पहले ही सूची बन चुकी है। एक ही थाने में तीन और अनुविभाग में पांच वर्ष से अधिक समय से पदस्थ प्रधान आरक्षक और आरक्षकों को बदला जाना है। लंबे समय से एक ही थाने में मलाई खा रहे ऐसे कर्मचारियों में हड़कंप मचा हुआ है।

चर्चा है कि मंगलवार शाम तक ऐसे कर्मचारियों की सूची आ सकती है। यदि किसी कारण वश सूची जारी नहीं हुई तो बुधवार थोकबंद सूची जारी हो जाएगी। वैसे कहा तो यह भी जा रहा है कि बैतूल के पुलिस विभाग में रूटीन में पहले ही लंबे समय से जमे कर्मचारियों को इधर से उधर कर दिया है। इसलिए देखने लायक है कि सूची यदि निकलती है तो कौन इधर से उधर हो रहा है।

प्रशिक्षु डीसी को समझ नहीं आ रही कार्यप्रणाली

जिले की एक जनपद में प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टर को सीईओ का प्रभार सौंपा गया है। वे शासकीय सेवा में नए हैं, इसलिए उन्हें सीधे पंचायती राज की एक प्रमुख जनपद का सीईओ बना दिया गया। स्थिति यह है कि उन्हें जनपद के सिस्टम ही समझ नहीं आ रहे हैं। कर्मचारी उनके पास हस्ताक्षर करने जाते हैं, जिन्हें वे आसानी से कर देते हैं। हालांकि कामकाज के सिस्टम को लेकर उन्होंने ऐसे कोई निर्देश नहीं दिए जिससे इस जनपद में व्यवस्था बन सके। हालात यह हो गए हैं कि कई प्रमुख कामों में वे दूसरों से सलाह ले रहे हैं। मन मसोजकर वे बड़े साहब द्वारा दी गई जवाबदारी का वे बमुश्किल निर्वाहन कर रहे हैं।

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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