Political News : राजनीतिक हलचल: मोबाईल रिसीव नहीं करना किस माननीय की आदत में शुमार हो गया?? बाहरी नेता को प्रत्याशी बनाए जाने की सुगबुगाहट से कौनसे ने भोपाल की भागदौड़ शुरू की??? किस पंचायत प्रतिनिधि को फांके की नौबत आने पर भागे- भागे फिरना पड़ रहा???? पढ़िए विस्तार से हमारे चर्चित कॉलम राजनीतिक डायरी में……
Political News: Political turmoil: Not receiving mobile has become a habit of which honorable person?? Who started the rush to Bhopal due to the rumors of making

Political News: वे जब केवल जनप्रतिनिधि थे, तब भी मोबाइल रिसीव न करना उनकी दिनचर्या में शामिल था। अब माननीय बनने के बावजूद उनकी आदत में कोई सुधार नहीं हुआ। एक सुरक्षित सीट से उन्होंने करीबी मुकाबले में जीत तो मिल गई, लेकिन वे अपना पुरारा रिकार्ड कायम रखे हुए हैं। कहने को तो वे माननीय है पर मोबाइल रिसीव करने की बारी आती है तो वरिष्ठ नेताओं और पार्टी के चुने हुए चुनिंदा कार्यकर्ताओं के सेव नंबर को ही रिसीव करते हैं। कई बार हालात ऐसे हो जाते हैं कि पार्टी के पदाधिकारियों को भी माननीय से बात करने के लिए दूसरे करीबी कार्यकर्ताओं से संपर्क करना पड़ता है। अभी तो माननीय को चुने हुए महज दो माह का ही समय बीता है। यदि उनका रवैया इसी तरह चलता रहा तो लोगों को 4 वर्ष 10 माह ऐसे ही झेलना पड़ेगा।
बाहरी नेता के प्रत्याशी बनने पर स्थानीय सक्रिय (Political News)
इस बार विपक्षी पार्टी दमदार प्रत्याशी मैदान में उतारने की तैयारी कर रही है। इसके लिए मंथन का दौर भी शुरू हो चुका है। चर्चा चल रही है कि पार्टी फरवरी माह के अंत तक प्रत्याशी घोषित कर सकती है। विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद पार्टी में चिंतन-मनन चल रहा है। अब सभी पुराने चुनाव को छोड़कर लोकसभा चुनाव पर नजर गढ़ाए हुए हैं। इधर चुनावी माहौल के बीच चर्चा चल रही है कि विपक्षी पार्टी में इस बार बाहरी और धुरंधर चेहरे को मैदान में उतारा जा सकता है। बस यही खबर टिकट के एक गंभीर दावेदार को जैसी ही पता चली वे अपने भोपाल में रहने वाले बॉस से मेल-मुलाकात लगातार बढ़ा चुके हैं। इसकी तस्वीर भी सोशल मीडिया पर वायरल करने से पीछे नहीं रह रहे हैं। उनकी पार्टी के ही लोग दबी जुबान से नेता जी की पोस्ट पर सामने तो नहीं पीट पीछे कमेंट्स करते नहीं चुक रहे हैं। देखना यह है कि नेता जी अपने बॉस से मिलकर अपना टिकट फिर तय कर पाते है या फिर किसी नए चेहरे को मौका मिलेगा।
भागे-भागे फिर रहे एक जनप्रनिधि(Political News)
दो नंबर पार्टी के एक चुने हुए पंचायत प्रतिनिधि भागे-भागे फिर रहे है। उनके भागने की कहावत कुछ और सामने आई है। कहा जा रहा है कि अपने मित्रों समेत पार्टी के कई लोगों से लंबा-चौड़ा कर्ज ले लिया है, लेकिन लौटाने की बारी आई तो सबके नंबर या तो ब्लॉक कर दिए या फिर रिसीव नहीं किए जा रहे है। सारनी और बैतूल में इस जनप्रतिनिधि के दो आवास है। कई लोग उनके दोनों आवासों पर उधार लिए गए रूपए मांगने के लिए दबिश दे चुके है, लेकिन वे दोनों घरों में नहीं मिले। चर्चा है कि यह युवा पंचायत प्रतिनिधि इसकी टोपी-उसके सिर कर अपनी राजनीति चमका रहे है। बताते चले कि यह जनप्रतिनिधि एक सुरक्षित विधानसभा से अपनी दावेदारी को लेकर भी चर्चा में रहे है।





