Betul Today News : केरपानी पंचायत में जेसीबी से खुदवा दिए खेत, तालाब और स्टॉप डेम
सरपंच ने कहा- सीईओ के निर्देश पर किया, अधिकारी का इंकार

Betul Today News: बैतूल। भैंसदेही जनपद की ग्राम पंचायत केरपानी में रोजगार मूलक योजना को पलीता लगाते मनमाने तरीके से जेसीबी मशीन से खेत, तालाब और स्टॉप डेम खुदवा दिए गए। जब मामला उजागर हुआ तो सरपंच, सचिव और सीईओ एक-दूसरे पर आरोप लगाते नजर आ रहे हैं।
सरपंच का कहना है कि काम जल्दी करवाने के लिए सीईओ ने ही जेसीबी मशीन से काम करवाने के निर्देश दिए थे, लेकिन जब सीईओ से पूछा तो उन्होंने इस बात से साफ इंकार कर दिया। जो भी है, लेकिन यह तो साफ हैं कि मामले में कहीं न कहीं गड़बड़ी जरूरी है। पंचायत में जेसीबी से लाखों के काम ही गए इसकी खबर सीईओ को नहीं होना किसी के गले नहीं उतर रही है।
मनरेगा जैसी योजना का उद्देश्य ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर काम देना है, इससे गांव की गांव में ही ग्रामीणों को काम मिल सके और उनके आर्थिक स्तर में भी सुधार आ सके, लेकिन केरपानी पंचायत में इसके उलट जेसीबी से तीन तालाबों का जीर्णोंद्धार, 5 स्टॉप डेम और 5 खेत तालाबों की खुदाई का काम जेसीबी मशीन से करवाया गया।
ग्रामीणों को रोजगार मिलना था, वहां अब मशीनों ने खेत तालाब समतल कर डाले इसके भुगतान की प्रक्रिया क्या अपनाई जाती है, यह जांच का विषय बन चुकी है।
सरपंच बोले- सीईओ के कहने पर कराया
जब इस मामले में पंचायत सरपंच संतराम बारस्कर से सवाल किया गया, तो उन्होंने सीधे इसके लिए जनपद सीईओ को जिम्मेदार बताते कहा कि सीईओ के निर्देश पर खुदाई करवाई गई थी। उनका कहना था कि सीईओ साहब ने ही कहा था कि खुदाई का काम जल्द से जल्द पूर्ण कराया जाना है। इसलिए जेसीबी मशीन से तालाबों के जीर्णोंद्धार, स्टॉप डेम और 5 खेत तालाबों की खुदाई करवा दी गई।
यहां सरपंच अपने उस दायित्व को भूल गए जिस दायित्व के निर्वहन के लिए, ग्राम पंचायत के निवासियों ने उन्हें अपना जनप्रतिनिधि चुना है। ग्रामीणों को रोजगार देने के बजाए जेसीबी से $काम करवाकर ग्रामीणों से रोजगार छीन लिया गया।
सीईओ का पलटवार , बोले-मुझे जानकारी नहीं
मामले में जनपद सीईओ ने साफ इनकार करते कहा कि इस तरह की कोई अनुमति मैंने नहीं दी है। अगर ऐसा हुआ है तो मामले में जांच कराई जाएगी। सीईओ ने ग्राम पंचायत में सब कुछ ठीक नहीं चलने की जानकारी देते हुए कहा कि ग्राम पंचायत में रोजगार सहायक, सचिव और सरपंच के बीच अनबन की भी जानकारी मिली है। जेसीबी से खुदाई करवाने के निर्देश मैं दे ही नहीं सकता। इस मामले को लेकर जांच करवाई जाएगी।
प्रशासनिक ढिलाई हुई या मिलीभगत के आसार ?
इस मामले ने यह सवाल खड़ा कर दिया है, कि क्या यह सिर्फ प्रशासनिक लापरवाही है या फिर जिम्मेदारों की मिलीभगत से योजनाओं को तोड़ मरोड़ कर निजी लाभ के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है ?
क्या सरकारी योजनाएं सिर्फ कागज़ों पर ही चलेंगी, या जिम्मेदारों से जवाबदेही तय की जाएगी? अब देखना है कि जब सीओ ने जेसीबी से खुदाई के निर्देश नहीं दिए, तो खुदाई कैसे करवा ली गई। जांच होगी या नहीं और जांच मे किसकी जिम्मेदारी तय की जाती है।
इनका कहना…
रोजगार मूलक कार्यो में जेसीबी से खुदाई के निर्देश मैं कैसे दे सकता हूँ। ऐसा हुआ है तो जांच करवाई जाएगी।
देव दीक्षित, सीईओ जनपद पंचायत भैसदेही
सीओ साहब से मिलने गए थे तो उन्होंने ही जल्द कार्य करवाने के लिए जेसीबी से खुदाई करने के लिए बोला था। इसलिए जेसीबी से काम करवाया गया है।
संतराम बारस्कर, सरपंच, केरपानी पंचायत




