Betul Ki Khabar: कानून व्यवस्था सख्त करने बदलेंगे थानेदार-पुलिसकर्मी!

पुलिस विभाग जनप्रतिनिधियों की रडार पर, सीएम के जाने के बाद दिखेगा असर
चिचोली में एएसआई को रिलीव न करने भाजपा नेता बना रहे दबाव, टीआई पर भी मेहरबानी!
Betul Ki Khabar: बैतूल। जिले में कानून व्यवस्था बेपटरी होने के बाद जनप्रतिनिधियों की नाराजगी बढ़ गई है। मीडिया में भी लगातार सुर्खियां होने के बाद खुद भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल काफी नाराज बताए जा रहे हैं। इसके अलावा अन्य विधायकों की भी पिछले दिनों मुख्यमंत्री से मुलाकात भले ही मेडिकल कालेज को लेकर उनके आगमन से संबंधित थी, लेकिन इस चर्चा में कानून व्यवस्था को लेकर भी काफी देर तक शिकवे शिकायत की जानकारी सूत्रों ने दी है। इस बीच खबर पुख्ता माने तो कानून व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए कुछ थानेदार और अन्य प्रभारियों के अलावा प्रधान आरक्षक और आरक्षकों को हटाया जा सकता है। इसमें कम से कम तीन थाना प्रभारियों की छुट्टी होने की संभावना दिखाई दे रही है।
सूत्र बताते हैं कि जिले में बढ़ते अपराध के बाद पुलिस के अधिकारी भी खासे परेशान है। उन्हें यह बात मालूम है कि केंद्रीय मंत्री और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का जिला होने के कारण कानून व्यवस्था बेपटरी होने से उन पर नाराजगी की गाज गिर सकती है। इसी वजह शीर्ष अधिकारी व्यवस्थाओं में परिवर्तन के लिए बदलाव के बयार की तैयारी कर रहे हंैं। सूत्रों ने दावा किया है कि सत्तारूढ़ पार्टी के कुछ शीर्ष जनप्रतिनिधियों की नाराजगी खुलकर सामने आने के बाद बढ़ते अपराधों को देखते हुए जिले की कानून व्यवस्था को पटरी पर लाने के उद्देश्य से पुलिस विभाग मेें एक बार फिर तबादला एक्सप्रेस चल सकती है। इसमें कुछ थाना प्रभारियों समेत प्रधान आरक्षकों को भी इधर से उधर किया जा सकता है।
सीएम के आने के बाद दिखेगा असर
सूत्रों के दावा है कि जिले में कानून व्यवस्था बेपटरी होने और जनप्रतिनिधियों की नाराजगी के बाद कुछ थाना प्रभारियों और अधीनस्थ स्टाफ की रवानगी तय मानी जा रही है। तबादला कल या फिर सीएम के 23 दिसंबर को बैतूल से रवाना होने के बाद किए जा सकते हैं। सूत्र बताते हैं कि इन तबादलों में चिचोली, कोतवाली और एक अन्य थाना प्रभारी के कार्यभार में बदलाव संभव है। सूत्रों के अनुसार कोतवाली में किसी वरिष्ठ और तजुरबेकार थाना प्रभारी की पदस्थापना की जा रही है।
इसी तरह चिचोली टीआई को भी हटाकर यहां दूसरे टीआई को भेजा जा सकता है। वैसे चर्चा है कि चिचोली टीआई को कोतवाली और कोतवाली को टीआई को चिचोली भेजा जा सकता है। जबकि बीजादेही थाना प्रभारी समेत कुछ अन्य चौकी प्रभारियों में भी बदलाव किए जाकर कानून व्यवस्था सख्त बनाने की तैयारी है। इसके अलावा कुछ युवा प्रधान आरक्षक और आरक्षकों पर भी कानून व्यवस्था चौपट होने के बाद लापरवाही की गाज गिरने से इंकार नहीं किया जा सकता है। यह पूरी कवायद जनप्रतिनिधियों की नाराजगी और सीएम के प्रस्तावित बैतूल दौरे के पहले बाद में हो सकती है।
एएसआई पर नेता की मेहरबानी, अब तक रिलीव नहीं
इधर पुलिस विभाग में ही कप्तान के आदेशों की खुली अवहेलन भी खूब चर्चा का विषय बनी हुई है। पिछले दिनों चिचोली में पदस्थ एएसआई मुलायम सिंह का शिकायतों के बाद तबादला हुआ था। उनके साथ स्थानांतरित हुए सभी ने नए स्थान पर ज्वाइनिंग दे दी, लेकिन मुलायम सिंह ने अब तक नए स्थान पर ज्वाइनिंग नहीं ली है। इसके पीछे सूत्र बताते हैं कि चिचोली क्षेत्र के एक चश्मे वाले भाजपा नेता और विभागों में हस्तक्षेप करने वाले नेता विलेन के रूप में सामने आए हैं।
सूत्रों के अनुसार नेताजी एएसआई को दोबारा चिचोली में ही पदस्थ रखने के लिए अपने राजनैतिक रसूख का उपयोग कर रहे हैं। इसी तरह वे चर्चा है कि चिचोली टीआई के संभावित तबादले के बाद वे बीजादेही पदस्थ करने के इच्छुक है। इसके पीछे उनकी क्या मंशा है, यह सत्तारूढ़ पार्टी के शीर्ष पदाधिकारियों को सोचना चाहिए। यदि विवादित कर्मचारियों को कप्तान हटाते तो यह नेताजी हमेशा उन्हें बचाने के लिए राजनैतिक हथकंडे अपना रहे हैं।



