Betul News: सक्रियता-कार्यशैली से कांग्रेस की प्रथम पंक्ति में पहुंचे पांसे
Betul News: Panse reached the front row of Congress due to his active and work style

शीर्ष नेताओं के कार्यक्रमों में मंचासीन होने, उद्दबोधन का भी मिल रहा मौका, लगातार बढ़ रहा है कद
Betul News: बैतूल। जिले की राजनीति में वैसे तो भाजपा और कांग्रेस के कई नेताओं ने राजनीति की। कुछ ऐसे हैं जो रिटायरमेंट के बाद याद नहीं किए जाते हैं, लेकिन कुछ ने ऐसी छाप छोड़ी है, जिन्हें आज भी याद किया जाता है। इस सूची में चुनिंदा नाम लोगों की जुबान पर, लेकिन वर्तमान राजनीति की बात करें तो विपक्ष में होने के बावजूद मुलताई के पूर्व विधायक और पूर्व मंत्री सुखदेव पांसे की सक्रियता में न तो कोई कमी और न ही स्वभाव में बदलाव। यही वजह है कि उनकी इस राजनीति का लोहा प्रदेश नेतृत्व ने भी माना। प्रदेश संगठन उपाध्यक्ष जैसी महत्वपूर्ण पद दिया तो उनका नाम कांग्रेस के प्रथम पंक्ति के नेताओं में शामिल हो गया है। शीर्ष नेताओं के साथ वे अब मंचासीन होकर जिले की कांग्रेस राजनीति को प्रादेशिक स्तर पर गौरवांवित कर रहे हैं।
छात्र संघ की राजनीति से सक्रिय रहकर पांसे ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। उनकी राजनीति में यह कौशल है कि 5 बार विधानसभा चुनाव लड़ने के दौरान दो बार पराजित भी हुए तो उन्होंने अपने आप को खुद ही विधायक जैसा ट्रीट दिया। अवसर तो ऐसा भी आया जब लोग उन्हें ही विधायक मानकर समस्या लेकर उन तक पहुंच जाते थे तो उन्हें कभी निराश नहीं किया और अधिकारियों से ग्रामीणों की समस्या के लिए उसी स्वभाव में चर्चा की, जिसके वे जाने जाते हैं। इसी वजह उन्हें आज भी लोग पूर्व विधायक नहीं मानते हैं। खासकर विपक्ष की राजनीति में लो प्रोफाइल होकर पराजित होने के बाद नेता घर बैठ जाते हैं, लेकिन पांसे इससे दीगर है। यही वजह है कि जिले की कांग्रेस राजनीति में उन्हें अलग रखती है।
मौका मिला तो भुनाने का नहीं छोड़ा अवसर
राजनीति में दिग्गजों को ओहदा और जिम्मेदारी मिलना कोई नहीं बात नहीं है, लेकिन इसके लिए सौ प्रतिशत देना हर किसी के बस की बात नहीं है। पूर्व मंत्री और प्रदेश कांग्रेस के संगठन उपाध्यक्ष पांसे की यहां बात की जाए तो वे सौ प्रतिशत संगठन को देने की लालसा लेकर जिम्मेदारी पर खरा उतरने का प्रयास कर रहे हैं। संगठन उपाध्यक्ष बनने के पहले वे केवल पूर्व विधायक और बाद में प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष बनाए गए तो भी उनकी सक्रियता में कमी नहीं आई। यही वजह है कि एक संगठन उपाध्यक्ष को दूसरी जिम्मेदारी मिलने पर पद रिक्त हुआ तो प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने अपने करीबी साथी और पूर्व सीएम कमलनाथ के विश्वास पात्र पांसे पर भरोसा कर मौका दिया, जबकि संगठन उपाध्यक्ष बनने के लिए प्रदेश के कई दिग्गज कांग्रेसी कतार में थे, लेकिन उनके ओजस्वी वक्ता होने के साथ संगठन का अच्छा अनुभव होना प्लस पाइंट बन गया। यह पहला मौका है जब जिले से किसी कांग्रेस नेता को संगठन उपाध्यक्ष बनाया गया है।
राहुल के साथ भी मंच शेयर करने का मौका
मंगलवार को कांगे्रस के शीर्ष नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जब राजधानी भोपाल आए तो कांग्रेसियों ने जोरदार स्वागत किया। इसके बाद राहुल गांधी संगठन की अलग-अलग बैठक लेकर कांग्रेसियों को संबोधित किया। इन बैठकों में संगठन उपाध्यक्ष होने के नाते सुखदेव पांसे नेता प्रतिपक्ष के साथ मंचासीन होने और स्वागत का भी मौका मिला। बताया जा रहा है कि जिले से एकलौते नेता थे, जिन्हें यह अवसर मिला। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार के साथ उन्होंने कांधा से कांधा मिलाकर राहुल गांधी को भारत का संविधान भी सौंपा। पूरे कार्यक्रम में पांसे बड़े नेताओं के साथ मंच शेयर करते दिखे तो जिले के कांग्रेसियों में भी पांसे के बढ़ते कद को लेकर जश्न का माहौल है।




