Betul Samachar: नागिन डांस और भांगड़ा के बीच जाम में फंसी शहर की रफ्तार
Betul News: The speed of the city got stuck in traffic jam between Naagin dance and Bhangra

बारातियों के मजे, आम लोगों की मुसीबत बढ़ी,
Betul Samachar: बैतूल। शादी-ब्याह का सीज़न आते ही शहर की सड़कों पर एक बार फिर जश्न का माहौल नजर आ रहा है। बारातियों के भांगड़ा और नागिन डांस ने भले ही शादी की खुशियों में चार चंद लगा दिए हों, लेकिन इन रंग-बिरंगे जुलूसों के चलते आम नागरिकों के लिए सड़कों पर चलना मुश्किल हो गया है। ट्रैफिक नियंत्रण के अभाव में शहर की प्रमुख सड़कों पर घंटों तक जाम लगना आम बात हो गई है।
हर तरफ जश्न, पर ट्रैफिक व्यवस्था लाचार
गंज, सदर, चक्कर रोड, इटारसी रोड, ग?ा घाट और बडोरा जैसे इलाकों में शाम ढलते ही बारातों का हुजूम उमड़ पड़ता है। ढोल-नगाड़ों और डीजे की तेज़ धुनों पर थिरकते बाराती पूरे रास्ते को घेर लेते हैं, जिससे ट्रैफिक पूरी तरह बाधित हो जाता है। वाहन चालकों को मजबूरी में बारात के पीछे रेंगते हुए चलना पड़ता है, मानो वे भी बारात का हिस्सा हों।
एम्बुलेंस तक को नहीं मिल रहा रास्ता
बुधवार की रात चक्कर रोड पर जाम की भयावह स्थिति देखने को मिली, जब एक एम्बुलेंस को बारात के कारण रास्ता नहीं मिल पा रहा था। काफी देर तक हूटर बजाने के बाद कुछ जगह बनी, तब जाकर एम्बुलेंस आगे बढ़ सकी। यह केवल एक उदाहरण नहीं, बल्कि शहर के अन्य इलाकों में भी ऐसे हालात रोज़ सामने आ रहे हैं।

पार्किंग की व्यवस्था नहीं, सड़कें बनीं पार्किंग स्पॉट
शहर में संचालित दर्जनों मैरिज लॉन्स में से अधिकांश में पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था नहीं है। नतीजतन, शादी में शामिल होने आए मेहमान अपने वाहन सड़कों के किनारे ही खड़े कर देते हैं, जिससे ट्रैफिक की स्थिति और भी बदतर हो जाती है। एक बारात निकलते ही पूरा मार्ग अवरुद्ध हो जाता है और आम नागरिकों को लंबा इंतज़ार करना पड़ता है।
प्रशासन और बारातियों की लापरवाही
न तो ट्रैफिक पुलिस की ओर से कोई विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं और न ही बारातियों में इतनी समझदारी देखी जा रही है कि वे सार्वजनिक मार्गों पर दूसरों की परेशानी को समझें। नतीजतन, आम लोगों को घंटों तक जाम में फंसे रहना पड़ रहा है, चाहे वे ऑफिस से लौट रहे हों, किसी जरूरी काम से निकले हों या अस्पताल जा रहे हों।
समाधान की जरूरत
विवाह समारोह नि:संदेह एक खुशी का मौका है, लेकिन यह भी उतना ही जरूरी है कि इस खुशी का इजहार दूसरों के लिए तकलीफ का सबब न बने। प्रशासन को चाहिए कि विवाह जुलूसों के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश, अनुमति प्रणाली और ट्रैफिक नियंत्रण की व्यवस्था सुनिश्चित करे ताकि सार्वजनिक व्यवस्था बनी रहे और आम नागरिकों को अनावश्यक मुसीबत न उठाना पड़े।




