Betul Samachar: मुलताई को पांढुर्णा जिले में शामिल करने पर सोशल मीडिया पर घमासान

Betul Samachar: Clash on social media over inclusion of Multai in Pandhurna district

मीडिया में खबरे चलने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रिया आ रही सामने, बढ़ सकती है भाजपा की परेशानी

Betul Samachar: बैतूल। मुलताई तहसील को पांढुर्णा जिले में शामिल किए जाने की खबर मीडिया में आते ही लोगों का सोशल मीडिया पर आक्रोश भी देखने को मिल रहा है। मुलताई को पांढुर्णा जिले में शामिल करने का सोशल मीडिया पर खूब विरोध हो रहा है। अभी कुछ दिन पहले खबर सामने आई थी कि बैतूल जिले में शामिल मुलताई तहसील जो कि ताप्ती उद्गम स्थल होने के कारण लोगों की आस्था से जुड़ी है।

इस मुलताई को पांढुर्णा जिले में शामिल करने की खबरें सामने आई थीं, उस समय कई लोगों ने विरोध भी किया था। इसके बाद मामला फिर शांत हो गया। सोमवार को यह खबर फिर प्रादेशिक स्तर से सोशल मीडिया पर प्रसारित हुई। इसके बाद फिर मामला गरमा गया है। सोशल मीडिया पर हर कोई मुलताई को पांढुर्णा में शामिल करने का विरोध कर रहा है। इसमें विपक्ष के नेताओं के अलावा आम नागरिक भी शामिल है।

सबका यही कहना है कि मुलताई पांढुर्णा जिले में शामिल नहीं होना चाहिए। हालांकि स्थानीय जनप्रतिनिधियों का कहना है कि मुलताई को पांढुर्णा जिले में शामिल नहीं होने देंगे। बैतूल में यह खबर सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल चुकी है।

कांग्रेस नेता ने मांगा जनप्रतिनिधियों का इस्तीफा

मुलताई को पांढुर्णा में शामिल किए जाने की खबर सामने आने के बाद पूर्व विधायक सुखदेव पांसे के विधायक प्रतिनिधि रह चुके नीतेश साहू ने फेसबुक पर लिखा कि मुलताई को पांढुर्णा में शामिल करने के लिए जिन नेताओं ने हस्ताक्षर किए है, उन नेताओं को इस्तीफा देना चाहिए। इस पोस्ट पर भी कई लोगों की प्रतिक्रियाएं आई, जिन्होंने इस पोस्ट का समर्थन किया है।

किसान कांग्रेस नेता रमेश गायकवाड़ ने कहा कि मुलताई को पांढुर्णा में शामिल करना अन्याय है। सरकार ने मुलताई को जिला बनाकर किसानों को सहूलियत देना चाहिए ना कि मुलताई को पांढुर्णा में शामिल किया जाएं। ऐसा हुआ तो किसान भी प्रभावित होंगे। सरकार किसानों को मुसीबत में डाल रही हैं। संदीप विश्वकर्मा ने लिखा कि निष्क्रिय नेता जी की सक्रियता से मुलताई जल्द ही पांढुर्णा में शामिल हो जाएगा।

मीडिया में यह जानकारी आई सामने

प्रादेशिक स्तर से मीडिया में यह खबर सामने आई हैं कि वर्तमान में मुलताई तहसील बैतूल जिले में शामिल है। भौगोलिग दृष्टि से मुलताई की पांढुर्णा से निकटता है। व्यापारिक संबंध इस क्षेत्रीय बदलाव की संभावनाओं को मजबूत कर रहे है।

बैतूल जिले से मुलताई की दूरी लगभग 59 किमी है, जबकि मुलताई से पांढुर्णा की दूरी 40 से 42 किमी है। मुलताई पांढुर्णा के नजदीक आता है। इस लिहाज से मुलताई को पांढुर्णा में शामिल किया जा सकता है। दरअसल, सरकार ने प्रदेश के संभाग, जिलों, तहसीलों का नए सिरे से सीमांकन के लिए प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग बनाया है और नए सिरे से सीमांकन का कार्य जल्द ही किया जाएगा।

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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