Betul Nagar Palika: पीआईसी सभापति ने स्वच्छता निरीक्षक को बैठक से धक्के देकर बाहर किया, नगरपालिका कर्मचारी संघ ने पार्षद के खिलाफ मोर्चा खोला, 3 दिन में कार्यवाही न होने पर हड़ताल पर जाने का ऐलान
Betul Nagar Palika: The PIC chairman pushed the sanitation inspector out of the meeting, the Municipal Employees Union opened a front against the councillor, announced to go on strike if action is not taken in 3 days


Betul Nagar Palika: बैतूल। सोमवार को नगरपालिका के अध्यक्ष सभाकक्ष में आयोजित पीआईसी (प्रेसीडेंट इन काउंसिल)की बैठक में हंगामा हो गया। दरअसल पार्षद और लोक निर्माण समिति के सभापति ने स्वच्छता निरीक्षक के साथ अभद्रता कर उन्हें धक्का देकर बैठक से बाहर निकाल दिया। इस घटनाक्रम जे बाद सीएमओ ने बैठक को स्थगित कर दिया। इधर अधिकारी के साथ सभापति द्वारा की गई अभ्रदता से नाराज होकर नगपालिका कर्मचारी संघ ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संघ ने नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त और प्रमुख सचिव के नाम एक ज्ञापन सौंपकर सभापति के विरूद्ध कार्रवाई किए जाने की मांग की है। ज्ञापन में चेतावनी दी है कि यदि तीन दिन में सभापति पर कार्रवाई नहीं की गई तो समस्त कर्मचारी हड़ताल पर चले जाएंगे।
सूत्रों के अनुसार सोमवार नगरपालिका अध्यक्ष के कक्ष में पीआईसी की बैठक आहूत की गई थी। यह बैठक 5 बजे तक चलते रही। इस बीच शाम 5.15 बजे स्वच्छता निरीक्षक संतोष धनेलिया के साथ लोक निर्माण समिति के सभापति एवं पार्षद विकास प्रधान द्वारा अभद्रता किए जाने से हंगामा खड़ा हो गया। सूत्रों के मुताबिक पार्षद ने अपनी मर्यादा भूलकर स्वच्छता निरीक्षक को बैठक में से धक्के देकर बाहर निकाल दिया।
पार्षद यहीं नहीं रूके उन्होंने अपना आपा खोते हुए यह तक कह दिया कि नगरपालिका में मैं रहूंगा या फिर स्वच्छता निरीक्षक रहेंगे। यह पहला मौका नहीं है जब पार्षद ने स्वच्छता निरीक्षक को अपना निशाना बनाया है। इसके पहले भी 17 अप्रेल को पीआईसी की बैठक में स्वच्छता निरीक्षक के साथ इसी तरह की अभद्रता की गई थी, लेकिन नगपालिका अधिकारियों ने मामले में कोई एक्शन नहीं लिया। जिसकी वजह से पार्षद ने दोबारा यह कृत्य किया।
अध्यक्ष, सीएमओ की चुप्पी
सूत्रों के मुताबिक पीआईसी की बैठक में जब सभापति द्वारा स्वच्छता निरीक्षक को धक्के देकर बैठक से बाहर किया जा रहा था तब सभी मौजूद थे। यहां तक कि नगरपालिका अध्यक्ष पार्वती बाई बारस्कर, सीएमओ अक्षत बुंदेला सहित अन्य पीआईसी मेम्बर भी मौजूद थे, लेकिन किसी ने भी पार्षद को समझाइश देने के प्रयास नहीं किए। । सभी मूकदर्शक बनकर देखते रहे। बाद में नगरपालिका कर्मचारी संघ ने मामले में संज्ञान लिया और स्वच्छता निरीक्षक के साथ किए गए अभ्रद व्यवहार को लेकर प्रमख सचिव नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त को ज्ञापन सौंपा गया।
कर्मचारी संघ के अध्यक्ष मदनलाल विन्नोदकर ने बताया कि इससे पहले भी पार्षद बैठकों में अपना आपा खो चुके हैं। यदि इसी तरह से पार्षद अधिकारियों और कर्मचारियों को निशाना बनाएंगे तो काम करना मुश्किल होगा। उन्होंने कहा कि यदि तीन दिन में पार्षद के विरूद्ध कार्रवाई नहीं की जाती हैं तो कर्मचारियों द्वारा सामूहिक हड़ताल की जाएगी। इधर विवाद होने के बाद बैठक में 183 में से 129 विषयों पर ही चर्चा हो सकी है, क्योंकि हंगामे के बाद सीएमओ ने आगे की बैठक निरस्त कर दी थीं।




