Betul Samachar : जमीन की रजिस्ट्रियों में सर्वर बना बाधा
Betul Samachar: Server becomes a hindrance in land registries

कम हो रही रजिस्ट्रियां, 1 अप्रैल से बढ़ेंगे दाम
Betul Samachar : सर्वर डाउन होने के कारण रजिस्ट्रियां बहुत कम हो रही है। लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। 1 अप्रैल से रजिस्ट्री के दाम बढ़ जाएंगे, इसलिए हर कोई जमीन की रजिस्ट्री 1 अप्रैल से पहले करना चाहता है। बताया जा रहा है कि पिछले कुछ दिनों से सर्वर डाउन होने के कारण बहुत कम रजिस्ट्री हो पा रही है।
जानकारी के अनुसार प्रतिदिन 60 से 70 रजिस्ट्रयां होती थी, लेकिन सर्वर होने के कारण महज 40 से 45 रजिस्ट्रयां ही हो पा रही है। बताया जा रहा है कि सर्वर डाउन चल रहा है कि जिसके कारण दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। रजिस्ट्री की बहुत धीमी गति से चल रही है। लोगों को रजिस्ट्री के लिए घंटो तक का इंतजार करना पड़ता है।
ऑनलाईन सेंटरों पर भी रजिस्ट्री के लिए लोगों की भीड़ लगी है। सबसे पहले ऑनलाईन रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी करनी होती है, इसके बाद पंजीयक कार्यालय में जाकर हस्ताक्षर और फोटो करनी होती है, इसके बाद ही रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी होती है, लेकिन इस पूरी प्रक्रिया के लिए घंटो तक का इंतजार करना होता है। बताया जा रहा है कि पोर्टल का सर्वर डाउन चल रहा है, जिसके कारण यह परेशानी खड़ी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि सर्वर में काम चल रहा है, जिसके कारण सर्वर डाउन हो गया। इस संबंध में भोपाल के वरिष्ठ अधिकारियों ने जानकारी दी। उन्होंने सर्वर जल्द ठीक का भरोसा दिया है।
1 अप्रैल से पहले करना चाहते है रजिस्ट्री
जानकारी के मुताबिक 1 अप्रैल से रजिस्ट्रियों के दाम बढ़ जाएंगे। 31 मार्च तक जो भी व्यक्ति रजिस्ट्री करेंगे उसे पुराने रेट में रजिस्ट्री के दाम देने पड़ रहे है। 1 अप्रैल से रजिस्ट्री के लिए और अधिक जेब ढीली करनी पड़ेगी। बताया जा रहा है कि 1 अप्रैल से जिला मुख्यालय सहित शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में 5 से 17 प्रतिशत दाम बढ़ने वाले है। ऐसे में लोगों की परेशानी बढ़ जाएंगी। जहां कम राशि में रजिस्ट्री हो रही है, वहां अधिक राशि देनी होगी। अधिक राशि देने से बचने के लिए लोग रजिस्ट्री की प्रक्रिया 31 मार्च तक पूरी करना चाहते है, लेकिन इस पूरी प्रक्रिया में डाउन सर्वर बाधा बना हुआ है।
राजस्व की हो रही है कमी
सर्वर डाउन होने के कारण रजिस्ट्रियां कम हो रही है, ऐसे में सरकार को राजस्व का भी नुकसान उठाना पड़ रहा है। अधिकारियों का कहना है कि एक दिन में बड़ी मुश्किल से 40 से 45 ही रजिस्ट्रियां हो पा रही है। जबकि वर्तमान में प्रतिदिन 60 से 70 रजिस्ट्रियां होना था। रजिस्ट्रियां कम होने से राजस्व भी कम मिल रहा है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि रजिस्ट्रियां अभी नहीं हुई तो आगे आने वाले दिनों में होगी। राजस्व तो मिलना ही है, लेकिन लोगों को अधिक राशि चुकानी पड़ेगी।
इनका कहना…
कुछ दिनों से सर्वर बहुत धीमी गति से चल रहा है, जिससे रजिस्ट्रियां कम हो पा रही है। 1 अप्रेैल से रजिस्ट्री के दाम बढ़ जाएंगे।
दिनेश कोसले, जिला पंजीयक, बैतूल





