Betul Samachar: अधिकारियों ने संविदा शिक्षकों के संविलियन के आदेश भी उड़ाए हवा में
Betul Samachar: Officials also flouted the orders for merger of contractual teachers.

अपर संचालक ने भोपाल से मांगी थी जानकारी, आज तक भेजने से परहेज…
Betul Samachar: (बैतूल)। पिछले 17 वर्षों से सहायक अध्यापक के पद पर संविलियन का इंतजार कर रहे संविदा शिक्षकों के मामले में जनजातीय कार्य विभाग उच्च अधिकारियों के निर्देशों को भी किस तरह हवा में उड़ा रहा है इसका उदाहरण 10 दिसम्बर 2023 को अपर संचालक जनजातीय कार्य विभाग ने कलेक्टर को पत्र लिखकर संविदा शिक्षकों के लिए अब तक कि गई समस्त कार्यवाई ई मेल के जरिये भेजने के निर्देश दिए थे। पीड़ित संविदा शिक्षकों का कहना है कि यह जानकारी आज तक उच्च अधिकारियों को प्रेषित नहीं करते हुए उनके साथ लगातार भेदभाव किया जा रहा है। यदि विभागीय अधिकारी इस मामले में संवेदनशील रहते तो अभी तक उनके भविष्य पर अब तक फैसला लिया जा सकता था।
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शिक्षकों को मजदूर बनाकर छोड़ दिया
दरअसल पिछले 17 सालों से संविलियन का रास्ता देख रहे संविदा शिक्षकों की समस्या का समाधान नहीं होने के चलते पीड़ित शिक्षकों ने न्यायालय का भी सहारा लिया था। न्यायालय के आदेश पर उच्च अधिकारियों ने भी इस मामले में तत्काल संज्ञान लेकर पत्राचार शुरू किया। इसी तारतम्य में तत्कालीन कलेक्टर को पत्र देकर अवगत भी कराया गया। जिसमें स्पस्ट लेख किया गया था कि जनपद पंचायत भीमपुर जिला बैतूल में पदस्थ 75 संविदा शाला शिक्षकों की वर्ष 2006-07 नियुक्ति में अनियमितताएं होने के कारण नियुक्तियां निरस्त की गई है, जिसके संबंध में संविदा शिक्षकों द्वारा उच्च न्यायालय जबलपुर में समय-समय पर पृथक-पृथक याचिका भी दायर की गई।
याचिकाओं में पारित निर्णय के परिपालन में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत भीमपुर के आदेश दिनांक 17 अगस्त2009 के मुताबिक पुन: इनकी पदस्थापना इस शर्त पर की गई कि कलेक्टर द्वारा आगे कराई जाने वाली जांच उपरांत इनकी सेवाओं के संबंध में निर्णय बंधनकारी रहेगा। इनमें से 18 याचिकाकर्ताओं के प्रकरण को छोड़कर 19 संविदा शाला शिक्षकों के विरुद्ध विभागीय जांच संस्थित की गई थी।
आदेश का परिपालन नहीं
शिक्षकों ने बताया कि 18 याचिकाकर्ताओं को मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत भीमपुर के आदेश 17 अगस्त 2009 में नियमित रूप से सेवाएं दे रहे है, परन्तु इनका संविलियन नहीं होने के कारण इन याचिकातर्ताओं द्वारा पुन: उच्च न्यायालय जबलपुर में याचिका दायर की गई। जिसमें पारित निर्णय के मुताबिक मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत भीमपुर द्वारा दिए गए आरोप पत्र एवं जांच प्रतिवेदन को निरस्त करते हुए कलेक्टर बैतूल को निष्पक्ष सुनवाई के आदेश दिए। इसके पश्चात
18 याचिकाकर्ताओं द्वारा अपर संचालक जनजातीय कार्य विभाग में आवेदन प्रस्तुत कर सहायक अध्यापक के पद पर संविलियन किये जाने का अनुरोध किया है, परन्तु माननीय उच्च न्यायालय के पारित निर्णय 13 फरवरी 2020 में कलेक्टर स्तर से अग्रिम कार्यवाही किये जाने के निर्देश है। यह जानकारी ईमेल पर मांगी गई थी, लेकिन शिक्षकों का आरोप है कि आज तक न तो शीर्ष और न ही आदिम जाति कल्याण विभाग के अधिकारियों ने इसे वरिष्ठ कार्यालयों को भेजने में रूचि नहीं दिखाई। इस महत्वपूर्ण मामले में कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी से उनका पक्ष जाने के लिए काल किया, लेकिन मोबाइल स्विच आफ होने के कारण चर्चा नहीं हो सकी।





