Betul News: सीएमएचओ का कारनामा: मनमाफिक लगा दी सोलर पैनल बैटरी
Betul News: CMHO's feat: Installed solar panel battery as per his wish

रीवा की कंपनी को उपकृत करने के लिए घटिया काम कराया, जरूरत नहीं थी लगा दी बैटरियां
Betul News: बैतूल। अपनी पदस्थापना के दौरान चर्चा में रहे सीएमएचओ डॉ रविकांत उइके को पद से हटाने के बाद भी कई ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जिनसे उनकी लापरवाही की पोल खुल रही है। सरकारी राशि का दुरुपयोग किस कदर की है उनके कार्यकाल में अंदाजा लगाया जा सकता है। बताया जाता है कि सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केेंद्रों में भी रीवा की एक कंपनी से बड़े पैमाने पर सोलर बैटरियां लगवाकर भुगतान कर दिया गया। सीएमएचओ ने इसके लिए कलेक्टर से भी अनुमति नहीं ली। इसके बाद मामले के लिए जांच की मांग उठने लगी है। जिस कर्मचारी के माध्यम से यह गड़बड़झाला हुआ है। उस पर भी कार्रवाई की जा सकती है।
सूत्र बताते हैं कि जिले के प्राथमिक और स्वास्थ्य केंद्रों में पहले से ही मनमाना बिल आ रहा है। कई जगह जनरेटर और बैटरियां लगाकर बिजली गुल होने पर वैकल्पिक व्यवस्था बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। बड़े सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जैसे मुलताई, घोड़ाडोंगरी, शाहपुर, आमला, भैंसदेही, आठनेर, चिचोली आदि में बिजली जाने पर इन व्यवस्थाओं का उपयोग प्रबंधन करते आ रहा है। यह बात किसी से छिपी नहीं है। इन स्वास्थ्य केंद्रों पर जनरेटर के अलावा बिजली जाने पर बैटरियां और इंवेटर भी लगाए गए हैं, ताकि इमरजेंसी वार्ड में मरीजों को किसी भी तरह की असुविधा न उठाने पड़े। सूत्र बताते हैं कि इन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में बजट भी आता है। इनकी मरम्मत पर भी स्वास्थ्य विभाग पैसा खर्च करते आ रहा है।

मिथ्या खर्च करने सीएमएचओ ने खेला दाव
जानकार सूत्र बताते हैं कि पद से हटाए गए सीएमएचओ डॉ उइके ने अपने रवानगी की खबर मिलने के पहले बड़े पैमाने पर शासकीय राशि का जमकर दुरुपयोग किया है। इसका एक उदाहरण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में बैटरी और इंवेटर होने के बावजूद सोलर बैटरियां खरीदने की व्यू रचना रची। सूत्र बताते हैं कि लाखों रुपए खर्च कर सीएमएचओ ने इन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के लिए रीवा की एक कंपनी से सोलर बैटरियां खरीदकर अधिकांश सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लगा दी गई। जबकि यहां पहले से ही बिजली गुल होने पर सारी व्यवस्थाएं माकुल थी, लेकिन शासकीय राशि का दुरुपयोग कर सीएमएचओ ने अपने कार्यकाल में रीवा की कंपनी को उपकृत करने के लिए सोलर बैटरियां लगा दी गई। बैटरी लगाने के बाद इस कंपनी को सीएमएचओ ने बकायदा भुगतान करने में भी देरी नहीं की। हालांकि कितने का भुगतान किया। यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है, लेकिन चहेते कर्मचारी ने फाइल सीएमएचओ के टेबल पर फाइल रखी और भुगतान का मामला सीधे आगे बढ़ गया। हालांकि यह राशि लाखों रुपए बताई जा रही है।
वरिष्ठों को अंधेरे में रखकर जारी किए आदेश
सूत्र बताते हैं कि सीएमएचओ ने लाखों रुपए की सोलर बैटरी लगाने के लिए अपने वरिष्ठ यानी कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी से भी किसी तरह की अनुमति नहीं ली। जानकारी मिली है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में सोलर बैटरियां लगाने की फाइल कलेक्टर दफ्तर पहुंची ही नहीं। वरिष्ठों को दरकिनार कर सीएमएचओ रहे उइके ने अपने ही आदेश से ही सोलर बैटरियां लगाकर लाखों का भुगतान करवा दिया गया। जानकार सूत्र बताते हैं कि कलेक्टर ने पूर्व में ही उन्हें हिदायत दी थी कि इस तरह के मिथ्या खर्च पर लगाम कसे, लेकिन उनके आदेशों की अवहेलना कर बड़े पैमाने पर सोलर बैटरियां लगा दी गई। जबकि जो सोलर बैटरियां लगाई गई है, वह भी पुरानी होने की बात सामने आई है। इसकी क्वालिटी पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधिकारी भी सवाल उठा चुके हैं। पूर्व की बैटरियों से भी इनकी संख्या कम होने पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। इस संबंध में कलेक्टर नेरेंद्र कुमार सूर्यवंशी को उनके मोबाइल 7692970993 पर काल किया, लेकिन उन्होंने रिसीव नहीं किया।
इनका कहना….
मुझे ठीक से याद नहीं है कि कितनी सोलर बैटरियां खरीदी गई थी। आफिस में परिहार से पूछकर जानकारी ली जा सकती है। खरीदी के लिए कलेक्टर साहब से अनुमति ली है या नहीं, इसके लिए आप पता कर लें।
डॉ रविकांत उइके, पूर्व सीएमएचओ बैतूल




