Betul Samachar : करोड़ों की लागत से बना अस्पताल का ड्रेनेज सिस्टम फेल
Betul Samachar: The drainage system of the hospital built at a cost of crores failed

ग्राउंड फ्लोर में घुसा पानी, पीआईयू को शिकायत के बावजूद सुधार नहीं
Betul Samachar : (बैतूल)। करोड़ों की लागत से बने जिला अस्पताल का निर्माण कार्य घटिया तरीके से किया है, जिससे बारिश के दिनों में आए दिनों ड्रेनेज सिस्टम खराब होने से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बुधवार को भी कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। अस्पताल का ड्रेनेज सिस्टम फेल होने के कारण ग्राउंड फ्लोर में पानी घुस गया। सफाई कर्मचारी पानी को बाहर निकालने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। अस्पताल प्रबंधन ने पीआईयू को कई बार ड्रेनेज सिस्टम के सुधार को लेकर पत्र लिखा, लेकिन कोई सुधार कार्य नहीं हुआ है।
जिला अस्पताल का 2019 में 18 करोड़ रूपए की अधिक लागत से निर्माण कार्य किया गया। अस्पताल की मरम्मत ठेकेदार को पांच वर्ष तक करनी है। अभी अस्पताल का ड्रेनेज सिस्टम खराब होने पर सुधार कार्य नहीं किया जा रहा है। बारिश के पानी की निकासी नहीं होने के कारण पानी अस्पताल में भरा जाता है, जिससे मरीज और डॉक्टर सहित स्टॉफ को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बुधवार सुबह हुई बारिश के कारण अस्पताल का ड्रेनेज सिस्टम बिगड़ गया। पैथालॉजी के शौचालय से पानी सीधा ग्राउंड फ्लोर में भरा गया।
सफाईकर्मियों ने घंटो की मशक्कत के बाद अस्पताल में भरे पानी को बाहर किया। बताया जा रहा है कि ड्रेनेज सिस्टम की परेशानी कई दिनों से चल रही है, लेकिन सुधार कार्य नहीं होने से परेशानियां बढ़ गई है। कई जगह वार्डो में भी पानी रिसाव होने की जानकारियां सामने आ रही है। भूकंप रोधी पट्टी से भी पानी का रिसाव हमेशा होते रहता है। अस्पताल निर्माण के समय लापरवाही बरती गई, जिसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।
तीन बार लिख चुके है पीआईयू को पत्र
जिला अस्पताल में बार-बार बिगड़ते ड्रेनेज सिस्टम को दुरूस्त करने के लिए अस्पताल प्रबंधन ने कई बार पीआईयू को पत्र लिखकर सुधार के लिए कहा है, लेकिन विभाग ने अभी तक स्वास्थ्य विभाग की शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया। नतीजा यह है कि बारिश के दिनों में ड्रेनेज सिस्टम फेल होने से परेशानियों का सामना करना पड़ता है। अस्पताल के निर्माण को लेकर ठेका दिया गया था और निगरानी और गुणवत्ता की जांच के लिए पीआईयू विभाग के अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई थी। अधिकारियों ने निरीक्षण के समय ध्यान नहीं रखा और निर्माण कार्य में गड़बड़ी करते रहा। जब अस्पताल की शुरूआत हुई थी तभी पहली बारिश में ही अस्पताल में जल भराव हो गया था। अब प्रतिवर्ष यही स्थिति निर्मित हो रही है। अस्पताल प्रबंधन ने ड्रेनेज सिस्टम को सुधारने के लिए अपने स्तर पर प्रयास किए, लेकिन ड्रेनेज सिस्टम दुरूस्त नहीं हुआ।
अस्पताल की लिफ्ट में घुस जाता पानी
जिला अस्पताल में ग्राउंड फ्लोर से तीसरी मंजिल तक पहुंचने के लिए दो लिफ्ट लगाई गई है। बारिश के दिनों में इन दोनों लिफ्ट के डक्ट में जलभराव हो जाता है, जिससे लिफ्ट बार-बार खराब होते रहती है। इसके पहले लिफ्ट में कई बार जलभराव की स्थिति निर्मित हो गई। अस्पताल के सफाई कर्मचारियों द्वारा लिफ्ट से पानी बाहर निकाला गया। जहां लिफ्ट लगाई गई है, वहां पर भी ड्रेनेज सिस्टम को लेकर सही निर्माण कार्य नहीं किया गया, जिसके कारण लिफ्ट में जलभराव हो जाता है।
इनका कहना…
ड्रेनेज सिस्टम को सुधारने के लिए पीआईयू को तीन से चार बार पत्र लिख चुके है, लेकिन अभी तक सुधार कार्य नहीं हुआ है। भवन निर्माण के दौरान ठेकेदारों से किए गए अनुबंध में यह शर्त स्पष्ट रूप से लिखी होती है कि अगले पांच वर्ष तक भवन में किसी भी तरह की गड़बड़ी आने के बाद उसे ठेकेदार स्वयं सुधार कर देगा।
डॉ रानू वर्मा, आरएमओ, बैतूल




