Betul Samachar: कढ़ाई में 5 करोड़ की लागत से बनेगा प्रदेश का पहला साइंटिफिक लैंडफिल प्रोजेक्ट

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से सीटीसी और टीओआर मिलने का दावा, 200 मीटर के दायरे में स्कूल, अस्पताल, नदी और आबादी नहीं होने की बात, प्रोजेक्ट को लेकर विरोध के बीच नगर पालिका ने रखे अपने तर्क

Betul Samachar: बैतूल। शहर के कचरा प्रबंधन को व्यवस्थित बनाने के लिए कढ़ाई में करीब 5 करोड़ रुपए की लागत से साइंटिफिक लैंडफिल प्रोजेक्ट प्रस्तावित है। नगर पालिका के सीएमओ नवनीत पांडेय के अनुसार, यह परियोजना वैज्ञानिक तरीके से कचरे के निस्तारण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल होगी। नगर पालिका का दावा है कि प्रस्तावित स्थल का चयन निर्धारित मानकों को ध्यान में रखकर किया गया है और इसके लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से आवश्यक प्रक्रियाओं के तहत पूर्व में ही सीटीसी और टीओआर प्राप्त हो चुके हैं। हालांकि, परियोजना को लेकर स्थानीय स्तर पर विरोध की बात भी सामने आ रही है। ऐसे में अब इस परियोजना की तकनीकी उपयुक्तता, पर्यावरणीय मानकों और स्थानीय लोगों की चिंताओं पर चर्चा महत्वपूर्ण हो गई है।

 

200 मीटर के दायरे में संवेदनशील स्थल नहीं होने का दावा

नगर पालिका के अनुसार, कढ़ाई में प्रस्तावित प्रोजेक्ट स्थल के 200 मीटर के दायरे में कोई स्कूल, आंगनबाड़ी, अस्पताल, नदी, गांव या रहवासी क्षेत्र नहीं है। इसी आधार पर नगर पालिका का कहना है कि यह स्थान परियोजना के लिए निर्धारित मानकों की पूर्ति करता है। निकाय का तर्क है कि कचरा प्रबंधन परियोजना के लिए स्थल का चयन करते समय आसपास की बसाहट और अन्य संवेदनशील स्थानों की स्थिति को ध्यान में रखा गया है। हालांकि, परियोजना की पर्यावरणीय उपयुक्तता का अंतिम आकलन संबंधित स्वीकृतियों, तकनीकी रिपोर्ट और स्थल निरीक्षण के आधार पर ही किया जाना चाहिए। इसलिए स्थल से जुड़ी दूरी और अन्य मानकों की आधिकारिक रिपोर्ट भी महत्वपूर्ण होगी।

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से सीटीसी और टीओआर मिली

सीएमओ नवनीत पांडेय के अनुसार, नगर पालिका को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से पहले ही सीटीसी और टीओआर प्राप्त हो चुके हैं। उनका कहना है कि इन प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद कढ़ाई की जमीन पर कचरा प्रबंधन परियोजना को आगे बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। नगर पालिका के अनुसार, प्रस्तावित स्थान पर कचरा शिफ्टिंग और प्रबंधन की योजना निर्धारित प्रक्रियाओं को ध्यान में रखकर बनाई गई है। हालांकि, सीटीसी और टीओआर की वास्तविक स्थिति, उनका पूरा नाम, जारी करने की तारीख, शर्तें तथा परियोजना के लिए आवश्यक अन्य अनुमतियों की पुष्टि संबंधित दस्तावेजों से किया जा चुका है।

पहले जनता से मांगे गए थे सुझाव

नगर पालिका का कहना है कि जमीन पर परियोजना विकसित करने से पहले जनता से सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित की गई थीं। निकाय के अनुसार, इस प्रक्रिया का उद्देश्य स्थानीय लोगों को प्रस्तावित परियोजना के बारे में अपनी बात रखने का अवसर देना था। इसके बावजूद परियोजना का विरोध किए जाने पर नगर पालिका की ओर से सवाल उठाए जा रहे हैं। निकाय का पक्ष है कि विकास कार्यों को लेकर उठने वाली आपत्तियों पर तथ्यों और तकनीकी मानकों के आधार पर विचार होना चाहिए। यदि किसी व्यक्ति या समूह को परियोजना से पर्यावरण, स्वास्थ्य या स्थानीय सुविधाओं को लेकर कोई आशंका है, तो उसे संबंधित दस्तावेजों और ठोस तथ्यों के साथ सामने रखा जाना चाहिए।

सरकारी जमीन पर खेती और अवैध खुदाई को लेकर भी सवाल

नगर पालिका की ओर से यह आरोप भी लगाया जा रहा है कि कुछ लोग सरकारी जमीन पर खेती कर रहे हैं और प्रस्तावित स्थल से मिट्टी की अवैध खुदाई में भी कुछ लोगों की भूमिका हो सकती है। निकाय के अनुसार, विकास परियोजना का विरोध करने के पीछे कुछ लोगों के निजी हित भी हो सकते हैं। इसलिए सरकारी जमीन पर कथित अतिक्रमण, मिट्टी की खुदाई और विरोध के पीछे निजी हितों की भूमिका जैसे मामलों में राजस्व विभाग तथा संबंधित अधिकारियों की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। नगर पालिका का मानना है कि विकास कार्यों को प्रभावित करने के लिए यदि भ्रामक जानकारी फैलाकर ग्रामीणों को विरोध के लिए तैयार किया जा रहा है, तो ऐसे मामलों की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

5 करोड़ के प्रोजेक्ट से कचरा प्रबंधन को मिलेगी नई दिशा

साइंटिफिक लैंडफिल प्रोजेक्ट का उद्देश्य कचरे के सुरक्षित और व्यवस्थित निस्तारण के लिए तकनीकी व्यवस्था विकसित करना है। ऐसी परियोजनाओं में कचरे का पृथक्करण, पुनर्चक्रण योग्य सामग्री का उपयोग और शेष अनुपयोगी कचरे का निर्धारित मानकों के अनुसार निस्तारण महत्वपूर्ण होता है। करीब 5 करोड़ रुपए की लागत से प्रस्तावित इस परियोजना की सफलता केवल निर्माण तक सीमित नहीं रहेगी। इसके लिए नियमित संचालन, कचरे की मात्रा के अनुरूप क्षमता, भूजल और मिट्टी की सुरक्षा, दुर्गंध नियंत्रण तथा पर्यावरणीय निगरानी जैसी व्यवस्थाओं का प्रभावी होना भी जरूरी होगा।

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Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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