व्यापारियों से सवाल- बेसमेंट में किसी की जान गई तो जिम्मेदारी किसकी ?

कार्रवाई से बचने व्यापारी विधायक के पास पहुंचे, नपा की कार्रवाई पर भी फिर उठ रहे सवाल

बैतूल। जिला मुख्यालय पर व्यापारियों की हटधर्मिता के कारण पहले तो यातायात व्यवस्था चरमराई हुई है। आए दिनों यातायात व्यवस्था से हादसे हो रहे हैं, लेकिन दबाव के कारण प्रशासन कार्रवाई नहीं कर पा रहा है। यह मामला अभी सुर्खियों में है कि नगरपालिका द्वारा बेसमेंट और फायर सेफ्टी के लिए व्यापारियों को जारी किए गए नोटिस पर फिर राजनीति हावी होने की संभावना दिखाई दे रही है।

दरअसल राज्य शासन ने नई दिल्ली कोचिंग हादसे के बाद हर शहरी क्षेत्र में बेसमेंट का उपयोग व्यवसायिक गतिविधियों के लिए करने और संभावित हादसे से बचने की गाइड लाइन जारी की है। नगरपालिका को इसके लिए अधिकृत किया है। कहा जा रहा है कि की गई कार्रवाई से राज्य शासन को रिपोर्ट के आधार पर हर चार दिन में जानकारी भेजना है, लेकिन बैतूल नगरपालिका ने एक शॉपिंग मॉल और छविगृह पर कार्रवाई करते हुए इतिश्री कर ली है।

भले ही नगरपालिका के जिम्मेदार दावा करे कि बेसमेंट के लिए प्रतिष्ठान चिन्हित किए जा रहे हैं, इन्हें नोटिस भी जारी किए जाएंगे। दूसरी तरफ पांच दिनों में ऐसे कितने प्रतिष्ठान चिन्हित किए इसकी जानकारी तक उपलब्ध कराने में नपा को पसीने छूट रहे हैं। खबर तो यह भी आ रही है कि नपा के अधिकारी अब दबाव के कारण मीडिया को भी या तो जानकारी देने से बच रहे हैं या गलत जानकारियां उपलब्ध करा रहे हैं।

कार्रवाई के लिए मुंह चिड़ा रहे कई काम्प्लेक्स

भले ही नगरपालिका के लोक निर्माण विभाग के जिम्मेदार कह रहे है कि कार्रवाई की जा रही है लेकिन वास्तविकता यह है कि शहर के छोटे दुकानदार दावा कर रहे हैं कि अतिक्रमण के नाम उनकी दो जून की रोटी छीन ली गई। यह कार्रवाई शासन और प्रशासन ने नियम के आधार पर की।

उनका सवाल है कि जब शासन ने ही बेसमेंट वाले काम्प्लेक्सों का उपयोग पार्किंग की जगह व्यवसायिक गतिवधियों पर करने वालो के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं, तब नगपालिका नोटिस-नोटिस क्यों खेल रही है। अतिक्रमण हटाने के बाद बेरोजगार हुए व्यवसायियों ने नगरपालिका को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि छोटे लोगों की रोजी-रोटी छीनकर बड़े व्यापारियों को फायदा पहुंचने के लिए दबाव में आकर कार्रवाई नहीं की जा रही है। नाम न छापने की शर्त पर एक छोटे दुकानदार ने बताया कि यदि नगरपालिका ऐसे व्यवसायियों पर कार्रवाई नहीं करती है तो फिर हम लोक उपयोगिता अदालत में मामले को ले जाएंगे।

बेसमेंट में हादसा हुआ तो जिम्मेदार कौन?

व्यापारी नगरपालिका की कार्रवाई के बाद बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल से मिलकर नियमों की दुहाई दे रहे हैं। दूसरी तरफ वास्तविकता यह है कि नगरपालिका से उन्होंने अपने बेसमेंट के लिए किस बात की अनुमति ली है इसकी यदि जांच हो जाए तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। अपने संभावित नुकसान को देखते हुए पार्किंग का उपयोग कर दुकानों का व्यवसायिक उपयोग करने वाले व्यापारी विधायक का सहारा ले रहे हैं, लेकिन हकीकत यह है कि शासन के आदेश का अधिकारी पालन नहीं करते हैं तो वे खुद कटघरे में खड़े हो जाएंगे। यदि भविष्य में तेज बारिश के बाद शहर में आधा सैकड़ा से अधिक बेसमेंट में जलभराव जैसी स्थिति निर्मित हुई और कोई जनहानि होती है तो इसके लिए जिम्मेदार कौन होगा? कह पाना मुश्किल है। इस संबंध में नपा के एई नीरज धुर्वे को उनके मोबाइल 7999271178 पर कई बार कॉल किया, लेकिन उन्होंने मोबाइल रिसिव नहीं किया।

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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