Betul News: बैतूल में भाजपा का टाइम टेबल बेअसर! नेता नदारद, कार्यकर्ता लगा रहे पीए के चक्कर

प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के गृह जिले में ही व्यवस्था की खुल रही पोल सांसद दुर्गादास उइके, चार विधायकों और जिलाध्यक्ष के लिए तय हैं दिन, फिर भी मुलाकात की गारंटी नहीं

Betul News: बैतूल। कार्यकर्ताओं की समस्याएं सुनने के लिए टाइम टेबल जारी करना आसान है, लेकिन उस पर अमल कराना मुश्किल! बैतूल में भाजपा की कार्यकर्ता सुनवाई व्यवस्था की मौजूदा तस्वीर कुछ ऐसे ही सवाल खड़े कर रही है। जिले में सांसद, पांचों विधानसभा क्षेत्रों के विधायकों और भाजपा जिलाध्यक्ष के लिए बाकायदा दिन और समय तय किए गए। मकसद था कि कार्यकर्ताओं और आम लोगों को अपनी समस्याएं लेकर नेताओं के पीछे न भटकना पड़े। शुरुआत में कुछ दिन व्यवस्था चली, लेकिन अब निर्धारित समय पर जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। कार्यकर्ताओं को नेताओं से सीधे मिलने के बजाय उनके निज सहायकों को फोन लगाने पड़ रहे हैं। वहां से व्यस्तता का हवाला मिलने पर उनकी परेशानी और बढ़ जाती है।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब कार्यालय में बैठने के दिन और समय पहले से तय हैं, तो फिर कार्यकर्ताओं को नेताओं की उपलब्धता के लिए फोन क्यों करना पड़ रहा है? यदि तय कार्यक्रम के मुताबिक मुलाकात ही नहीं हो पा रही तो इस टाइम टेबल का फायदा क्या है? प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के गृह जिले में व्यवस्था का इस तरह सवालों के घेरे में आना पार्टी के कार्यकर्ता-केंद्रित दावों के सामने असहज स्थिति पैदा करता है।

भोपाल में व्यवस्था का संदेश, बैतूल में अमल पर सवाल

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने भोपाल में मंत्रियों के कार्यालय में बैठने के लिए अलग-अलग दिन निर्धारित कर कार्यकर्ताओं की समस्याएं सुनने की व्यवस्था बनाई है। संदेश साफ है कि कार्यकर्ताओं को अपनी बात रखने के लिए भटकना नहीं पड़े, लेकिन बैतूल में इसी सोच के तहत बनाई गई व्यवस्था की नियमितता पर सवाल उठ रहे हैं। जब राजधानी में मंत्रियों की उपलब्धता के लिए समय-सारिणी तय की जा सकती है, तो प्रदेश अध्यक्ष के गृह जिले में सांसद और विधायकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने में परेशानी क्यों आ रही है।

यह मामला केवल कार्यालय में बैठने या नहीं बैठने तक सीमित नहीं है। सवाल उस भरोसे का है, जिसके आधार पर कार्यकर्ता अपनी समस्या लेकर पार्टी के जनप्रतिनिधियों तक पहुंचते हैं। समय तय होने के बाद भी मुलाकात को लेकर अनिश्चितता बनी रहती है, तो व्यवस्था की उपयोगिता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

केंद्रीय मंत्री और प्रदेश अध्यक्ष की व्यस्तता, लेकिन विकल्प क्या?

निर्धारित कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री एवं सांसद दुर्गादास उइके और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष व बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल के लिए भी दिन तय हैं। दोनों की जिम्मेदारियां व्यापक हैं और व्यस्तता भी इसकी वजह हो सकती है। लेकिन व्यस्तता के बीच कार्यकर्ताओं की सुनवाई कैसे होगी, इसका जवाब भी व्यवस्था में ही होना चाहिए। यदि किसी दिन जनप्रतिनिधि उपलब्ध नहीं हो सकते, तो क्या वैकल्पिक समय तय किया जाता है? क्या कार्यकर्ताओं को इसकी सूचना दी जाती है? और क्या उनकी समस्याओं पर बाद में कार्रवाई होती है? इन सवालों का स्पष्ट जवाब सामने आना बाकी है।

सात नाम, सात कार्यक्रम, निगरानी कौन करेगा?

भाजपा के जारी चार्ट में प्रदेश अध्यक्ष एवं बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल, केंद्रीय राज्य मंत्री एवं सांसद दुर्गादास उइके, जिला अध्यक्ष सुधाकर पवार और चार अन्य विधायकों के लिए दिन निर्धारित हैं। कार्यक्रम के अनुसार सभी के लिए दोपहर 3 से शाम 5 बजे तक जिला भाजपा कार्यालय, विजय भवन, बैतूल में उपलब्ध रहने का समय दिया गया है।

कार्यकर्ताओं के लिए नियम, नेताओं की जवाबदेही पर भी हो बात

जारी पत्र में कार्यकर्ताओं से यह भी कहा गया है कि सांसद या विधायक से मिलने आने से पहले उनके पीए से फोन पर चर्चा कर लें, ताकि किसी तरह की असुविधा न हो। लेकिन यदि तय कार्यक्रम के बावजूद उपलब्धता सुनिश्चित नहीं है, तो सवाल केवल कार्यकर्ताओं से पहले फोन करने की अपेक्षा का नहीं, बल्कि जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही का भी है। फोन पर समय लेने के बाद भी मुलाकात नहीं हो पाती, तो कार्यकर्ता आखिर अपनी समस्या लेकर कहां जाएं?

अब पार्टी नेतृत्व के सामने चुनौती साफ है कि क्या यह टाइम टेबल केवल कागजों तक सीमित रहेगा या इसकी नियमित निगरानी भी होगी? क्या निर्धारित दिन पर अनुपस्थित रहने की स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था बनाई जाएगी? और सबसे अहम, क्या कार्यकर्ताओं को उनकी समस्याओं के निराकरण की जानकारी भी मिलेगी? क्योंकि कार्यकर्ताओं की सुनवाई के लिए समय तय करना पहला कदम है; उस समय पर उपलब्ध रहना और उनकी समस्या का समाधान कराना ही व्यवस्था की असली परीक्षा है।

जनप्रतिनिधियों का निर्धारित टाइम टेबल

भाजपा जिला अध्यक्ष सुधाकर पवार ने करीब 1 वर्ष पहले यह व्यवस्था बनाई थी। जिसमें सभी के भाजपा कार्यालय में बैठने की दिन और समय दोपहर 3 से बजे तक तय किया था। इसके तहत सोमवार को भैंसदेही विधायक महेंद्र सिंह , सोमवार एवं मंगलवार भाजपा जिला अध्यक्ष सुधाकर पवार, मंगलवार को आमला विधायक डॉ. योगेश पंडाग्रे। इसी तरह बुधवार को मुलताई विधायक चंद्रशेखर देशमुख, गुरुवार को घोड़ाडोंगरी विधायक गंगा उइके , शुक्रवार को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं बैतूल विधायक के अलावा शनिवार को केंद्रीय राज्य मंत्री एवं सांसद दुर्गादास उइके का निर्धारित समय तय किया है। जो जिला भाजपा कार्यालय में दोपहर 3 से शाम 5 बजे तक समय देंगे।

हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिए कृपया इस लिंक पर क्लिक करें

👇https://chat.whatsapp.com/KWRuTRhIWoXDiwhdwiCm29?mode=gi_t

बैतूल जिले की ताजा खबरें (Hindi News Madhyapradesh) अब हिंदी में पढ़ें| Trending और Viral खबरों के लिए जुड़े रहे snewstimes.com से| आज की ताजा खबरों (Latest Hindi News) के लिए सर्च करें snewstimes.com

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

Related Articles

Back to top button