Betul Congress News: बैतूल कांग्रेस में दिल्ली कनेक्शन की सियासत तेज!

सृजन अभियान में सियासी संग्राम, क्या अब भी खींची है कांग्रेस में गुटों की तलवारें?

Betul Congress News: बैतूल। कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान के दौरान सामने आई गुटबाजी का विवाद अब भी शांत होता नजर नहीं आ रहा है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में शुरू हुआ नेताओं के बीच टकराव अब भोपाल से लेकर दिल्ली तक चर्चा का विषय बना हुआ है। राजनीतिक गलियारों में सवाल उठ रहे हैं कि आखिर प्रदेश नेतृत्व दोनों गुटों के बीच समन्वय स्थापित करने में सफल हुआ या फिर वर्चस्व की लड़ाई अभी भी जारी है।

सूत्रों के अनुसार पूरे घटनाक्रम की शुरुआत हाईवे पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के स्वागत-सत्कार को लेकर हुई। एक गुट द्वारा किए गए इस आयोजन की जानकारी दूसरे गुट को मिलते ही नाराजगी बढ़ गई और इसके बाद सृजन अभियान के समापन कार्यक्रम में विवाद खुलकर सामने आ गया। स्थिति गाली-गलौज, धक्का-मुक्की और एफआईआर तक पहुंच गई, जिससे संगठनात्मक कार्यक्रम का उद्देश्य ही पीछे छूट गया।

भोपाल में नहीं निकला कोई हल

सूत्रों के मुताबिक मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने दोनों प्रमुख नेताओं को भोपाल तलब किया। दोनों नेता निर्धारित समय पर भोपाल भी पहुंचे, लेकिन प्रदेश स्तर के कार्यक्रमों और वरिष्ठ नेताओं की व्यस्तता के कारण औपचारिक चर्चा नहीं हो सकी।

इसी दौरान एक गुट के नेता को दूसरे नेता की वरिष्ठ नेताओं के साथ मौजूदगी रास नहीं आई, जिसके बाद राजनीतिक हलचल और तेज हो गई। भोपाल में शिकवे-शिकायत करने पहुंचे नेताओं की दाल नहीं गलने और यहां पर भी गुटबाजी सामने आने के बाद कांग्रेस का स्थानीय संगठन विवादों में घिरता नजर आ रहा है। राजनीतिक जानकार बैतूल कांग्रेस की स्थिति पर हतप्रद है। उनका मानना है कि यदि मतभेद और मनभेद खत्म नहीं हुए तो जिले में कांग्रेस की स्थिति बद से बदत्तर हो जाएगी।

दिल्ली के दौरे ने चर्चाओं को दे दी हवा

सूत्र बताते हैं कि इसके तुरंत बाद संबंधित नेता अपने समर्थकों के साथ दिल्ली पहुंच गए और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की। इन मुलाकातों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी साझा की गईं। राजनीतिक जानकार इसे संगठन के भीतर अपनी स्वीकार्यता और प्रभाव दिखाने की कोशिश के रूप में देख रहे हैं। उनका मानना है कि संदेश देने का प्रयास किया गया कि उनका राजनीतिक कद केवल प्रदेश तक सीमित नहीं, बल्कि राष्ट्रीय नेतृत्व तक भी है।

हालांकि अब तक प्रदेश नेतृत्व की ओर से इस विवाद के समाधान को लेकर कोई स्पष्ट संकेत सामने नहीं आए हैं। जिले की राजनीति में दोनों गुटों के बीच खिंचाव पहले जैसा ही बना हुआ है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यदि समय रहते इस अंदरूनी संघर्ष पर विराम नहीं लगा, तो इसका सीधा असर कांग्रेस के संगठन और आगामी चुनावी तैयारियों पर पड़ सकता है। फिलहाल बैतूल कांग्रेस में सृजन अभियान की अपेक्षा वर्चस्व की जंग ही सबसे अधिक चर्चा का विषय बनी हुई है।

कानूनी पेच में उलझी गिरफ्तारी

कांग्रेसियों के बीच संगठन सृजन प्रशिक्षण के बाद हुए घटना क्रम के मामले में कानूनी पेच भी उलझे हुए है। पुलिस ने दोनों पक्षों की रिपोर्ट पर एक-दूसरे के खिलाफ मारपीट और एससी-एसटी एक्ट का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने दोनों पक्षों को अभी नोटिस जारी नहीं किए है।

जाति प्रमाण-पत्र के दस्तावेज बुलाएं जाने के बाद मामला आगे बढ़ने की संभावना दिख रही है। वरिष्ठ अधिवक्ता ब्रजकिशोर पांडे के मुताबिक ऐसे मामलों में गिरफ्तारी नहीं होती। पुलिस नोटिस जारी करती है। इसके बाद दोनों पक्षों को न्यायालय से जमानत करवाना पड़ेगा। प्रकरण में अग्रिम जमानत का प्रावधान नहीं है।

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Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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