Betul Ki Khabar: समय सीमा के बाद भी नहीं बन रहे जाति-स्थाई प्रमाण पत्र

लोक सेवा केंद्र और एसडीएम कार्यालय के बीच तालमेल की कमी से आवेदक परेशान, रोजगार व शिक्षा संबंधी कार्य हो रहे प्रभावित

Betul Ki Khabar: बैतूल। राज्य शासन द्वारा जाति, स्थाई निवास, गरीबी रेखा सहित विभिन्न प्रमाण पत्रों को समयबद्ध तरीके से जारी करने के लिए लोक सेवा गारंटी व्यवस्था लागू की गई है, लेकिन बैतूल जिले में यह व्यवस्था कई जगह दम तोड़ती नजर आ रही है। निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद भी बड़ी संख्या में आवेदकों को प्रमाण पत्र नहीं मिल पा रहे हैं, जिससे छात्र, युवा और बेरोजगारों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

जानकारी के अनुसार लोक सेवा केंद्रों में आवेदन जमा होने के बाद संबंधित प्रकरण एसडीएम कार्यालय, नगर पालिका, नगर परिषद अथवा जनपद पंचायतों को भेजे जाते हैं। नियमानुसार निर्धारित अवधि के भीतर प्रमाण पत्र जारी किया जाना चाहिए, लेकिन कई मामलों में आवेदन दिनों तक लंबित पड़े हुए हैं।

लोक सेवा केंद्रों और संबंधित विभागों के बीच समन्वय की कमी के कारण आवेदकों को अनावश्यक परेशानी उठानी पड़ रही है। बैतूल एसडीएम कार्यालय में प्रतिदिन लंबित प्रकरणों की मॉनिटरिंग किए जाने का दावा किया जाता है, लेकिन इसके बावजूद प्रमाण पत्रों के निराकरण में देरी सामने आ रही है।

आवेदकों का कहना है कि आवेदन संबंधित शाखाओं तक समय पर नहीं पहुंच रहे हैं या फिर लंबित प्रकरणों की प्रभावी समीक्षा नहीं हो रही है। राठीपुर निवासी एक आदिवासी युवक ने बताया कि उसने डिजिटल जाति प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया था।

आवेदन में त्रुटि बताकर उसे निरस्त कर दिया गया, लेकिन समस्या के निराकरण के लिए दो बार एसडीएम कार्यालय पहुंचने के बावजूद उसकी परेशानी दूर नहीं हो सकी। इसी प्रकार राहुल इंगले ने बताया कि उन्होंने 1 जुलाई को गरीबी रेखा संबंधी प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया था। लोक सेवा केंद्र के अनुसार 9 जुलाई को आवेदन एसडीएम कार्यालय भेज दिया गया था, लेकिन 17 जुलाई तक कोई सूचना नहीं मिली।

कार्यालय में पूछताछ करने पर आवेदन प्राप्त नहीं होने की बात कही गई। बाद में लोक सेवा केंद्र के रिकॉर्ड के आधार पर खोजबीन करने पर आवेदन संबंधित शाखा में मिला। इस घटना ने विभागीय समन्वय और कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं प्रतिदिन बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवा तथा रोजगार की तलाश में जुटे आवेदक जाति एवं स्थाई प्रमाण पत्र के लिए कार्यालय पहुंच रहे हैं, लेकिन उन्हें समय पर जानकारी और समाधान नहीं मिल पा रहा है।

ग्रामीण क्षेत्रों में भी यही स्थिति

ग्रामीण क्षेत्रों में जाति और स्थाई प्रमाण पत्रों के लिए पंचायतों को अधिकृत किया गया है। यहां से आवेदन जनपद पंचायत और लोक सेवा केंद्रों के माध्यम से आगे बढ़ते हैं, जबकि शहरी क्षेत्रों में नगर पालिका और नगर परिषद स्तर पर प्रक्रिया पूरी की जाती है। इसके बावजूद विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की कमी के कारण प्रमाण पत्र जारी करने में अनावश्यक विलंब हो रहा है। इससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के आवेदक प्रभावित हो रहे हैं।

इनका कहना…

लोकसेवा केंद्रों के माध्यम से जाति-स्थाई प्रमाण पत्र बनाए जाते हैं। इसकी समय सीमा भी निर्धारित है। यदि कुछ मामले में विलंब हो रहा है तो आप प्रमाण दीजिए, हम इसे दिखवाएंगे। 

– डॉ अभिजीत सिंह, एसडीएम बैतूल

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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