Betul Samachar: वंदे मातरम से होगा राष्ट्रपति का स्वागत, आदिवासी संस्कृति की छटा के बीच बैतूल रचेगा इतिहास
48 घंटे बाद बैतूल में महामहिम द्रौपदी मुर्मू का आगमन, ब्रह्माकुमारी महासम्मेलन की तैयारियां पूरी

Betul Samachar: बैतूल। आदिवासी बाहुल्य जिला बैतूल अब से महज 48 घंटे बाद एक ऐतिहासिक पल का साक्षी बनने जा रहा है। देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के आगमन को लेकर पूरे जिले में उत्साह का माहौल है। लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम में आयोजित होने वाले ब्रह्माकुमारी संस्थान के विशाल महासम्मेलन की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। सुरक्षा, यातायात और बैठक व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है।
वंदे मातरम से होगी कार्यक्रम की शुरुआत
ब्रह्माकुमारी संस्थान द्वारा आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि राष्ट्रपति के कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रभक्ति के प्रतीक ‘वंदे मातरम’ से होगी। लगभग एक घंटे के इस कार्यक्रम में मंच पर राष्ट्रपति सहित केवल नौ लोगों के बैठने की अनुमति रहेगी। ब्रह्माकुमारी के वरिष्ठ पदाधिकारी डॉ. नथमल भाई ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रभारी मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल के कार्यक्रम को लेकर अंतिम पुष्टि अभी शेष है।
आदिवासी संस्कृति से होगा सम्मान
कार्यक्रम में राष्ट्रपति का स्वागत और सम्मान आदिवासी संस्कृति की झलक के साथ किया जाएगा। आदिवासी स्वागत गीत और पारंपरिक नृत्य आकर्षण का केंद्र रहेंगे। आयोजन में आध्यात्मिक संदेशों के साथ जनजातीय समाज के उत्थान और सशक्तिकरण का संदेश भी दिया जाएगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अपने आध्यात्मिक अनुभव भी साझा करेंगी।
पासधारकों को ही मिलेगा प्रवेश
आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम में प्रवेश केवल पूर्व पंजीकृत पासधारकों को ही दिया जाएगा। आधार और मोबाइल नंबर के आधार पर जारी किए गए पासों पर शासकीय मुहर अनिवार्य होगी।
पत्रकारों, प्रशासनिक अधिकारियों, ब्रह्माकुमारी परिवार और आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों के लिए अलग-अलग बैठक व्यवस्था की गई है। वीआईपी अतिथियों के लिए गेट नंबर-2 तथा आम नागरिकों के लिए गेट नंबर-3 और 4 निर्धारित किए गए हैं, जबकि राष्ट्रपति का प्रवेश गेट नंबर-1 से होगा।कार्यक्रम में लगभग 5 लोगों के शामिल होने की संभावना व्यक्त की गई है।
सुबह 9 बजे तक सीटों पर पहुंचना होगा
माउंट आबू से आईं ब्रह्माकुमारी डॉ. लीना बहन ने बताया कि कार्यक्रम सुबह 11:20 बजे से 12:10 बजे तक चलेगा, लेकिन आम नागरिकों को सुबह 9 बजे तक अपनी सीटों पर बैठना होगा। इससे पहले सांस्कृतिक और आध्यात्मिक प्रस्तुतियां होंगी। राष्ट्रपति के आगमन के बाद किसी भी प्रकार की आवाजाही या प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।
राष्ट्रपति के आगमन को लेकर शहर के प्रमुख मार्गों, चौक-चौराहों और आयोजन स्थल पर स्वागत की तैयारियां जोरों पर हैं। पूरे जिले में उत्सव जैसा वातावरण है। बैतूल अब उस ऐतिहासिक क्षण की प्रतीक्षा कर रहा है, जब आध्यात्मिक जागरण और जनजातीय गौरव का संदेश देशभर में यहां से प्रसारित होगा।




