White Topping: व्हाइट टॉपिंग सड़क पर अभी भी वाहनों की रफ्तार बेलगाम

स्पीड ब्रेकर नहीं होने से बढ़ा हादसों का खतरा
White Topping: बैतूल। शहर में विकास कार्यों के नाम पर बनाई गई अत्याधुनिक व्हाइट टॉपिंग सड़क अब लोगों की सुरक्षा के लिए चिंता का विषय बनती जा रही है। कोतवाली से लल्ली चौक के बीच करोड़ों की लागत से निर्मित इस सड़क पर स्पीड ब्रेकर नहीं होने के कारण वाहन चालक सरपट दौड़ रहे हैं।
स्थिति यह है कि लगभग रोजाना छोटे-बड़े सड़क हादसे हो रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग अब तक कोई ठोस कदम उठाता नजर नहीं आ रहा है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि जिला प्रशासन, लोक निर्माण विभाग बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है।
कोतवाली से लल्ली चौक तक का मार्ग शहर की महत्वपूर्ण सड़कों में शामिल है। यह सड़क चक्कर रोड, टिकारी और गौठाना क्षेत्र सहित कई आवासीय इलाकों को शहर के मुख्य भाग से जोड़ती है। प्रतिदिन हजारों लोग अपने कार्यस्थलों, बाजारों और अन्य जरूरी कामों के लिए इसी मार्ग का उपयोग करते हैं। दिन-रात लहभग 2 हजार वाहनों की आवाजाही यहां बनी रहती है, जिसके चलते यातायात का दबाव भी काफी अधिक रहता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क के निर्माण के दौरान उसकी गुणवत्ता और चौड़ाई पर तो विशेष ध्यान दिया गया, लेकिन यातायात सुरक्षा से जुड़े जरूरी प्रावधानों की अनदेखी कर दी गई। सड़क पूरी तरह सीधी, सपाट और बिना डिवाइडर की है, जिससे दोपहिया और चारपहिया वाहन चालक तेज गति से वाहन चला रहे हैं।
कई बार वाहन चालक नियंत्रण खो देते हैं और दुर्घटनाएं हो जाती हैं। सबसे अधिक परेशानी पैदल राहगीरों, बुजुर्गों और स्कूली बच्चों को हो रही है। सड़क पार करना उनके लिए जोखिम भरा साबित हो रहा है। रहवासी क्षेत्रों के बीच से गुजरने वाली इस सड़क पर घटनाएं तो रोज हो रही हैं, लेकिन किसी भी समय गंभीर दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है।
नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा उपाय नहीं किए गए तो किसी बड़े हादसे से इंकार नहीं किया जा सकता। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन और पीडब्ल्यूडी विभाग से मांग की है कि सड़क पर यातायात के अनुसार उपयुक्त स्थानों का चयन कर स्पीड ब्रेकर लगाए जाएं। साथ ही चेतावनी संकेतक, रिफ्लेक्टर और गति सीमा संबंधी बोर्ड भी लगाए जाएं, ताकि वाहन चालकों को नियंत्रित गति से चलने के लिए प्रेरित किया जा सके।
लोगों का मानना है कि इन छोटे लेकिन महत्वपूर्ण उपायों से दुर्घटनाओं पर काफी हद तक अंकुश लगाया जा सकता है।अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन और जिम्मेदार विभाग नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कब तक आवश्यक कदम उठाता है या फिर किसी बड़े हादसे के बाद ही व्यवस्था जागती है। इस गम्भीर मामले को लेकर पीडब्ल्यूडी ईई प्रीति पटेल के मोबाइल नम्बर 8989127138 पर सम्पर्क किया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिए कृपया इस लिंक पर क्लिक करें
👇https://chat.whatsapp.com/KWRuTRhIWoXDiwhdwiCm29?mode=gi_t
बैतूल जिले की ताजा खबरें (Hindi News Madhyapradesh) अब हिंदी में पढ़ें| Trending और Viral खबरों के लिए जुड़े रहे snewstimes.com से| आज की ताजा खबरों (Latest Hindi News) के लिए सर्च करें snewstimes.com




