Prashasnik Kona: प्रशासनिक कोना: आखिर साहब के तबादले के बाद भी तड़का क्यों बरकरार?? थाना पोस्टिंग को लेकर गणित और गपशप पर क्यों हो रही चर्चा??? कौनसे अधिकारी टॉप टू बॉटम कवरेज में छाए???? विस्तार से पढ़िए हमारे चर्चित कॉलम प्रशासनिक कोना में….

तबादले के बाद भी चर्चाओं का तड़का बरकरार

जिले से हाल ही में तबादला हुए एक वरिष्ठ अधिकारी को लेकर प्रशासनिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार अब भी गर्म है। भले ही अधिकारी नए कार्यस्थल पर अपनी अनोखी कार्यप्रणाली के लिए चर्चित हो रहे हो, लेकिन उनके पूर्व कार्यकाल को लेकर तरह-तरह की बातें और कयास बीच-बीच में हलचल पैदा कर रहे हैं।

चर्चाओं के हवाले से कुछ हलकों में उनके कार्यकाल के दौरान खुद के घर के वैवाहिक समारोह के पूर्व उनके एक माहतम ने पूरे ढाई खोखा एक ठेकेदार से लिए। चर्चाओं के मुताबिक यह राशि बाहर की कम्पनी से एक बिल्डर के निवास पर लिए गए। उक्त साहब के मातहत ने विवाह समारोह के दरमियान गंज से हवाला भी किया था और सामाजिक आयोजनों को लेकर भी अलग-अलग तरह की बातें सुनी जा रही हैं।

हालांकि इन चर्चाओं को लेकर किसी भी स्तर पर कोई पुष्टि सामने नहीं आई है। प्रशासनिक जानकार साफ कहते हैं कि तबादलों के बाद इस तरह की कानाफूसी अक्सर तेज हो जाती है, जिसमें तथ्य कम और अनुमान अधिक हो सकते है, लेकिन विभागीय स्तर पर इस पूरे विषय पर कोई प्रतिक्रिया नहीं है और न ही किसी प्रकार का आधिकारिक बयान सामने आया है।

ऐसे में पूरा मामला अभी केवल चर्चाओं और कयासों तक ही सीमित माना जा रहा है। कुल मिलाकर वरिष्ठ अधिकारी के तबादले के बाद भी उनके नाम से जुड़ी चर्चाएं प्रशासनिक गलियारों में तड़का लगाए हैं, लेकिन वास्तविकता और अफवाह के बीच की रेखा अब भी धुंधली बनी है कि आखिर ढाई खोखे का गणित क्या था?

थाना पोस्टिंग को लेकर गणित और गपशप दोनों गर्म

जिले के एक थाना क्षेत्र में इन दिनों कानून-व्यवस्था से ज्यादा चर्चा थाना प्रभारी की परफॉर्मेंस रिपोर्ट की हो रही है। स्थानीय स्तर पर असंतोष की आवाजें अब खुलकर सुनाई देने लगी हैं, और वजह बताई जा रही है इलाके में अवैध गतिविधियों पर अपेक्षित सख्ती का अभाव। चर्चाओं के मुताबिक जनप्रतिनिधियों के बीच भी इस बात को लेकर हल्की-फुल्की बेचैनी का माहौल है कि फील्ड में हालात उम्मीद के मुताबिक काबू में नहीं आ पा रहे हैं।

नतीजतन परिवर्तन की संभावनाओं पर भी दबी जुबान से चर्चा शुरू हो गई है। इधर प्रशासनिक गलियारों की अपनी अलग ही दिक्कत है। जिले में अनुभवी थाना प्रभारियों की संख्या वैसे ही सीमित बताई जा रही है। ऐसे में हर बार बदलाव का विचार आते सूची छोटी और चर्चाएं बड़ी हो जाती हैं। कहते हैं, पुलिस विभाग में पोस्टिंग केवल कुर्सी का मामला नहीं होती, उसमें क्षेत्र, परिस्थितियां और उपलब्ध विकल्प तीनों का अपना अलग गणित होता है और फिलहाल इस गणित में सबसे मुश्किल सवाल यही बना हुआ है कि बदलें तो किसे?

फिलहाल न तो कोई आधिकारिक हलचल है और न ही कोई औपचारिक फैसला, लेकिन प्रशासनिक कोना अपनी पुरानी आदत के मुताबिक पूरी रफ्तार से चालू है, जहां समाधान से पहले चर्चाएं और चर्चाओं से पहले निष्कर्ष निकलने लगते हैं। यह थाना जिले में सर्वाधिक संवेदनशील नगर का मुख्यालय भी है।

टॉप टू बॉटम कवरेज में छाए युवा अधिकारी

जिले की प्रशासनिक खबरों को बेहद तेज और धारदार अंदाज में परोसने वाले एक युवा अधिकारी इन दिनों चर्चा के केंद्र में हैं। उनकी कार्यशैली को लेकर विभागीय गलियारों से लेकर मीडिया हलकों तक अलग ही माहौल देखने को मिल रहा है। बताया जा रहा है कि मंत्री स्तर की बैठकों से लेकर वरिष्ठ अधिकारियों की समीक्षा बैठकों और दूरस्थ अंचलों के दौरों तक हर गतिविधि पर उनकी नजर इतनी पैनी रहती है कि सूचना फाइल से पहले फीड होने का अहसास कराती है।

कुछ ही मिनटों में अपडेटेड रिपोर्टिंग और त्वरित संकलन ने उन्हें प्रशासनिक हलकों में अलग पहचान दिला दी है। उनकी इस तेज कार्यशैली और सूचनाओं की सटीक प्रस्तुति से वरिष्ठ अधिकारी भी संतुष्ट नजर आ रहे हैं। कहा जा रहा है कि कई मामलों में उनकी रिपोर्टिंग के कारण प्रशासनिक गतिविधियों की सार्वजनिक छवि और पारदर्शिता दोनों में सुधार देखने को मिला है।

इधर, प्रशासनिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि उनकी टॉप टू बॉटम पकड़ यानी हर स्तर पर नजर रखने की क्षमता ने उन्हें जिले के सक्रिय और परिणाम देने वाले अधिकारियों की सूची में आगे ला दिया है। फिलहाल यह अधिकारी अपनी तेज रफ्तार कार्यशैली के चलते सुर्खियों में बने हैं और प्रशासनिक कोने में उनकी चर्चा एक फास्ट-ट्रैक ऑफिसर के रूप में लगातार गूंज रही है

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Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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