मरीजों की जान के साथ खिलावाड़, 11 अस्पतालों में नहीं है फायर सेफ्टी के इंतजाम
नपा ने 49 मालिकों को थमाए नोटिस, समय पर काम नहीं हुआ तो लगेगा तगड़ा जुर्माना

बैतूल। जिले में कई मल्टी स्टोरी भवन बनाए है, लेकिन उसमें फायर सेफ्टी नहीं है, जिसके कारण कई बार हादसे हो चुके है। नगरपालिका ने भवन मालिकों को फायर सेफ्टी के लिए कहा लेकिन कई लोगों ने फायर सेफ्टी को लेकर दिलचस्पी नहीं दिखाई। अब नगरपालिका ने फायर सेफ्टी नहीं लगाने वाले भवन मालिकों के खिलाफ एक्शन में आ गई है। फायर सेफ्टी नहीं होने पर भवन मालिकों को धड़ाधड़ नोटिस थमाएं जा रहे है। इन भवनों में निजी हॉस्पीटल भी शामिल है। नगरपालिका के सहायक यंत्री नीरज धुर्वे ने बताया कि जिन भवनों में फायर सेफ्टी के इंतजाम नहीं है। शहर के ऐसे 49 भवन मालिकों को फायर सेफ्टी के लिए नोटिस जारी किए है। अभी नोटिस जारी किए, इसके बावजूद कोई जवाब नहीं आता और फायर सेफ्टी के इंतजाम नहीं होते है तो संबंधित के खिलाफ जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी।
29 भवनों में फायर सेफ्टी के इंतजाम
नगरपालिका के अधिकारियों के मुताबिक जिन भवनों में फायर सेफ्टी नहीं है। उन्हें नगरपालिका समय-समय पर नोटिस जारी करती है। नगरपालिका द्वारा नोटिस जारी करने के बाद 29 भवनों में फायर सेफ्टी के इंतजाम हुए है और उन्हें सर्टिफिकेट भी दिया गया। अभी और 49 ऐसे भवन है, जहां फायर सेफ्टी की व्यवस्था नहीं है। इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि फायर सेफ्टी को लेकर बड़े भवन और अस्पताल संचालक गंभीर नहीं है। ऐसे में कोई हादसा होता है तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी। यह बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है। देखने में आता है कि कोई हादसा होने के बाद ही अधिकारी भी जागते है और भवन मालिक को भी फायर सेफ्टी की उसी समय याद आती है। बड़े-बड़े शहरों में फायर सेफ्टी नहीं होने के कारण हादसे भी हो गए, इससे भी सबक नहीं लिया जा रहा है।
तीन अस्पतालों को कई बार दे चुके नोटिस
नगरपालिका के सहायक यंत्री नीरज धुर्वे ने बताया कि बैतूल के तीन निजी अस्पताल है, जहां फायर सेफ्टी के इंतजाम नहीं है। इन अस्पतालों को कई बार फायर सेफ्टी के इंतजाम नहीं होने के कारण कई बार नोटिस जारी कर चुके है, इसके बावजूद भी फायर सेफ्टी के इंतजाम नहीं किए है। फायर सेफ्टी नहीं होने पर नपा के अधिकारियों ने सीएमएचओ को भी पत्र लिखा है, ताकि विभागीय कार्रवाई हो सके, लेेकिन इन अस्पतालों पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
इन अस्पतालों के पास नहीं है फायर सेफ्टी की एनओसी
नगरपालिका के सहायक यंत्री नीरज धुर्वे ने बताया कि शहर के कई अस्पतालों ने फायर एनओसी नहीं ली है, जिसमें सुभद्रा हॉस्पिटल, गढ़ेकर हॉस्पिटल, महाजन हॉस्पिटल, चिरायू हॉस्पिटल, नोबल हॉस्पिटल, आरोग्य निकेतन नर्सिंग होम, लश्करे हॉस्पिटल, पूजा हॉस्पिटल, सिटी हॉस्पिटल, चैतन्य हॉस्पिटल, श्रीवास्तव हॉस्पिटल शामिल है। इन अस्पतालों ने फायर सेफ्टी को लेकर एनओसी प्राप्त नहीं की है। इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि इन अस्पतालों की मनमानी कितनी अधिक है।
इनका कहना…
कई भवन संचालक और हॉस्पिटल संचालकों ने फायर सेफ्टी को लेकर एनओसी प्राप्त नहीं की है। इस तरह से कुल 49 भवन मालिकों को नोटिस थमाएं है।
नीरज धुर्वे, सहायक यंत्री, नगरपालिका, बैतूल




