Betul me Jal Sankat: बैतूल में पानी का संकट गहराया: डैम सूखे, सप्लाई लडख़ड़ाई

नपा ने तैयार किया 22 करोड़ का मास्टर प्लान, मिलेगी राहत

Betul me Jal Sankat: बैतूल। शहर में पेयजल संकट लगातार गंभीर होता जा रहा है। जल स्रोतों में घटता जलस्तर और सप्लाई सिस्टम की सीमाओं के कारण हालात चिंताजनक बन गए हैं। माचना एनीकट में मात्र करीब 4 फीट पानी शेष बचा है, जबकि लखापुर डैम पूरी तरह सूख चुका है, जिससे जल आपूर्ति व्यवस्था पर सीधा असर पड़ा है। इस समस्या के स्थाई निदान के लिए नपा ने प्लानिंग की है। यदि यह धरातल पर उतरी तो भविष्य में शहर के लोगों को पानी के लिए हायतौबा नहीं करना पड़ेगा।

बताया जाता है कि माचना स्रोत से मिलने वाली लगभग 1.5 एमएलडी पानी की सप्लाई भी फिलहाल बंद हो गई है, जिससे शहर के कई इलाकों में पानी की भारी किल्लत देखी जा रही है। दूसरी ओर ताप्ती घोघरी डैम में पर्याप्त पानी होने के बावजूद पुरानी पाइपलाइन व्यवस्था के कारण केवल 7.5 एमएलडी पानी ही शहर तक पहुंच पा रहा है, जबकि शहर की कुल मांग 15 से 17 एमएलडी प्रतिदिन की है।

एक्शन में आई नपा, तैयारियों में जुटी

नगर पालिका ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए दीर्घकालिक योजना तैयार की है। इसके तहत लगभग 5 एमसीएम पानी की आवश्यकता आंकी गई है। योजना में रॉ वॉटर सप्लाई को मजबूत करने, पाइपलाइन विस्तार और वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता बढ़ाने जैसे महत्वपूर्ण कार्य शामिल किए गए हैं।

इसके साथ ही ताप्ती बैराज से डब्ल्यूटीपी तक करीब 25 किलोमीटर लंबी पैरलल पाइपलाइन बिछाने का प्रस्ताव भी रखा गया है, जिसकी अनुमानित लागत लगभग 22 करोड़ रुपए बताई जा रही है। फिलहाल नगर पालिका ने वैकल्पिक व्यवस्था के तहत आसपास के 10 बोरवेल अधिग्रहित किए हैं, लेकिन यह व्यवस्था केवल अस्थायी राहत दे पा रही है। लगातार बढ़ती मांग और घटते स्रोतों के बीच स्थायी समाधान की आवश्यकता और अधिक बढ़ गई है।

नपा के पास रा वाटर की यह व्यवस्था

सूत्र बताते हैं कि नगरपालिका के पास 5 एमसीएम पानी का स्टाक मौजूद है। प्रतिदिन नगरपालिका को इसमें से नपा को महज 15 से 17 एमएलडी पानी लगेगा। नपा के पास रा वाटर की व्यवस्था के तहत घोघरी डैम से 1 एमसीएम, मेंढा डैम से 1 एमसीएम, पारसडोह डैम से 2 एमसीएम, निरगुड़ डैम से 0.5 एमसीएम और लाखापुर डैम से 0.5 एमसीएम पानी की मौजूदगी है। यह पानी जरूरत पडऩे पर नगरपालिका यदि जल संसाधन विभाग से बारी-बारी से 5 एमसीएम पानी उपलब्ध हो जाएगा और शहर में जलसंकट जैसी स्थिति निर्मित नहीं होगी।

 एक्सपर्ट व्यू

जल विशेषज्ञों का मानना है कि शहर की पेयजल समस्या के स्थायी समाधान के लिए मल्टी-सोर्स वाटर स्ट्रेटजी अपनाना जरूरी है। इसके तहत घोघरी डैम से 1 एमसीएम, मेढा डैम से 1 एमसीएम, पारसडोह डैम से 2 एमसीएम, निगुण डैम से 0.5 एमसीएम और लखापुर डैम से 0.5 एमसीएम पानी का उपयोग किया जा सकता है।

इस तरह कुल 5 एमसीएम पानी की उपलब्धता सुनिश्चित कर शहर की दीर्घकालिक जरूरतों को पूरा किया जा सकता है। साथ ही पैरलल पाइपलाइन, आधुनिक इंटेक वेल और उच्च क्षमता वाले पंप सिस्टम से जल आपूर्ति को नियमित और मजबूत बनाया जा सकता है।

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Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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