Betul News: बिजली की आंखमिचौली कहीं जान पर न बन जाए!
Betul News: Electricity's interference may cost your life!

ट्रामा सेंटर में मंडरा रहा खतरा, प्रसूताएं असुरक्षित
Betul News: करोड़ों की लागत से बना जिला अस्पताल हमेशा अखबार की सुर्खियों में रहता है। अस्पताल की बदइंतजामी का शिकार अब वो ट्रामा सेंटर बना हुआ है जहां सर्जिकल वार्ड के साथ-साथ मेटरनिटी वार्ड भी संचालित किया जा रहा है। सेन्टर पर पर्याप्त बिजली व्यवस्था नहीं होने की वजह से उन प्रसूताओं पर खतरा मंडरा रहा है, जिन्हें प्रसव के लिए यहां भर्ती किया जाता है। ट्रामा सेंटर के बाहर और अंदर बिजली की आंखमिचौली रोजाना का शगल बन चुकी है, लेकिन इस समस्या का समाधान ना किया जाना कभी भी प्रसूताओं को भारी पड़ सकता है।
मैन गेट पर रात भर छाया रहता है अंधेरा
जिला अस्पताल के ठीक पहले बनाया गया ट्रामा सेंटर शाम होते ही अंधेरे में डूबना शुरू हो जाता है। कहने को ट्रामा सेंटर के मुख्य द्वार के ऊपर बड़ा लाइट लगाया गया है, लेकिन लाइट खराब होने की वजह से यहां सारे परिसर में रात भर अंधेरा छाया रहता है। प्रसुताओं के साथ आने वाले परिजन परेशान होते रहते हैं तो असामाजिक तत्वों का डर भी बना रहता है। परिजनों को अंधेरे में रात गुजारनी पड़ रही है। यही हाल ट्रामा सेंटर के अंदर का भी है।
प्रसूति वार्ड ट्रामा सेंटर की पहली मंजिल पर बना हुआ है। प्रसव के लिए प्रसूताओं को पहली मंजिल पर ही जाना पड़ता है, लेकिन सीढ़ियों पर भी अंधेरा होने की वजह से प्रसुताओ को ऊपर चढ़ने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में कभी भी प्रसूताओं के साथ कुछ भी हो सकता है।वे सीढ़ी से फिसल कर गिर भी सकती हैं, लेकिन अस्पताल प्रबंधन का ध्यान इस तरफ ना होना कहीं ना कहीं अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही की तरफ इशारा कर रहा है। खास बात यह है कि इन समस्याओं के सामने आने पर मैदानी अमला अस्पताल के अधिकारियों को भी समस्याओं से अवगत कराने से परहेज करता है। इसके चलते समस्याओं का समाधान नहीं हो पाता है।
इनका कहना…..
ट्रामा सेंटर पर लाइट की समस्या मेरी जानकारी में है। आज ही व्यवस्था दुरुस्त कराई जाएगी
डॉ.अशोक बारंगा, सिविल सर्जन





