Betul Samachar: दुबई रिटर्न वनकर्मियों पर गिरेगी गाज!

फर्जी निवेश और बिना अनुमति विदेश यात्रा का मामला गरमाया
Betul Samachar: बैतूल। उत्तर वन मण्डल में पदस्थ दो वनकर्मियों की दुबई यात्रा अब उनके लिए भारी पड़ती नजर आ रही है। बिना शासन की अनुमति के गुपचुप तरीके से विदेश जाने और फर्जी निवेश योजना से जुड़े होने के आरोपों ने विभाग में हलचल मचा दी है। वनपाल शैलेन्द्र घोघरकर और वन रक्षक श्रीकांत इवने पर लगे आरोपों के बाद अब विभागीय जांच की आंच तेज होती दिख रही है।
सूत्रों के अनुसार, दोनों कर्मचारी नवम्बर-दिसम्बर 2024 के दौरान बिना किसी आधिकारिक अनुमति के दुबई यात्रा पर गए थे। मामला सामने आने के बाद उत्तर वन मण्डल के डीएफओ नवीन गर्ग ने संज्ञान लेते हुए जांच के संकेत दिए हैं। यदि जांच के दौरान पासपोर्ट और वीजा की पड़ताल होती है, तो पूरी सच्चाई सामने आने की संभावना है। मामले का दूसरा और अधिक गंभीर पहलू फर्जी निवेश योजना से जुड़ा है।

जानकारी के मुताबिक, दोनों कर्मचारी एक संदिग्ध कंपनी से जुड़े हुए थे, जिसने आकर्षक स्कीमों का झांसा देकर लोगों से मोटी रकम ऐंठी। बताया जा रहा है कि इस कंपनी के प्रतिनिधियों ने कई लोगों की गाढ़ी कमाई हड़प ली है और अब वे सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपित वनकर्मियों ने अपने ही विभाग के कर्मचारियों को इस योजना में निवेश के लिए प्रेरित किया। भरोसे का फायदा उठाते हुए उन्होंने कई साथियों से लाखों रुपये लगवा दिए। जब निवेशकों ने अपनी रकम वापस मांगनी शुरू की, तो दोनों कर्मचारी केवल आश्वासन देते नजर आए।
अब यह पूरा मामला विभाग की साख से भी जुड़ गया है। ऐसे में डीएफओ की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है। यदि जांच निष्पक्ष और गहन होती है, तो न केवल दोषियों पर कार्रवाई संभव है, बल्कि भविष्य में इस तरह के मामलों पर भी रोक लगाई जा सकती है। फिलहाल, विभागीय कार्रवाई का इंतजार है। देखना दिलचस्प होगा कि क्या जांच सिर्फ कागजों तक सीमित रहती है या फिर सच सामने लाकर जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई की जाती है।
इनका कहना….
मेरे संज्ञान में यह मामला आया है। मामले की विस्तृत जांच कराई जाएगी।
नवीन गर्ग, डीएफओ उत्तर वन मण्डल, बैतूल




