Betul Ki Khabar: ऊर्जा संकट के बीच फिर शुरू होगा केरोसिन वितरण 

पेट्रोल पंपों और राशन दुकानों से सप्लाई की तैयारी, जिले में निर्देशों का इंतजार

Betul Ki Khabar: बैतूल। केंद्र सरकार द्वारा ऊर्जा संकट को ध्यान में रखते लंबे अंतराल के बाद आम नागरिकों को केरोसिन उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए गाइडलाइन भी जारी कर दी गई है, जिसके बाद जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग राज्य सरकार के निर्देशों का इंतजार कर रहा है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही शासन स्तर से दिशा-निर्देश मिलेंगे, जिले में वितरण व्यवस्था लागू कर दी जाएगी।

जिला आपूर्ति अधिकारी केके टेकाम ने बताया कि फिलहाल स्थिति की समीक्षा की जा रही है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से केरोसिन का वितरण बंद है, लेकिन अब नए निर्देशों के अनुसार व्यवस्थाएं फिर से बनाई जाएंगी। विभाग यह सुनिश्चित करने में जुटा है कि जरूरतमंदों तक ईंधन की आपूर्ति सुचारू रूप से हो सके।

पेट्रोल पंपों से वितरण पर फोकस

इस बार केरोसिन वितरण की व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। पहले जहां यह राशन दुकानों के माध्यम से वितरित होता था, वहीं अब पेट्रोल पंपों के जरिए वितरण की योजना पर विचार किया जा रहा है। हालांकि, इस व्यवस्था में कई व्यावहारिक चुनौतियां सामने आ सकती हैं।

टेकाम के अनुसार पेट्रोल पंपों पर फिलहाल केवल पेट्रोल और डीजल के टैंक ही उपलब्ध हैं, ऐसे में केरोसिन के भंडारण के लिए अलग से व्यवस्था करनी होगी। संभावना है कि टैंकर के माध्यम से सीधे पंपों पर केरोसिन पहुंचाकर वहीं से वितरण किया जाए। पेट्रोल पंपों का चयन सरकारी तेल कंपनियों द्वारा किया जाएगा।

पीडीएस नियमों में 60 दिन की ढील

जानकारी के अनुसार, प्रत्येक जिले में अधिकतम दो पेट्रोल पंपों का चयन किया जाएगा, जहां केरोसिन वितरण की सुविधा उपलब्ध होगी। इन पंपों पर अधिकतम 5 हजार लीटर तक स्टॉक रखने की अनुमति दी जाएगी। वितरण को आसान बनाने के लिए सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के नियमों में 60 दिनों की अस्थायी छूट भी दी है। साथ ही, राज्यों को कुल 48 हजार किलोलीटर (करीब 4.8 करोड़ लीटर) अतिरिक्त केरोसिन आवंटित किया गया है।

गाइडलाइन के अनुसार होगा उपयोग और निगरानी

केंद्र सरकार द्वारा तय गाइडलाइन के मुताबिक केरोसिन का उपयोग केवल खाना बनाने और रोशनी के लिए ही किया जा सकेगा। स्टॉक, सप्लाई और वितरण का पूरा रिकॉर्ड रखना अनिवार्य होगा और प्रशासन द्वारा समय-समय पर इसकी जांच भी की जाएगी।

इसके अलावा, केरोसिन वितरण से जुड़े एजेंटों और डीलरों को फिलहाल लाइसेंस लेने से छूट दी गई है। सुरक्षा मानकों का पालन करना भी अनिवार्य होगा। कुल मिलाकर, ऊर्जा संकट के बीच केरोसिन वितरण की यह पहल आम नागरिकों के लिए राहत साबित हो सकती है, बशर्ते इसे जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू किया जाए।

इनका कहना…..

केरोसिन वितरण की जानकारी मिली है। राज्य शासन के निर्देशों का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि स्थिति की समीक्षा शुरू कर दी गई है। निर्देशों के अनुरूप व्यवस्था बनाई जाएगी।

के के टेकाम, जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग बैतूल

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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