Betul Samachar: फांसी खदान तालाब से दिनदहाड़े मुरम की खुदाई
Betul News: Excavation of gravel from the hanging mine pond in broad daylight

लगभग 50 डंपरों मुरम कहां गई, किसी को पता तक नहीं
Betul Samachar: बैतूल। शहर के रिहायशी इलाके से दिनदहाड़े तालाब से मुरम की खुदाई कर ली गई और किसी भी अधिकारी को इसकी कानोकान खबर तक नहीं लग पाई। शनिवार दोपहर से रात तक सूखे तालाब से पोकलेन मशीन खुदाई करती रही और डंपरों से कहां ले जाई गई, इसकी भनक तक नहीं लग पाई। सोमवार जैसे ही नपा के अधिकारियों को इस कारनामे का पता चला तो हड़कम्प मच गया। आश्चर्य इस बात का है कि तालाब से मुरम खोदकर अज्ञात स्थान पर सप्लाई भी कर दी गई, लेकिन इसके लिए न ही राजस्व से एनओसी ली और न ही खनिज से खुदाई की अनुमति। लाखों रुपए की मुरम कहां लापता हो गई, किसी को नहीं पता। हालांकि अब अधिकारियों जांच पड़ताल का भरोसा देते बता रहे हैं कि तालाब गहरीकरण के लिए मुरम खोदी गई होगी। यदि इसका व्यवसायिक उपयोग हो रहा है तो कार्रवाई की जाएगी।
शनिवार दोपहर से हो रही थी मुरम की खुदाई
दरअसल इस पूरे मामले का खुलासा खुद इस इलाके में रहने वाले रहवासियों द्वारा ही किया गया है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि शनिवार दोपहर कुछ लोग बड़ी पोकलेन मशीन और डंपर लेकर यहां पहुंचे थे। फांसी खदान की तरफ लगी फेंसिंग हटाकर पोकलेन मशीन अंदर की गई और मुरम खुदाई कर डंपरों में सीधे लोड करती रही। पोकलेन मशीन रात तक चलती रही और डंपरों से कहां भेजी गई इसकी जानकारी किसी को नहीं है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कल रविवार शाम भी एक ट्रैक्टर ट्राली से मुरम अज्ञात स्थान पर ले जाई गई है। जब इस संबंध में अधिकारियों से चर्चा की गई तो उन्होंने ऐसी किसी जानकारी के होने से इनकार कर दिया। मतलब साफ है कि बिना नपा की अनुमति लिए मुरम खोदी गई है।
वैध थी खुदाई तो मुरम का होना था स्टॉक
नपा के अधिकारियों से इस मामले को लेकर चर्चा की गई तो उनका कहना था कि संभावना है कि जल गंगा संवर्धन के तहत तालाब का गहरीकरण करने के उद्देश्य से मुरम खोदी गई होगी। यदि ऐसा है भी तो खोदी गई मुरम नपा की सम्पत्ति के तहत एक निश्चित जगह पर स्टॉक की जानी थी, लेकिन खुदाई के बाद मुरम जमीन खा गई या आसमान निगल गया, क्योंकि मुरम का कहीं कोई स्टॉक ही नजर नहीं आ रहा। इसका मतलब यह निकाला जा रहा है कि मुरम की खुदाई करने के बाद इसकी बिक्री भी कर दी गई है जो नियमानुसार नहीं की जा सकती है। सीएमओ सतीष मटसेनिया ने बताया कि यदि मुरम बेची जा रही है तो नियम के अनुसार संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इनका कहना…..
तालाबों का गहरीकरण किया जा रहा है। यदि मुरम का व्यवसायीकरण किया जा रहा है तो संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सतीश मटसेनिया सीएमओ नपा बैतूल
जल गंगा संवर्धन के तहत खुदाई की गई होगी। स्टॉक आसपास किया गया होगा। मुझे ज्यादा जानकारी नहीं है।
नीरज धुर्वे, एई नपा बैतूल




