PM Awas Yojana:  पीएम आवास की रुकेगी किश्त, ब्याज सहित होगी वसूली

निर्धारित क्षेत्रफल से अधिक निर्माण करने वाले हितग्राहियों को नपा के नोटिस

PM Awas Yojana:  बैतूल। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के अंतर्गत निर्धारित मापदंडों का उल्लंघन कर मकान निर्माण करने वाले हितग्राहियों की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। नगर पालिका परिषद ने ऐसे हितग्राहियों को नोटिस जारी करना शुरू कर दिया है, जिनके मकानों का निर्माण शासन द्वारा निर्धारित क्षेत्रफल से अधिक भूमि पर किया जा रहा है।

जानकारी के मुताबिक बैतूल शहरी क्षेत्र में अब तक करीब दो दर्जन हितग्राहियों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं और आगे भी कार्रवाई जारी रहने की संभावना है। यह ऐसे हितग्राही हैं जिन्होंने नियमो का खुला उलंघन किया है। ऐसे में यदि ये हितग्राही कानूनी दांव पेंच में फंस गए तो सरकार की ओर से दी जाने वाली राशि पर रोक लगा दी जाएगी, बल्कि मकान बनाये जाने के लिए उपयोग की जा चुकी राशि की वसूली भी ब्याज सहित चुकाना पड़ सकता है।

जियो टैगिंग नहीं होने के बाद सामने आया मामला

प्राप्त जानकारी के मुताबिक नगर पालिका परिषद बैतूल द्वारा किए गए निरीक्षण में सामने आया कि कई हितग्राही पीएम आवास योजना के तहत आवंटित पट्टे की भूमि से अधिक क्षेत्र में मकान निर्माण कर रहे हैं। इस कारण उनके आवास का प्लिंथ या फाउंडेशन स्तर का भौतिक सत्यापन यानी (जियो टैगिंग) नहीं हो पा रही है। जब नपा ने स्थिति की गम्भीरता को देखते हुए इसकी छानबीन करना शुरू किया तो पूरे मामले का खुलासा हो गया। नपा के मुताबिक ,जियो टैगिंग नहीं होने की स्थिति में शासन द्वारा दी जाने वाली आगामी किश्त जारी नहीं की जाएगी, जिससे लाभार्थियों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

निर्धारित 45 वर्गमीटर से अधिक निर्माण के सामने आए प्रकरण

दरअसल प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के बीएलसी घटक के अंतर्गत शासन द्वारा स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इसके अनुसार आवास का अधिकतम कार्पेट एरिया 45 वर्गमीटर निर्धारित किया गया है। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि कुछ हितग्राहियों द्वारा पट्टे में आवंटित भूमि से अधिक क्षेत्र में निर्माण किया जा रहा है। उदाहरण के तौर पर कई मामलों में 28म23 फीट यानी 644 वर्गफीट के पट्टे से अधिक क्षेत्र में मकान का निर्माण किया जा रहा है, जो योजना के दिशा-निर्देशों के विरुद्ध है।

नगर पालिका परिषद ने बताया कि संबंधित हितग्राहियों को पहले भी सूचना पत्र और स्मरण पत्र के माध्यम से निर्देश दिए जा चुके हैं। 29 जनवरी 2026 को सूचना पत्र क्रमांक 556 और 18 फरवरी 2026 को स्मरण पत्र क्रमांक 872 जारी कर हितग्राहियों को निर्माण नियमों का पालन करने के लिए कहा गया था। इसके बावजूद कई लाभार्थियों द्वारा निर्देशों का पालन नहीं किया गया और निर्माण कार्य जारी रखा गया।

तीन दिन में अतिरिक्त निर्माण हटाने के निर्देश

नगर पालिका द्वारा जारी नोटिस में हितग्राहियों को तीन दिन के भीतर पट्टे में दर्ज क्षेत्रफल से अधिक किए गए निर्माण को हटाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही निर्माण हटाने के बाद इसकी लिखित सूचना भी नगर पालिका कार्यालय को देने के लिए भी कहा गया है। नगर पालिका ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर नियमों का पालन नहीं किया गया तो संबंधित हितग्राहियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ऐसी स्थिति में उन्हें आवंटित की गई पहली किश्त की राशि के दुरुपयोग का दोषी माना जाएगा और उनसे ब्याज सहित राशि की वसूली की जाएगी। इसके अलावा अतिक्रमण हटाने के लिए भी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

नपा ने हितग्राहियों से की अपील

नगर पालिका परिषद ने योजना से जुड़े सभी हितग्राहियों से अपील की है कि वे शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए निर्धारित क्षेत्रफल में ही आवास निर्माण करें। इससे न केवल उनकी किश्त समय पर जारी होगी, बल्कि भविष्य में किसी प्रकार की कानूनी या आर्थिक परेशानी से भी बचा जा सकेगा।

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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