Betul Samachar: बाइक पर पत्नी को लेकर आए युवक को हार्ट अटैक

मूक-बधिर युवक ने सीपीआर देकर बचाई, मिला नया जीवन
Betul Samachar: बैतूल। बदलती जीवन शैली की वजह से इन दिनों हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। कब, किसे हार्ट अटैक से दो-दो हाथ होना पड़े, यह कहा नहीं जा सकता है। ताजा मामला शुक्रवार को शहर के कालेज चौक के पास देखने को मिला। यहां एक शख्स अपनी पत्नी के साथ बाइक से जा रहा था, अचानक उसे असहज महसूस हुआ तो सड़क किनारे बाइक खड़ी कर दी। देखते ही देखते वह बेसुध होकर गिर गया।
जानकारी के मुताबिक युवक के बेसुध होकर गिरने से जो चमत्कार हुआ, उसे देखकर सभी दांतों तले उंगली दबा रहे हैं। दरअसल एक दुकान के सामने मूक-बधिर युवक भी खड़ा था उसने यह नजारा अपनी आंखों से देखा और बिना समय गवाएं अन्य लोगों की मदद से बाइक चालक को नीचे उतारा और जमीन लेटा दिया। मूक-बधिर होने के बावजूद युवक की जीवटता वहां उपस्थित लोग दंग रह गए।
बाइक सवार की हार्ट अटैक से सांसे रूकने के दौरान उसने तुरंत सीपीआर देने का प्रयास किया। उसका यह प्रयास कुछ मिनटों में ही रंग लाने लगा और बाइक सवार की टूटती सांस दोबारा चलने लगी। कुछ देर बाद उसे होश आया तो लोगों ने पानी पिलाकर कुशलक्षेम पूछी। कुछ राहत मिलने के बाद तत्काल युवक को पत्नी के साथ अस्पताल भेजा गया। जानकारी मिली है कि उसकी जान मूक-बधिर युवक द्वारा सीपीआर देने से बच गई।
सीपीआर की जानकारी बनी संजीवनी
इस घटना के बाद एक बार फिर साबित हो गया है कि लोगों को अपनी सेहत के लिए प्रति सतर्क रहने की जरूरत है। बदलती जीवन दिनचर्या से ऐसे हालात आम बात हो गई है। यह तो शुक्र है कि मूक-बधिर होने के बावजूद सीपीआर की समझ होने के कारण युवक ने बाइक सावर को मौत के मुंह से खींच लाया। मूक-बधिर का नाम अजय कोरी बताया जाता है और वह जन्म से ही इस दिव्यांगता से पीड़ित है, लेकिन सीपीआर की जानकारी होने से उसने सही समय पर उपयोग किया और एक युवक की जान बच गई। कालेज चौक पर घटित इस घटना के कई प्रत्यक्षदर्शियों ने मूक-बधिर के साहस की मुक्तकंठ से प्रशंसा की है।




