Betul Samachar: बैतूल जिले में 50 करोड़ बढ़ेगी शराब ठेकों की कीमतें

15 समूहों की 61 दुकानों के लिए 304 करोड़ का टारगेट तय
Betul Samachar: बैतूल। जिले में वर्ष 2026-27 के लिए शराब दुकानों के संचालन को लेकर आबकारी विभाग ने बड़ी तैयारी शुरू कर दी है। कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी के मार्गदर्शन एवं जिला आबकारी अधिकारी अंशुमान सिंह चढ़ार की देखरेख में 15 समूहों में शामिल 61 कम्पोजिट शराब दुकानों के निपटारे हेतु ई-टेंडर एवं ई-टेंडर कम ऑक्शन प्रक्रिया 27 फरवरी से प्रारंभ हो गई है। 2 मार्च को दोपहर 2 बजे कलेक्ट्रेट कार्यालय में टेंडर खोले जाएंगे।
इस बार शासन ने जिले के लिए 304 करोड़ 29 लाख 5 हजार 903 रुपए का आरक्षित मूल्य तय किया है, जो पिछले वित्तीय वर्ष के 253 करोड़ रुपए के लक्ष्य से 51 करोड़ रुपए अधिक है। आबकारी विभाग के अनुसार यह वृद्धि राजस्व बढ़ाने की दृष्टि से की गई है। इधर शराब के ठेकों पर शराब के शौकीन सुरा प्रेमियों की भी पूरी नजर लगी हुई है। क्योंकि पिछले वर्ष शौकीनों को महंगे दामो पर अपने शौक पूरे करना उनकी मजबूरी बन चुकी थी। शराब के शौकीनों का मानना है कि, शहरी क्षेत्र में यदि दो से तीन ठेकेदार अलग अलग समूहों पर काबिज हो जाएं तो उम्मीद है कि उन्हें शराब की कीमतें कम चुकानी पड़ेगी।
19 से घटाकर 15 समूह किए गए, तीन दुकानें पहले ही बंद
पिछले वर्ष 61 शराब दुकानें 19 समूहों में विभाजित थीं, लेकिन इस बार पुनर्गठन कर इन्हें 15 समूहों में बांटा गया है। पवित्र नगरी मुलताई की तीन शराब दुकानों को शासन के निर्देश पर पिछले वर्ष ही बंद कर दिया गया था। प्रत्येक समूह में 2 से 5 दुकानों को शामिल किया गया है। सबसे छोटा समूह सांवलमेंढ़ा है, जिसमें केवल सांवलमेंढ़ा और खोमई की दो दुकानें शामिल हैं। प्रताप वार्ड, पंखा, दुनावा, आठनेर और रायआमला समूहों में 5-5 दुकानें रखी गई हैं। बैतूल गंज, बैतूल बाजार, बगडोना, सारनी, भैंसदेही, शाहपुर और आमला समूहों में 4-4 दुकानें तथा चिचोली व बोरदेही समूहों में 3-3 दुकानें शामिल हैं।
प्रताप वार्ड समूह सबसे महंगा, सांवलमेंढ़ा सबसे सस्ता
बैतूल शहर की 8 तथा बडोरा की 1 दुकान को दो अलग-अलग समूहों में समाहित किया गया है। बैतूल गंज समूह में गंज की दो दुकानों के साथ कोठीबाजार और हमलापुर को शामिल किया गया है, जबकि प्रताप वार्ड समूह में प्रताप वार्ड, सदर, टिकारी, बडोरा समेत अन्य शहरी दुकानें रखी गई हैं।
42.88 करोड़ रुपए के आरक्षित मूल्य के साथ प्रताप वार्ड समूह जिले का सबसे महंगा समूह है, जबकि 5.90 करोड़ रुपए का सांवलमेंढ़ा समूह सबसे कम मूल्य का है।
1 अप्रैल से नए सिरे से संचालन, कीमतों पर सुरा प्रेमियों की नजर
ई-टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद 1 अप्रैल से नई व्यवस्थाओं के तहत शराब दुकानों का संचालन शुरू होगा। इधर, शराब उपभोक्ताओं में भी ठेकों को लेकर उत्सुकता है। पिछले वर्ष ऊंची कीमतों के कारण उपभोक्ताओं को महंगी शराब खरीदनी पड़ी थी। इस बार उम्मीद जताई जा रही है कि यदि शहर के समूह अलग-अलग ठेकेदारों के पास जाते हैं तो प्रतिस्पर्धा बढ़ने से कीमतों में कुछ राहत मिल सकती है।
इनका कहना….
शराब दुकानों की नीलामी के लिए ई टेंडर प्रक्रिया चल रही है। 2 मार्च को दोपहर 2 बजे टेंडर खुलेंगे। इससे काफी हद तक स्थित साफ हो जाएगी।
अंशुमान सिंह चढार, जिला आबकारी अधिकारी जिला बैतूल




