Betul Samachar: सब्जबाग दिखाकर हवा बनी एयर एंबुलेंस, गंभीर मरीज एंबुलेंस के सहारे

Betul Samachar: Air ambulance became a reality after showing false promises, critical patients are dependent on ambulance

हर दिन एंबुलेंस से गंभीर मरीजों को भोपाल रेफर करना बना मजबूरी, अधिकारी के पास कोई जवाब नहीं

Betul Samachar: बैतूल। सरकार ने गंभीर मरीजों को त्वरित उपचार दिए जाने के लिए एयर एंबुलेंस की शुरुआत की। एयर एंबुलेंस सिर्फ एक बार मरीज को लेकर गई पर दोबारा एयर एंबुलेंस से दूसरे मरीज को नहीं ले जाया गया। ऐसा लग रहा है कि शासन की एयर एंबुलेंस सेवा केवल खानापूर्ति बनकर रह गई है। जिला अस्पताल से गंभीर मरीजों को सड़क मार्ग से भोपाल रेफर किया जा रहा है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक प्रदेश सरकार ने एयर एंबुलेंस सेवा शुरू की। जिसके माध्यम से गंभीर घायल मरीजों को जिला अस्पताल से एयर लिफ्ट कर भोपाल अस्पताल में भर्ती किया जा सके, लेकिन बैतूल जिलेवासियों को इस सेवा का लाभ नहीं मिल पा रहा है।

यह सेवा महज छलावा साबित हो रही है। अगस्त 2024 में एयर एंबुलेंस की सहायता से जिला अस्पताल से एक मरीज को एयर लिफ्ट कर मेडिकल कालेज में उपचार के लिए भर्ती किया था। उक्त मरीज की रीड़ की हड्डी में गंभीर चोट आई थी। जब पहली बार एंबुलेंस सेवा देख लोगों को खुशी हो रही थी कि यह सेवा जिले के लिए वरदान साबित होगी। एक मरीज को ले जाने के बाद अगस्त 2024 से अब तक दोबारा एक भी मरीज को एयर एंबुलेंस से भोपाल नहीं ले जाया गया। जिसे ऐसा लग रहा है कि एयर एंबुलेंस केवल औपचारिक बनकर रह गई है।

सड़क मार्ग से भोपाल जाते गंभीर मरीज

एयर एंबुलेंस सेवा नहीं मिलने के कारण जिला अस्पताल से कई गंभीर मरीजों को एंबुलेंस की सहायता से सड़क मार्ग होते हुए भोपाल रेफर किया जाता है। जबकि गंभीर मरीजों के लिए एयर एंबुलेंस सेवा की शुरूआत की थी। मरीजों को एयर एंबुलेंस सेवा का लाभ नहीं मिल रहा है। बैतूल से भोपाल लगभग 200 किमी दूर है। गंभीर मरीजों को भोपाल तक ले जाने के लिए घंटों तक का समय लग जाता है। कई गंभीर मरीज तो रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं। समय-समय पर एयर एंबुलेंस सेवा का गरीबों लाभ मिलता तो समय पर उन्हें समय पर उन्हें उपचार मिल जाता, लेकिन जिले में एयर एंबुलेंस सेवा का लाभ गरीबों को उपलब्ध नहीं हो रहा है। कई बार तो लोग निजी साधन से भोपाल उपचार के लिए जाने के लिए मजबूर हो जाते हैं।

3-4 माह तक चला मेटेंनेस

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है जिस कंपनी को एयर एंबुलेंस सेवा की जिम्मेदारी मिली है। कंपनी ने पिछले तीन से चार माह तक मेंटेंनेसे करने की बात कहकर अपनी सेवा को बंद रखा। अब तीन से चार माह के बाद मेटेंनेस पूरा हुआ। इसके बाद भी जिले को एयर एंबुलेंस सेवा का लाभ नहीं मिल रहा है। जिसे ऐसा लग रहा है कि यह सेवा शायद ही गरीबों के लिए वरदान बन पाएगी। अधिकारी इस मामले में कुछ अधिक कहने से बचते नजर आ रहे हैं।

इनका कहना…

मेटेंनेस के कारण कुछ माह तक एयर एंबुलेंस सेवा बंद रही। अब इसकी शुरुआत हुई है। जब भी कोई गंभीर मरीज अस्पताल में भर्ती होगा। ऐसे मरीजों को सेवा का लाभ देने की कोशिश की जाएगी।

डॉ नीतेश चौकीकर, एयर एंबुलेंस सेवा, प्रभारी बैतूल

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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