Politics: राजनीतिक हलचल: ब्लॉक प्रमुखों की नियुक्ति पर अखिर किसने चलाए शब्दवान?? वरिष्ठ पार्षद के जन्मदिन की आखिर क्यों हो रही चर्चा???किस निकाय के नेता प्रतिपक्ष की दोगली राजनीति से अपनी ही पार्टी के पार्षद परेशान???? विस्तार से पढ़िए हमारे चर्चित कॉलम राजनीतिक हलचल में….

ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्ति पर चले शब्दबाण

हाल ही में एक विपक्षी दल में चार ब्लाक प्रमुख नियुक्त किए गए। इन चार में से तीन ने अपनी ही पार्टी के वरिष्ठ नेता और प्रदेश के दिग्गज पदाधिकारी के निवास जाकर आभार जता दिया। चर्चा है कि यह बात जैसे ही दल के जिला प्रमुख को लगी वे अपनी आदत के अनुसार भड़क गए। खबर है कि उन्होंने तीनों अध्यक्षों को मोबाइल के वाट्सएप कॉल पर अपने स्वभाव का असली परिचय दे डाला। वाट्सएप काल पर अध्यक्षों को दल प्रमुख ने काफी खरी-खरी सुनाई। हालांकि इसकी रिकार्डिंग वाट्सएप कॉल पर होने के कारण सार्वजनिक नहीं हो सकी, लेकिन जिस तरह ब्लाक प्रमुखों को अपमानित किया, वे खून का घुट पीकर सहन कर सके।

वरिष्ठ पार्षद के जन्मदिन की क्यों हो रही चर्चा?

एक प्रमुख निकाय के वरिष्ठ पार्षद का कुछ माह पहले धूमधाम से जन्मदिन मनाया गया। इस जन्मदिन की समीक्षा और चर्चा अब शहर में जोरों से हो रही है। कहा जा रहा है कि पार्षद के जन्मदिन में कचरे से तमाम व्यवस्थाएं हुई है। खबर तो यह भी है कि उस कचरे के खेल में मीडिया इनपुट देकर जबरदस्त डर पैदा किया गया। इसके बाद संबंधित ठेकेदार को व्यवस्था बनाने के लिए मजबूर किया गया। ठेकेदार ने भी मनमसोज कर वरिष्ठता के आधार पर यह व्यवस्था कर तो दी, लेकिन पार्टी के ही लोगों में इस बात को लेकर जमकर चर्चा चल रही है कि काश उनके जन्मदिन पर भी कोई ठेकेदार इस तरह की व्यवस्था करें।

नेता प्रतिपक्ष की दोगली राजनीति

एक निकाय के ठेकेदारनुमा नेता प्रतिपक्ष की दोगली राजनीति से उनकी ही पार्टी में आक्रोश पनप रहा है। यह वह नेता है, जिन्हें वार्ड की जनता ने पार्षद बनाकर नपा का प्रतिनिधित्व करने के लिए भेजा है, लेकिन अपने मतलब तक ही इनकी आवाज मुखर हो पाती है। नपा की बैठकों में केवल अपने हित और कुछ खास मुद्दें पर ही इन्हें मुखर देखा गया है। इसके पीछे पटकथा सामने आ रही है कि विपक्षी नेता के तेवर तीखे होने के कारण उन्हें बैठक के लिए एक चकाचक चेंबर के साथ उनके वार्ड के कामों के तवज्जों दे दी गई तो उनके स्वर बदले-बदले से दिखाई देने लगे है। नेता प्रतिपक्ष की इस दोगली राजनीति के अलावा उनके तथाकथित गरीबी को लेकर भी अंदर ही अंदर आक्रोश पनप रहा है।

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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