Betul Samachar: Video: बड़ोरा में फिर बिगड़ी व्यवस्था, कृषि मंडी के सामने वाहनों से लगा जाम
Betul Samachar: The system deteriorated again in Badora, vehicles jammed in front of the agricultural market.

वाहन चालक होते रहे परेशान, घंटों तक बाधित रहा आवागमन
Betul Samachar: बैतूल। कृषि उपज मंडी बडोरा में सोमवार सुबह बड़ी संख्या में किसान उपज लेकर पहुंचे। मंडी के गेट के पास से पेट्रोल पंप के आगे तक वाहनों की लंबी कतार लग गई थीं। वाहन अधिक संख्या में मंडी पहुंचने से बैतूल-बाजार मार्ग पर लंबा जाम लग गया। घंटों तक जाम की स्थिति बनी रही। मंडी परिसर में वाहनों की एंट्री होने के बाद आवागमन सुचारू हो सका। कृषि उपज मंडी बडोरा में इन दिनों उपज की बंपर आवक हो रही है।
मंडी की आवक 30 हजार बोरे से अधिक पर पहुंच गई। मंडी परिसर में किसानों को उपज के ढेर लगाने के लिए जगह नहीं मिल पा रही है। रविवार की छुट्टी के बाद सोमवार सुबह जब मंडी खुली तो बड़ी संख्या में किसान उपज लेकर पहुंचे। मंडी के गेट के सामने से लेकर पेट्रोल पंप चौक तक आठनेर मार्ग चौक तक लंबी कतार लगी थी। कुछ किसान रविवार शाम को ही उपज लेकर मंडी पहुंच गए थे। वाहनों की लंबी कतार लगने से यातायात बाधित हो गया। घंटों तक यातायात बाधित होने से वाहन चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
मंडी प्रशासन नहीं दे रहा ध्यान
मंडी की व्यवस्थाओं को लेकर मंडी प्रशासन गंभीरता से ध्यान नहीं दे रहा है। यही कारण है कि मंडी के सामने प्रतिदिन जाम की स्थिति निर्मित हो रही है। किसान भी परेशान हो रहे है। मंडी प्रशासन ने ध्यान दिया होता तो जाम की स्थिति निर्मित नहीं होती। शाम से ही कई किसान वाहन से उपज लेकर पहुंच जाते है। मंडी के भीतर प्रवेश नहीं दिया जाता। किसान मंडी गेट के सामने वाले सड़क मार्ग पर वाहन खड़े कर देते है। यहां वाहनों की लंबी कतार लग जाती, जिससे जाम लगता है। मंडी प्रशासन ने परिसर के भीतर प्रवेश दिया होता तो जाम की स्थिति निर्मित नहीं होती।
मक्का की हो रही सबसे ज्यादा आवक
कृषि उपज मंडी में इन दिनों मक्का की सबसे ज्यादा आवक हो रही है। प्रतिदिन मक्का के 25 हजार बोरे से अधिक आवक हो रही है। मंडी परिसर में किसानों को उपज डालने की जगह नहीं मिल पाती। जगह की कमी के कारण किसान परेशान हो रहे है। मंडी परिसर कम पड़ जा रहा है। प्रतिवर्ष सीजन के समय पर मंडी में बंपर आवक होती है, जिससे परिसर में जगह नहीं मिलती और किसान परेशान रहते है। कलेक्टर से लेकर एसडीएम तक मंडी की व्यवस्था को सुधारने के लिए पहुंचे, लेकिन व्यवस्था में कोई सुधार नहीं आया है। मंडी की व्यवस्था के संबंध में मंडी सचिव शीला खातरकर से सम्पर्क किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।




