Betul News: आधे दामों में रेत खदान का ठेका, फिर भी रायल्टी मनमानी
Betul News: Sand mine contract at half the price, yet royalty is arbitrary

जिलेवासियों को सस्ते दामों में रेत मिलने पर अभी भी संशय बरकरार
Betul News : (बैतूल)। जिले में लंबे अरसे से रेत खदानों के शुरू होने का इंतजार अब धीरे-धीरे खत्म हो रहा है। खनिज विभाग और ठेकेदार के बीच हुए अनुबंध के बाद लगभग दर्जन भर रेत खदानों से खनन शुरू कर दिया गया है। खनन के शुरू होने के बाद अब रेत सप्लायर सीधे खदानों से ही रेत का उठाव कर पा रहे हैं, अब आम नागरिकों को भी सस्ते दामों में रेत मिलने के साथ साथ समय रेत मिल पाएगी, लेकिन सवाल यह खड़ा हो रहा है कि रेत खदानें शुरू होने के बाद क्या वाकई में लोगों को सस्ती रेत उपलब्ध हो पाएगी या फिर ठेकेदार अपनी मोनोपल्ली चलाकर आम नागरिकों का गला काटकर मोटा मुनाफा कमाएगा।
ऐसा इसलिए कि पुराने ठेकेदार जिस रेत की रॉयल्टी काट रहे थे उसी रेट में परम डिस्ट्रीब्यूटर भोपाल भी रॉयल्टी काट रहा है। वो भी तब जब पुराने ठेके की तुलना में इस बार ठेका लगभग आधी रकम में दिया गया है। जिन खदानों से रायल्टी काटने की अनुमति दी है उनमें 1. नान्दू, कचलोरा-1, खपरिया, बरेलीपार, रातामाटी, सितालझिरी, कटंगी , कुम्हारिया , भिलावाड़ी 10. टाँगनामाल 11. बल्लोर 12.गुवाड़ी 13.विषनुप
30 रुपये घन फीट के रेट से कट रही रॉयल्टी
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक परम डिस्ट्रीब्यूटर द्वारा दर्जन भर रेत खदानों से खनन शुरू कर दिया गया है। ठेकेदार 30 रुपये घनफीट के हिसाब से रॉयल्टी काट कर सप्लायरों को रेत सप्लाई दे रहा है। जबकि इसके पहले पावर मेक कम्पनी ने इतनी ही खदानों का ठेका लगभग 52 करोड़ रुपये में लिया था और यह ठेकेदार भी लगभग इसी रेट के आधार पर रॉयल्टी काट रहा था। अब सवाल यह खड़ा हो रहा है कि जब पिछले ठेके की तुलना में वर्तमान ठेका आधी रकम में हासिल किया गया है तो रॉयल्टी के रेट के हिसाब से रेत के दाम कम क्यों नहीं किये गए। कुछ सप्लायरों का कहना है कि, उनकी मजबूरी ये है कि, उन्हें अपना काम चलाने के लिए जितनी रॉयल्टी मांगी जाएगी उतनी तो देना ही है। इसके बाद वाहन चालक का वेतन, भत्ता, मजदूरी अलग से निकालना पड़ता है। जिसके बाद वे चाह कर भी आम लोगों को सस्ती रेत उपलब्ध नहीं करवा सकते। क्योंकि इतना खर्च करने के बाद आखिर उन्हें भी थोड़ा बहुत मुनाफा होना चाहिए। खनिज अधिकारी मनीष पालेवार के मुताबिक जिले की47 रेत खदानों का ठेका परम डिस्ट्रीब्यूटर को दिया गया है।
27 करोड़ 27 लाख रुपये में ठेका दिए जाने के बाद बकायदा अनुबंध की कार्यवाहियां भी सम्पन्न करा दी गयी है, जिसके बाद पहले चरण मे ठेकेदार को 9 खदानों से खनन की अनुमति प्रदान की गई तथा दूसरे चरण में 4 खदानों की अनुमति दी गई है। इस तरह से जिले की 13 खदानों से रेत खनन और परिवहन का काम शुरू हो चुका है। बाकी बची खदानों के लिए भी कागजी कार्यवाही की जा रही है। अनुमति के बाद इन खदानों से भी रेत का खनन शुरू करवाया जाएगा। गौरतलब है कि, जिले की रेत खदानों से खननं शुरू नहीं होने के कारण सप्लायर जिले के बाहर स्तिथ खदानों से रेत लाकर शहर में बेच रहे थे। जिसकी वजह से आम नागरिकों को भी महंगे दामों पर रेत खरीदनी पड़ रही थी, लेकिन अब जिले में ही खदानें शुरू होने के बावजूद आम नागरिकों को सस्ती रेत मिल पाएगी या नहीं यह सवाल खड़ा हो रहा है।
इनका कहना है
लगभग 13 रेत खदानों से खनन की अनुमति दी है। मैं अभी मतगणना स्थल पर हूँ, बाद में ही जानकारी दे पाऊंगा
मनीष पालेवार, जिला खनिज अधिकारी बैतूल




