Betul Ki Khabar: नहर ओवरफ्लो होने से किसानों खेत में जल भराव

अपनी नाकामी छिपाने गोलमोल जवाब दे रहे जलसंसाधन विभाग के अधिकारी

Betul Ki Khabar: बैतूल। जलसंसाधन विभाग की लापरवाही के कारण सापना जलाशय के पानी की बर्बादी हो रही है। अपनी नाकामी को छिपाने के लिए विभाग के अधिकारी गोलमोल जवाब देने में लगे हैं। अधिकारियों की लापरवाही के कारण कई किसानों के खेतों में जल भराव की स्थिति निर्मित हो गई है, किसान परेशान हैं। रबी का सिंचाई कार्य लगभग पूरा होने के बाद भी जल संसाधन विभाग द्वारा सापना जलाशय से नहरों में पानी छोड़ दिया है। नहरों में पानी ओवरफ्लो होने के कारण कई किसानों के खेतों में पानी चला गया और जल भराव की स्थिति बन गई है। फसल खराब होने का खतरा भी बना हुआ है।

नहर में पानी नहीं छोड़ना था, लेकिन सिंचाई के आखरी दौर जहां पानी की उतनी अधिक आवश्यकता नहीं होती है, फिर भी नहर में तेजी से पानी छोड़ा गया। हालात यह है कि कई जगह नहर ओवरफ्लो हो चुकी है। नहरों के क्षतिग्रस्त होने का खतरा भी बना हुआ है। ओवरफ्लो का पानी कुछ किसानों के खेतों में भी चला गया। खेतों में जलभराव होने से फसल पीली पड़ने का खतरा भी बना हुआ है।

टेल एरिया तक नहीं पहुंचा पानी

जानकारी के मुताबिक सापना जलाशय के टेल एरिया में सबसे पहले पानी पहुंचना होता है, ताकि किसान बेहतर सिंचाई कर सके। इस क्षेत्र में पानी पहुंचने से परेशानी होती है। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने टेल एरिया को छोड़कर सभी जगह नहर से पानी पहुंचा दिया। किसान सिंचाई भी कर चुके हैं। अब अंतिम दौर में जलसंसाधन विभाग के अधिकारियों को टेल एरिया के किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने की याद आई। हालात यह है कि टेल क्षेत्र को छोड़कर दूसरे किसानों ने सिंचाई कार्य बंद कर दिया है और नहर में अधिक पानी के कारण ओवरफ्लो हो गई।

स्थिति यह निर्मित हो गई है कि न तो टेल क्षेत्र के किसानों के खेतों तक पानी पहुंच रहा है और न किसान सिंचाई कर पा रहे हैं। इसके विपरित दूसरे एरिया के किसानों को नहर की ओवरफ्लो की मार झेलनी पड़ रही है। कुल मिलाकर जलसंसाधन विभाग के अधिकारियों की लापरवाही सामने आ रही है।

पानी की हो रही बर्बादी

नहरों में तेजी से पानी छोड़कर जलसंसधान विभाग द्वारा केवल पानी की बर्बादी की जा रही है। सरकार बूंद-बूंद पानी बचाने के लिए बड़े अभियान चला रही है, ताकि गर्मी के दिनों में पानी की समस्या से जूझना न पड़े, लेकिन बैतूल के जलसंसाधन विभाग द्वारा पानी को बचाने के बजाए पानी को व्यर्थ बहाने का काम किया जा रहा है। इसी तरह सापना जलाशय से पानी की बर्बादी होते रही तो गर्मी के दिनों में जलाश्य का जलस्तर गिर सकता है और क्षेत्र में जलसंकट की स्थिति भी बन सकती है।

इनका कहना…..

कुछ किसानों ने अचानक सिंचाईकार्य बंद कर दिया जिससे नहरों में वाटर लेवल बढ़ गया है। जानकारी मिलते ही नहर में पानी की सप्लाई को कम कर दिया है। अधिकारियों को भी मौके पर जाकर व्यवस्था देखने के निर्देश दिए हैं।

भूपेंद्र सूर्यवंशी, एसडीओ जलसंसाधन विभाग बैतूल

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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