Betul Samachar: साइट क्लियरेंस में साल भर की सुस्ती, नपा की लापरवाही से विकास कार्य ठप

भूमिपूजन तक सीमित रह गए प्रोजेक्ट, गांधी चौक और चौराहों का चौड़ीकरण अधर में
Betul Samachar: बैतूल। शहर के विकास को नई गति देने के लिए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक बैतूल हेमन्त खण्डेलवाल द्वारा जिस तत्परता से करोड़ों के प्रोजेक्ट स्वीकृत कराए गए, वही उत्साह नगर पालिका परिषद के अधिकारियों में नजर नहीं आ रहा है। नतीजा यह है कि जिन योजनाओं से शहर को राहत मिलनी थी, वे कागजों और भूमिपूजन तक ही सिमट कर रह गई हैं। इससे न सिर्फ विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं, बल्कि जनता के बीच जनप्रतिनिधियों की छवि को भी नुकसान पहुंच रहा है। जिन स्थलों पर $काम होना है उस जगह को क्लियर करने में खुद नपा के अधिकारी दिलचस्पी नहीं ले रहे।
लिहाजा ठेकेदार भी हाथ पर हाथ धरे बैठे हुए हैं। साइट क्लियर करवाने के लिए ठेकेदार राजधानी भोपाल से लेकर स्थानीय स्तर तक करीब आधा दर्जन पत्र लिख चुका है , बावजूद इसके नपा के अधिकारी $काम कौड़ी का नहीं, और फुर्सत घड़ी भर की नहीं की तर्ज पर चल रहे हैं और विपक्षी खेमे को भी बोलने का मौका दिया जा रहा है।
कोठी बाजार स्थित गांधी चौक पर प्रस्तावित अंडरग्राउंड पार्किंग एवं दुकानों के निर्माण की समय-सीमा समाप्त होने में अब महज तीन माह शेष हैं, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि अभी तक निर्माण कार्य शुरू ही नहीं हो सका है। मई 2025 में 4 करोड़ 80 लाख रुपए की लागत से वर्क ऑर्डर जारी कर आनन-फानन में भूमिपूजन तो कर दिया गया, लेकिन इसके बाद नगर पालिका की उदासीनता के चलते काम आगे नहीं बढ़ पाया।
दुकानें नहीं हटीं, ठेकेदार के आवेदन फाइलों में दबे
गांधी चौक पर पार्किंग के साथ तीन ओर दुकानों का निर्माण प्रस्तावित है, लेकिन आज भी वहां मनिहारी, कपड़े, अनाज और सब्जी की दुकानें जस की तस खड़ी हैं। ठेकेदार द्वारा भोपाल स्थित एक्सिक्यूटिव इंजीनियर, सीएमओ और नपाध्यक्ष को अब तक करीब पांच आवेदन दिए जा चुके हैं, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि जैसे ही साइट क्लियर कर जमीन हैंडओवर की जाएगी, तुरंत निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। बावजूद इसके, नगर पालिका अब तक साइट क्लियर कराने में पूरी तरह विफल रही है।
छह प्रमुख चौराहों का चौड़ीकरण भी ठंडे बस्ते में
इसी वर्क ऑर्डर में शहर के गेंदा चौक, कारगिल चौक, पीडब्ल्यूडी चौक, अंबेडकर चौक, शिवाजी चौक और गणेश चौक के चौड़ीकरण का कार्य भी शामिल है। इन चौराहों पर बिजली के पोल और पेड़ आज भी बाधा बने खड़े हैं। नपा अधिकारियों ने न तो बिजली विभाग से समन्वय किया और न ही बाधाओं को हटाने की कोई ठोस पहल की। इससे साफ है कि जिम्मेदार अधिकारी या तो अपनी जिम्मेदारियां भूल चुके हैं या जानबूझकर लापरवाही बरत रहे हैं।
जनता में गलत संदेश, विपक्ष को मिला मुद्दा
नगर पालिका की इस सुस्ती का सीधा असर जनता पर पड़ रहा है। विकास कार्यों में देरी से आमजन में नाराजगी बढ़ रही है, वहीं विपक्ष इसे जनप्रतिनिधियों की विफलता बताकर हवा देने में जुटा हुआ है। जबकि हकीकत यह है कि योजनाओं को स्वीकृति दिलाने में विधायक स्तर पर पूरी मेहनत की गई, लेकिन क्रियान्वयन स्तर पर नपा अधिकारियों की कार्यशैली सवालों के घेरे में है। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या नगर पालिका परिषद इस गंभीर लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करेगी या फिर विकास कार्यों की तरह यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा। यदि जल्द ही साइट क्लियर कर निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो आने वाले समय में शहर को विकास की जगह सिर्फ घोषणाओं और भूमिपूजन की यादें ही मिलेंगी।
इनका कहना…
साइट पर क्लियरेंस को लेकर चर्चा हो चुकी है, जल्द ही ठेकेदार, इंजीनियर को साथ लेकर स्थल क्लियर कर काम शुरू करवाएं जाएंगे।
सतीश मटसेनिया, सीएमओ नपा बैतूल.




