Betul Ki Khabar: नहर दो या जहर दो के नारे के साथ ग्रामीणों का आक्रोश

7 दिन में समाधान नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन की चेतावनी
Betul Ki Khabar: बैतूल। मुलताई वर्धा डेम की मुख्य नहर से नजदीकी गांवों को नहीं जोड़े जाने को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। इसी मुद्दे को लेकर ग्रामीणों ने नहर या जहर दो के नारे लगाते हुए रैली निकाली और अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) मुलताई को ज्ञापन सौंपकर शीघ्र समाधान की मांग की। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 7 दिनों के भीतर उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो वे उग्र आंदोलन एवं धरना प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगे।
ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया कि वर्धा डेम उनके गांवों से मात्र लगभग 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, इसके बावजूद ग्राम गोपालतलाई, चौथिया, सोनोली एवं जामगांव को अब तक नहर से नहीं जोड़ा गया है। हैरानी की बात यह है कि नहर इन गांवों से होकर आगे 30 से 40 किलोमीटर दूर स्थित अन्य गांवों तक पहुंचाई गई है, लेकिन नजदीकी गांवों को सिंचाई सुविधा से वंचित रखा गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि नहर से पानी नहीं मिलने के कारण क्षेत्र के किसानों को खेती के लिए पर्याप्त सिंचाई सुविधा उपलब्ध नहीं हो पा रही है। अधिकांश किसान आज भी वर्षा आधारित खेती करने को मजबूर हैं, जिससे फसलों को बार-बार नुकसान उठाना पड़ रहा है। लगातार घटती पैदावार के कारण किसानों की आर्थिक स्थिति कमजोर होती जा रही है और कर्ज का बोझ बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि वर्धा डेम की मुख्य नहर से उपरोक्त सभी गांवों को तत्काल जोड़ा जाए तथा खेतों तक पानी पहुंचाने की स्थायी और प्रभावी व्यवस्था की जाए।
उन्होंने कहा कि यदि समय रहते नहर से पानी उपलब्ध कराया गया तो क्षेत्र की कृषि व्यवस्था सुदृढ़ होगी और किसानों को राहत मिलेगी। ग्रामीणों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 7 दिनों के भीतर उनकी मांगों पर कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो सभी ग्रामीण चौथिया पंखा पर एकत्र होकर उग्र आंदोलन, धरना प्रदर्शन एवं चक्का जाम जैसे कदम उठाएंगे। आंदोलन के दौरान उत्पन्न होने वाली किसी भी अप्रिय स्थिति की संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। इस रैली और ज्ञापन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान, ग्रामीण एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे, जिन्होंने एकजुट होकर अपनी मांगों को मजबूती से रखा।




