Betul Nagar Palika: बैतूल नपा के चूंगी कर से आमला का बिजली बिल भुगतान

लाखों का बैठ रहा फटका, सीएमओ ने संयुक्त संचालक को पत्र लिखकर जताई नाराजगी
Betul Nagar Palika: बैतूल। नगरीय प्रशासन एवं आवास विकास भोपाल के अधिकारी बड़े अजब गजब कारनामे कर रहे हैं। उन्हें यह भी नहंी पता है कि बैतूल और आमला नगरपालिका अलग-अलग है। यदि नहीं रहती तो बैतूल नगरपालिका को मिलने वाली चूंगी कर से आमला नगरपालिका का लाखों रुपए बिजली बिल की राशि समायोजित नहीं की जाती। शासन के इस रवैए के बाद पिछले कई माह से बैतूल नगरपालिका को लाखों का फटका बैठक चुका है।
इस बार फिर बैतूल नपा को मिलने वाली चूंगी कर में से करीब पांच लाख की राशि संचलनालय ने आमला नपा की बिजली बिल से काट डाली। इस पर नपा के सीएमओ और लेखाधिकारी ने आपत्ति जताई। कुछ दिनों पहले इस संबंध में पत्र लिखकर संयुक्त संचालक वित्त को वास्तविकता बताकर पत्र भी लिखा गया है। हालांकि अब तक इस मामले में कोई सकारात्मक सुधार नहीं हो पाया है।
निकायों को नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग से चूंगी कर का एक मुश्त भुगतान हर माह होते आया है। इसी भुगतान से निकायों को वेतन और अन्य खर्च मेंटेन करना पड़ता है। हालात यह है कि कोरोना के बाद से निकायों को मिलने वाली चूंगी कर की राशि में भरी भरकत कटौती कर दी गई। जानकार सूत्र बताते हैं कि लाड़ली बहना योजना का बजट बढ़ने के बाद अन्य विभागों समेत नगरीय निकाय एवं आवास विभाग के बजट में कैची चलाई गई।
इसका सीधा साइड इफैक्ट निकायों पर पड़ रहा है। जानकार बताते हैं कि बैतूल नगरपालिका को पहले 1 करोड़ 70 लाख का चूंगी कर मिलता था। यह अब केवल 1 करोड़ 5 लाख रुपए तक सीमित रह गया है। 65 लाख की कटौती के बाद भी निकाय इसमें विभिन्न मदों से राशि काटकर नपा की वित्तीय स्थिति को गड़बड़ कर रही है। यही वजह है कि राजस्व वसूली नहीं होने के कारण माह के अंत तक निकायों के कर्मचारियों का पूर्व माह का भुगतान नहीं मिल रहा है। इसका कर्मचारी संगठन लगातार विरोध भी कर रहे हैं।
इस आदेश से बढ़ी नपा की परेशानी
जानकारी के मुताबिक संचालनालय द्वारा बैतूल नगरपालिका को हर माह अलग-अलग राशि का भुगतान किया जाता है। कभी 1.05 करोड़ तो कभी 80 लाख तक चूंगी कर की राशि मिलती है। यह राशि विद्युत कंपनी द्वारा प्रादेशिक स्तर पर निकायों के विद्युत देयकों आदि का कटौत्रा कर बैतूल नपा को भेजी जा रही है। संचालनालय द्वारा नवंबर माह में करीब 60 लाख रुपए का भारी भरकम बिजली बिल की राशि काट ली गई है। जब अधिक राशि काटी तो लेखाधिकारी ने अवलोकन किया तो नवंबर 2025 में 4 लाख 80 हजार से अधिक का बिजली बिल नपा आमला से समायोजित कर लिया गया।
यह पहला अवसर नहीं है, जब आमला नपा का करीब पांच लाख का विद्युत देयक बैतूल नपा के चूंगी कर से काटा गया है। इसके पहले भी ऐसा हो चुका है। इसके बाद दिसंबर में सीएमओ ने लेखाधिकारी के आपत्ति के बाद संयुक्त संचालक वित्त को पत्र लिखकर इस संबंध में अवगत कराया था। हालांकि यह राशि बैतूल नपा को अब तक नहीं मिल पाई है। इस स्थिति में बैतूल नपा को लाखों रुपए का फटका बैठने से वित्तीय स्थिति गड़बड़ाई है।
कर्मचारियों को वेतन के पड़े लाले
सबसे बड़ी बात यह है कि आमला नपा के पांच लाख रुपए के विद्युत देयक का भुगतान चूंगी कर से काटने की राशि मामूली नहीं की जा सकती है। यह बात इसलिए कही जा रही है, क्योंकि बैतूल नपा के करीब 400 स्थाई एवं देवैभो अधिकारी-कर्मचारियों को पिछले 6 माह से समय पर वेतन नहीं मिल पा रहा है। इसके लिए शासन द्वारा चूंगी कर की कटौती किए जाने के अलावा बैतूल नपा राजस्व वसूली की स्थिति दयनीय होना मुख्य वजह बताया जा रहा है। कर्मचारी संगठन भी वेतन समय पर न मिलने के कारण विरोध कर रहे हैं, लेकिन बैतूल नपा की माली हालत नहीं सुधरी है। कई निर्माण कार्य भी ठेकेदारों को भुगतान नहीं होने के कारण अटके पड़े हैं। ऐसे में चूंगी कर की राशि से दूसरे निकायों के विद्युत देयकों का भुगतान करना बैतूल नपा के लिए मुसीबत बनते जा रहा है।
इनका कहना…
बैतूल नपा को हर माह पहले लगभग 1.70 करोड़ का चूंगी कर मिलता था, लेकिन अब कटौत्रा कर 1.05 करोड़ की राशि मिल रही है। आमला नपा के विद्युत देयकों की राशि काटने को लेकर हमने संयुक्त संचालक वित्त को पत्र लिखकर आपत्ति जताई है। शीघ्र ही इस मामले का निराकरण हो जाएगा।
सतीष मटसेनिया, सीएमओ नपा बैतूल।




