Betul News: तालमेल के अभाव में विकास कार्यों की खुल रही पोल

ठेकेदार और निर्माण एजेंसियों की खींचतान का शहरवासी भुगत रहे खामियाजा, विधायक के निर्देश भी हवा में
Betul News: बैतूल। शहर में विकास कार्यों को गति देने के लिए बैतूल विधायक एवं प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमन्त खण्डेलवाल लगातार प्रयासरत हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर नगर पालिका और पीडब्ल्यूडी के अधिकारी और निर्माण कार्य कर रहे ठेकेदार इन प्रयासों को पलीता लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।
ताजा मामला कोतवाली से लल्ली चौक तक बनी व्हाइट टॉपिंग सड़क और कारगिल चौक से गड़ाघाट रोड निर्माण से जुड़ा है, जहां बिजली पोल और ट्रांसफार्मर विकास कार्यों में सबसे बड़ी बाधा बनकर खड़े हैं। जो काम सबसे पहले किया जाना था वह अभी तक पूर्ण नहीं किया जा सका है। यही हाल गाढ़ा घाट रोड का भी नजर आ रहा है। ठेकेदार ने सड़क बनाने के लिए खुदाई शुरू कर दी है, लेकिन बीच रास्ते मे खड़े बिजली पोल कब तक हटाये जाएंगे इसका कोई ठिकाना नहीं है।

थाना रोड पर बिना पोल हटाए बना दी गई सड़क लगा दिए ब्लाक
कोतवाली से लल्ली चौक (थाना रोड) तक बनाई गई व्हाइट टॉपिंग सड़क के निर्माण से पहले बिजली पोल और ट्रांसफार्मर शिफ्ट किए जाने थे। नियमों के मुताबिक यह जिम्मेदारी सबसे पहले पूरी होनी चाहिए थी, लेकिन अधिकारियों की उदासीनता का नतीजा यह रहा कि ठेकेदार को समय सीमा के दबाव में बिना पोल हटाए ही सड़क निर्माण करना पड़ा। वर्तमान में करीब 15 बिजली पोल और 6 ट्रांसफार्मर सड़क के बीचोंबीच खड़े हैं, जो कभी भी बड़ी दुर्घटना और जनहानि का कारण बन सकते हैं।
भुगतान अटका, काम ठप
जानकारी के अनुसार यहां जिस ठेकेदार को बिजली पोल हटाने का टेंडर दिया गया था, उसे नगर पालिका द्वारा पहले के कार्यों का भुगतान अब तक नहीं किया गया है। इसी वजह से अभी तक थाना रोड पर न तो बिजली पोल शिफ्ट हो सके और न ही ट्रांसफार्मर हटाए जा सके हैं। इसका सीधा खामियाजा आम नागरिकों को उठाना पड़ रहा है, जो हर दिन जोखिम के बीच इस सड़क से गुजरने को मजबूर हैं।
गड़ाघाट रोड पर भी वही कहानी दोहराने की आशंका
कुछ ऐसा ही हाल कारगिल चौक से गड़ाघाट तक लगभग 7 करोड़ रुपए की लागत से बन रही सड़क का भी है। ठेकेदार ने यहां खुदाई तो शुरू कर दी है, लेकिन बिजली पोल शिफ्टिंग को लेकर अभी तक कोई ठोस स्थिति सामने नहीं आई है। बताया जा रहा है कि,बिजली कंपनी ने करीब 100 पोल हटाने के लिए पीडब्ल्यूडी को 1 करोड़ 20 लाख रुपए का स्टीमेट सौंपा है, जिसे देखकर अधिकारियों के भी होश उड़े हुए हैं।
विभागीय तालमेल की कमी, जनता परेशान
अब बताया जा रहा है कि स्टीमेट को लेकर पीडब्ल्यूडी और बिजली कंपनी के बीच चर्चा चल रही है और पत्र व्यवहार किया जा रहा है। डील फाइनल होने के बाद ही पोल शिफ्टिंग का काम शुरू होगा। यह प्रक्रिया कितने दिन चलेगी, इसका जवाब किसी के पास नहीं है। आशंका जताई जा रही है कि यदि समय रहते पोल नहीं हटे, तो गड़ाघाट रोड पर भी थाना रोड जैसी स्थिति बन सकती है और ठेकेदार को मजबूरी में बिना पोल हटाए ही सड़क बनानी पड़ सकती है।
शहर में विकास के नाम पर हो रही इस लापरवाही ने न केवल प्रशासनिक कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि आम नागरिकों की सुरक्षा को भी खतरे में डाल दिया है। अब देखना यह है कि जिम्मेदार अधिकारी कब तक एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालते रहेंगे और कब इस गंभीर समस्या का ठोस समाधान निकलेगा।
इनका कहना…..
गाड़ाघाट सड़क से बिजली पोल हटाये जाने हैं। बिजली कम्पनी ने स्टीमेट दिया था, लेकिन स्टीमेट ज्यादा होने की वजह से थोड़ा विलंब हो रहा है। जल्द ही निराकरण हो जाएगा।
डी एस परमार एसडीओ पीडब्ल्यूडी
थाना रोड पर बिजली पोल और ट्रांसफार्मर की जल्द शिफ्टिंग के लिए ठेकेदार को कहा गया है, तीन चार दिनों में शिफ्टिंग का काम शुरू कर दिया जाएगा।
अमित सक्सेना , विद्युत शाखा प्रभारी नपा बैतूल




