जंगल की जमीन पर कब्जा, अतिक्रमणकारी महिलाओं को कर रहे आगे

इसलिए कार्रवाई में हो रही देरी, मामला भौंरा परिक्षेत्र में वन भूमि पर कब्जे का

बैतूल। उत्तर वन मंडल के भौंरा परिक्षेत्र में अज्ञात अतिक्रमणकारियों की गतिविधियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। लगभग 150 अतिक्रमणकारियों में अब महिलाएं भी शामिल हो चुकी हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कोयलारी बीट के कम्पार्टमेंट नम्बर 160 में बैठे अतिक्रमणकारियों की गतिविधि दिन प्रतिदिन बढ़ रही है। वह अमला दिन रात निगरानी में लगा हुआ है, लेकिन अधिकारियों द्वारा इस मामले में अभी तक निर्णय नहीं लिया जा सका है। इसकी वजह से हमारी भी रोजी रोटी छीने जाने का खतरा मंडरा रहा है।

इधर मैदानी अमले का कहना है कि, अतिक्रमणकारियों में अब उनके घर की महिलाएं भी शामिल हो रही हैं। जरा सी भी सख्ती करने पर अतिक्रमणकारी महिलाओं को आगे कर रहे हैं। इसकी वजह से हमे भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस गम्भीर मामले का सबसे खास पहलू यह है कि कार्यवाही करने में वनविभाग के अधिकारी भी फूंक-फूंक कर कदम रख रहे हैं, ताकि अतिक्रमणकारियों को बिना किसी व्यवधान के यहां से हटाया जा सके।

वन अमले पर भारी पड़ रही महिलाएं

मामले को लेकर निगरानी दल का नेतृत्व कर रहे धार सर्किल डिप्टी रेंजर राजेंद्र तिवारी ने बताया कि कोयलारी बीट के सिरघाट में 150 अतिक्रमणकारी पहले से ही बैठे हुए हैं। अब इनके घरों की महिलाएं भी शामिल हो चुकी हैं। अधिकारियों के निर्देशानुसार मैदानी अमला निरन्तर निगरानी कर रहा है। किसी भी गतिविधि को रोकने की कोशिश की जाती है तो महिलाओं को सामने कर दिया जा रहा है। ऐसी विपरीत परिस्थितियों में अमले को भी सतर्कता बरतनी पड़ रही है। हालात दिन प्रतिदिन बिगड़ते ही जा रहे हैं।

पर्दे के पीछे से अतिक्रमणकर्ताओं की सहायता करने की संभावना

उत्तर वन मण्डल की कोयलारी बीट में घुस आए अज्ञात अतिक्रमणकारियों को लेकर अब वन विभाग प्रत्येक संभावनाओं पर फूंक फूंक कर कदम रख रहा है। कयास ये भी लगाए जा रहे हैं कि, इन अज्ञात अतिक्रमणकर्ताओं के पीछे किसी संगठन का भी हाथ हो सकता है जो पर्दे के पीछे रहकर जंगल की जमीन के मामले में अतिक्रमणकर्ताओं की सहायता कर रहा है। इन संभावनाओं को देखते हुए, वन, राजस्व, और जिला प्रशासन बकायदा कार्य योजना के साथ कार्यवाही करने का भरोसा दे रहे हैं।

वन अधिकारियों का कहना है कि जंगल की जमीन पर बैठे अतिक्रमणकारियों को योजना के साथ हटाना पहली प्राथमिकता है। इसकी जानकारी कलेक्टर नरेंद्र सुर्यवंशी को भी दी गयी है। जल्द ही प्रशासनिक अधिकारियों, वनविभाग के साथ साथ स्थानीय विधायकों की बैठक लेकर इस पर विचार विमर्श किया जाकर रणनीति बनाई जाएगी। सभी दस्तावेज तलब कर जांच करेंगे। इसके बाद ही कब्जा हटाने की कार्यवाही की जाएगी।

इनका कहना……

जंगल की जमीन पर कब्जा गम्भीर मामला है। कलेक्टर को अवगत करा दिया गया है, स्थानीय विधायकों के साथ बैठक कर कार्यवाही का निर्णय लेंगे

सुधांशु शेखर, वन मंडल अधिकारी उत्तर बैतूल

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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