Betul News: संगठन पर परिवारवाद का आरोप लगाकर सदन आर्य का पार्टी से इस्तीफा
Betul News: Sadan Arya resigns from the party accusing the organization of nepotism

प्रदेश अध्यक्ष को पत्र लिखकर लगाएं कई आरोप, संचालक मंडल चुनाव के बाद एक और बवाल
Betul News: बैतूल। चिचोली की भाजपा राजनीति में कलह थमने का नाम नहीं ले रही है। एक के बाद एक इस्तीफे और आरोपों की झड़ी से कई सवाल खड़े होने लगे हैं। चिचोली के स्थानीय नेताओं पर लग रहे गंभीर आरोपों के बाद अब जिले के वरिष्ठ नेतृत्व का टेंशन भी बढ़ने लगा है। संचालक मंडल चुनाव से शुरू हुआ यह विवाद बढ़ते ही जा रहा है।
अब जिला सहकारी कृषि एवं ग्रामीण (भूमि विकास) बैंक के पूर्व अध्यक्ष और भाजपा के चिचोली नगर मंडल के वरिष्ठ कार्यकर्ता सदन आर्य ने प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा को पत्र लिखकर पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से त्यागपत्र देने की घोषणा की है। प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा को लिखे पत्र में आर्य ने संगठन में जातिवाद, परिवारवाद और माफियाओं को संरक्षण देने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि इन कारणों से वे बेहद निराश हैं और अब पार्टी में बने रहना उनके लिए संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि एक या दो परिवार के लोगों को ही विभिन्न पदों पर बैठाने और माफियाओं को संरक्षण देने जैसी गतिविधियों के कारण उन्होंने यह निर्णय लिया है।
परिवारवाद का भी लगाया आरोप
उन्होंने पत्र में लिखा है कि लम्बे समय से जिला संगठन में अपनाए जा रहे रवैये से वे अत्यंत दुखी हैं। एक या दो परिवार के लोगों को ही विभिन्न पदों पर बैठाने, जातिवाद और परिवारवाद को बढ़ावा देने तथा पैसे वाले माफियाओं को संरक्षण देने जैसी गतिविधियों के कारण संगठन में पदों के बिकने की धारणा बन रही है। सदन आर्य ने बताया कि इन सभी कारणों से निराश होकर वे भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे रहे हैं। उन्होंने अपने पत्र की प्रतिलिपि प्रदेश संगठन महामंत्री, मुख्यमंत्री मोहन यादव, शिवराज सिंह चौहान, संघ के केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, विधानसभा अध्यक्ष दुर्गादास उईके, केंद्रीय राज्यमंत्री एवं सांसद बैतूल श्रीमती गगाबाई सज्जन सिंह उईके और विधायक घोड़ाडोंगरी को भी भेजी है। इस त्यागपत्र से पार्टी के भीतर मची हलचल से स्पष्ट है कि संगठन में कुछ मुद्दों को लेकर असंतोष बढ़ रहा है। सदन आर्य का यह कदम पार्टी के लिए एक चेतावनी है कि उसे संगठन में सुधार की दिशा में कदम उठाने की जरूरत है।
भाजपा में जारी है फुट का सिलसिला
भाजपा में पिछले कुछ समय से लगातार अंदरूनी विवाद और फुट की खबरें सामने आ रही हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच मतभेद और असंतोष के चलते संगठन में अस्थिरता का माहौल बनता जा रहा है। इस फुट से पार्टी की छवि पर भी असर पड़ रहा है और आगामी चुनावों में इसका प्रभाव देखने को मिल सकता है। चिचोली नगर मंडल के उपाध्यक्ष दिलीप यादव ने भी विगत दिनों पार्टी के जिला अध्यक्ष आदित्य बबला शुक्ला को अपने पद से इस्तीफा देने का ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में यादव ने पार्टी के भीतर के गहरे असंतोष और भेदभावपूर्ण व्यवहार को लेकर चौंकाने वाले आरोप लगाए हैं। यादव ने आरोप लगाया है कि उनके परिवार ने दशकों से पार्टी के लिए संघर्ष किया है, लेकिन उन्हें बार-बार प्रताड़ित किया गया।
भाजपा में सब ठीक नहीं चल रहा
यह बात सार्वजनिक होते जा रही है कि भाजपा में भी धीरे-धीरे गुटबाजी बढ़ते जा रही है। वरिष्ठों को दरकिनार कर युवाओं को मौका देने के कारण ही यह स्थिति निर्मित हुई है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण घोड़ाडोंगरी विस में देखने को मिल रहा है। यहां पर क्षेत्रीय विधायक ने ताबड़तोड़ विधायक प्रतिनिधि मनोनीत करने में युवाओं को मौका दे दिया। इसके बाद पूरे क्षेत्र में नाराजगी बढ़ी तो सभी से इस्तीफा लेना पड़ा। कुछ दिन पहले ही चिचोली नगर मंडल के उपाध्यक्ष दिलीप यादव ने आरोप लगाकर जिला अध्यक्ष को इस्तीफा सौंपा था। इसके बाद वरिष्ठ नेता सदन आर्य के इस्तीफा देने से अंदाजा लगाया जा सकता है कि भाजपा में सबकुछ ठीकठाक नहीं चल रहा है।





