Betul News : हिवरखेड़ के किसानों ने संभाली नहर मरम्मत की कमान

सिंचाई के लिए नहीं मिला पानी तो नहर की मरम्मत के लिए खुद को करना पड़ा पहल
Betul News : बैतूल। ग्राम हिवरखेड़ के परसोड़ी जलाशय कमांड एरिया में जल संसाधन विभाग की लापरवाही से त्रस्त किसानों ने आखिरकार खुद मोर्चा संभाल लिया है। विभागीय अनदेखी के चलते जहां खेतों में खड़ी फसलें सूखने की कगार पर हैं, वहीं अन्नदाता किसानों को अपने श्रम और संसाधनों से नहर की सफाई व मरम्मत कर खेतों तक पानी पहुंचाने को मजबूर होना पड़ा है। ग्राम के करीब दो दर्जन से ज्यादा किसान ऐसे हैं, जिनके खेतों तक नहर का पानी अवरुद्ध हो रहा है। किसानों ने इस समस्या से कलेक्टर सहित सम्बन्धित विभाग के अधीकारियों को अवगत भी कराया, लेकिन समय रहते किसानों की समस्या पर ध्यान नहीं दिया जा सका है। लिहाजा हारकर किसानों ने खुद मोर्चा संभाला और सफाई मरम्मत के काम मे जुट गए हैं।
15 दिन पहले प्रशासन को दे दी गई थी सूचना
किसानों का कहना है कि नहर में लंबे समय से गाद, झाड़ियां और टूट-फूट के कारण पानी का प्रवाह बाधित था। इस गंभीर समस्या को लेकर करीब 15 दिन पूर्व जल संसाधन विभाग को लिखित सूचना दी गई थी। इसके साथ ही कलेक्टर को भी अवगत कराया गया, लेकिन न तो विभागीय अमला मौके पर पहुंचा और न ही किसी प्रकार की मरम्मत या सफाई का कार्य शुरू किया गया। समस्या के समाधान में हो रही देरी का सीधा असर किसानों की फसलों पर पड़ रहा है। सिंचाई के अभाव में खड़ी फसलें मुरझाने लगीं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान का खतरा पैदा हो गया। मजबूरी में किसानों ने आपस में श्रमदान कर नहर की खुदाई, सफाई और क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत शुरू कर दी।
अन्न दाता की अनदेखी बन सकती है आक्रोश
किसानों का आरोप है कि सिंचाई व्यवस्था दुरुस्त रखना जल संसाधन विभाग की जिम्मेदारी है, लेकिन समय पर कार्रवाई न होने से उन्हें यह जोखिम उठाना पड़ा। नहर की सफाई के दौरान किसी प्रकार की दुर्घटना होने की आशंका भी बनी हुई है, जिसकी जिम्मेदारी कौन लेगा, यह बड़ा सवाल है। ग्रामीणों ने मांग की है कि जल संसाधन विभाग तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थायी समाधान करे, ताकि भविष्य में किसानों को इस तरह खुद काम करने को मजबूर न होना पड़े। साथ ही लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए। अन्नदाता की अनदेखी यदि इसी तरह जारी रही, तो किसानों का आक्रोश और बढ़ सकता है।
इनका कहना….
अभी मैं बैठक में व्यस्त हूूं। बाद में जानकारी दे पाऊंगा।
सीएल मरकाम, ईई जल संसाधन विभाग बैतूल




